मालवाहक वाहनों में माल नहीं सवारी ढोई जा रही जांच के नाम कट रहा चालान, की जा रही वसूली

Ambikapur News - भास्कर संवाददाता | बैकुंठपुर जिले में हर दिन मालवाहक वाहनों में सुबह से शाम तक सवारी ढाेई जा रही है। बावजूद इसके...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 06:25 AM IST
Ambikapur News - chhattisgarh news recovery of the challan being cut in the name of the check being carried out in the cargo vehicles
भास्कर संवाददाता | बैकुंठपुर

जिले में हर दिन मालवाहक वाहनों में सुबह से शाम तक सवारी ढाेई जा रही है। बावजूद इसके लिए पुलिस और यातायात विभाग की कार्रवाई वसूली तक सीमित रहती है।

वहीं वैवाहिक सीजन 16 अप्रैल से शुरू हो गया है। जिले के ग्रामीण इलाकों में पिकअप, ट्रैक्टर- ट्रौली में बारातियों को ढोया जा रहा है। जबकि इससे इस तरह के अवैध ट्रांसपोर्टिंग सिस्टम के कारण हर साल दर्जनभर दुर्घटनाएं होती हैं। इसमें सवारी की मौत भी हो जाती है। इसका पीड़ित के परिजन को मुआवजा तक नहीं मिल पाता हैं। क्योंकि इस वाहन का इंश्योरेंस माल परिवहन के लिए किया जाता हैं। वैवाहिक सीजन के साथ में 23 अप्रैल को चुनाव होना है। इसके लिए बड़ी संख्या में वाहनों का अधिग्रहण करने से जिले में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग परिवहन के लिए ट्रैक्टर,पिकअप और मेटाडोर में लोगों को ढोया जाता है। जानकारी के अनुसार माल वाहक वाहनों के संचालन के लिए मासिक शुल्क निर्धारित है इसलिए कार्रवाई कार्रवाई नहीं होती है।

शराब पीकर दौड़ा रहे गाड़ी, लोग भी ठस कर बैठ रहे

बाराती गाड़ी पलटने के पीछे मुख्य कारण शराब पीकर व लापरवाही से वाहन चलाना होता है। अक्सर ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं, इसलिए दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों की मानें तो पिकअप समेत ट्रैक्टर- ट्रैक्टर- ट्रॉली में बारात ले जाने वालों की चेकिंग बढ़ानी चाहिए, इससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती हैं।

दुर्घटना पर नहीं मिलता मुआवजा, क्योंकि वाहन का इंश्योरेंस माल ढोने के लिए होता है

शहर के मुख्य मार्ग पर एक वाहन के ऊपर रखा माल व लटकते यात्री।

वाहनों के पलटने के बाद भी नहीं लिया जाता सबक

शादी-सीजन में बाराती वाहन पलटने की लगातार घटनाएं हो रही हैं और जरा सी लापरवाही से लोगों की जान तक जा रही है। इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं। मालवाहक वाहनों में क्षमता से कई गुना ज्यादा लोगों को बैठाकर फर्राटा भरते देखा जा रहा है। पिकअप, ट्रैक्टर- ट्रॉली, मेटाडोर जैसी गाड़ियों ने बाराती गाड़ी का रूप ले लिया है। जबकि मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मालवाहक वाहनों को सिर्फ सामान ढोने के लिए ही प्रयोग में लाया जा सकता है।

पिकअप पलटी, 6 घायल एक अंबिकापुर रैफर

सोमवार को पटना थानांतर्गत पिकअप पलटने से आधा दर्जन ग्रामीण घायल हुए थे। इनमें से एक को गंभीर चोट आने के कारण जिला अस्पताल से अंबिकापुर रैफर किया। इधर मंगलवार को भी जिला मुख्यालय में ट्रैक्टर- ट्रॉली, पिकअप, मेटाडोर जैसे वाहनों से सवारी ढोने का नजारा दिखा।

सवारियों को समझाते हैं, लेकिन ड्राइवर नहीं मानते हैं

एएसपी पंकज शुक्ला ने कहा कि माल वाहक गाड़ियों में सवारी ढोने की जानकारी मिलती है, लेकिन वे शहर से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में शॉर्टकट सड़क से निकल जाते हैं। पुलिस के द्वारा ऐसे वाहन के ड्राइवरों साथ सवारी को समझाइश देने के साथ कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन वाहनों के ड्राइवर नहीं मानते हैं। अब अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू करेंगे।

एसपी ने ड्राइवरों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावानी दी

जानकारी के अनुसार मालवाहकों वाहनों में ढोना गैरकानूनी है। ऐसा होने पर एमवी एक्ट की धारा-184 और 192-ए के तहत सख्त कार्रवाई करने का प्रावधान है। इधर एसपी मनीष शर्मा ने नियमों का उल्लंघन करने पर पिकअप, ट्रैक्टर ड्राइवरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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