एनीकट से दो राज्यों की सरहद पर तैयार हुआ नया बाजार, लोगों को मिला रोजगार

Ambikapur News - भास्कर संवाददाता|रामानुजगंज जल संसाधन विभाग द्वारा नगर के मां महामाया मंदिर के पास कन्हर नदी में कुछ साल पहले...

Bhaskar News Network

Apr 16, 2019, 07:35 AM IST
Ramanujnagar News - chhattisgarh news new market ready on the outskirts of two states anisit got jobs
भास्कर संवाददाता|रामानुजगंज

जल संसाधन विभाग द्वारा नगर के मां महामाया मंदिर के पास कन्हर नदी में कुछ साल पहले करोड़ों की लागत से बनाया गया एनीकट दो प्रदेश के लोगों के लिए आने-जाने के शार्टकट रास्ते के रूप में एक वरदान साबित हुआ है।

एक ओर जहां इस एनिकट बनने से झारखंड के ग्राम पंचायत चुटिया के आश्रित ग्राम गोदरमाना का छत्तीसगढ़ से दूरी 3 किलोमीटर की जगह सिर्फ आधा किलो मीटर रह गई वहीं इसके किनारे लगने वाला बाजार धीरे-धीरे दोनों प्रदेश के लोगों के लिए रोजी-रोटी का बढ़ा जरिया बनता जा रहा है। कन्हर नदी में बने एनीकट से छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के लोग रोज अपने कारोबार एवं काम के चलते पैदल आना जाना आसानी से कर रहे हैं। एनीकट के बनने से पहले झारखंड के सीमावर्ती इलाके के लोगों को जहां पुराने कन्हर पुल से घूम कर तीन किलोमीटर रामानुजगंज मुख्य बाजार तक खरीदारी के लिए आना पड़ता था वह दूरी अब आधा किलोमीटर मीटर रह गई। एनीकट के किनारे रामानुजगंज वाले हिस्से में रविवार एवं गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में झारखंड के गोदरमाना सहित स्थानीय लोग खरीददारी करते आते हैं। धीरे-धीरे यह बाजार के रूप में स्थापित होने लगा है। एक तरह से एनीकट कई लोगों के रोजगार का जरिया बन गया है। एनीकट के दोनों ओर यानी छत्तीसगढ़ एवं झारखंड की सीमा में दर्जनों दुकानें लगने लगी हैं। जो लोग पहले पैदल रामानुजगंज या गोदरमाना आते-जाते थे, उनके लिए यह एनीकट वरदान साबित हो रहा है।

कन्हर नदी के किनारे लग रहा हाट बाजार।

गोदरमाना साप्ताहिक बाजार हुआ गुलजार

एनीकट बनने से सबसे ज्यादा फायदा झारखंड के गोदरमाना इलाके को मिला है। इसके कारण गोदरमाना बाजार एक बार फिर से गुलजार हो गया है। रामानुजगंज सहित आसपास के दर्जनों गांव के लोग एनीकट बनने से अब गोदरमाना बाजार जाना पसंद करते हैं। गोदरमाना का साप्ताहिक बाजार एनीकट के करीब ही लगने लगा है।

भास्कर संवाददाता|रामानुजगंज

जल संसाधन विभाग द्वारा नगर के मां महामाया मंदिर के पास कन्हर नदी में कुछ साल पहले करोड़ों की लागत से बनाया गया एनीकट दो प्रदेश के लोगों के लिए आने-जाने के शार्टकट रास्ते के रूप में एक वरदान साबित हुआ है।

एक ओर जहां इस एनिकट बनने से झारखंड के ग्राम पंचायत चुटिया के आश्रित ग्राम गोदरमाना का छत्तीसगढ़ से दूरी 3 किलोमीटर की जगह सिर्फ आधा किलो मीटर रह गई वहीं इसके किनारे लगने वाला बाजार धीरे-धीरे दोनों प्रदेश के लोगों के लिए रोजी-रोटी का बढ़ा जरिया बनता जा रहा है। कन्हर नदी में बने एनीकट से छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के लोग रोज अपने कारोबार एवं काम के चलते पैदल आना जाना आसानी से कर रहे हैं। एनीकट के बनने से पहले झारखंड के सीमावर्ती इलाके के लोगों को जहां पुराने कन्हर पुल से घूम कर तीन किलोमीटर रामानुजगंज मुख्य बाजार तक खरीदारी के लिए आना पड़ता था वह दूरी अब आधा किलोमीटर मीटर रह गई। एनीकट के किनारे रामानुजगंज वाले हिस्से में रविवार एवं गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में झारखंड के गोदरमाना सहित स्थानीय लोग खरीददारी करते आते हैं। धीरे-धीरे यह बाजार के रूप में स्थापित होने लगा है। एक तरह से एनीकट कई लोगों के रोजगार का जरिया बन गया है। एनीकट के दोनों ओर यानी छत्तीसगढ़ एवं झारखंड की सीमा में दर्जनों दुकानें लगने लगी हैं। जो लोग पहले पैदल रामानुजगंज या गोदरमाना आते-जाते थे, उनके लिए यह एनीकट वरदान साबित हो रहा है।

एनीकट के किनारे दुकान लगाने से हुआ फायदा

रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में छत्तीसगढ़ की सीमा में अब काफी दुकानें लगने लगी हैं। दुकानदारों ने बताया कि साप्ताहिक बाजार में अच्छी दुकानदारी हो रही है। व्यवसायी सिपिन गोस्वामी ने बताया कि एनीकट से आने जाने वालों की संख्या हम लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। पहले वे रामानुजगंज के पीपल चौक में दुकान लगाते थे।

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