--Advertisement--

सीएम की मंजूरी फिर भी टीपी नगर के लिए नहीं मिला फंड

शहर में दस सालों से अधूरे ट्रांसपोर्टनगर के लिए सीएम ने पांच महीने पहले 12 करोड़ की मंजूरी दी थी पर अब तक फंड जारी नहीं...

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 02:00 AM IST
शहर में दस सालों से अधूरे ट्रांसपोर्टनगर के लिए सीएम ने पांच महीने पहले 12 करोड़ की मंजूरी दी थी पर अब तक फंड जारी नहीं हुआ। नगरीय निकाय से स्वीकृति मिलने के बाद फाइल वित्त विभाग में अटकी हुई है।

वहां के अधिकारियों का कहना है कि इसकी पड़ताल चल रही है। फंड नहीं मिलने से टीपी नगर का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। गहिरा गुरु वार्ड में ट्रांसपोर्टनगर तैयार होना है। काम नहीं होने से सड़कों के किनारे से गैरेजों की शिफ्टिंग नहीं हो पा रही है। शहर में इस तरह के सौ करोड़ से अधिक के एक दर्जन से अधिक काम भी फंड के चक्कर में अटके हुए हैं। पालिका बाजार, महिलाओं के लिए समृद्धि बाजार जैसे कामों के पिछले कई सालों से बजट फेल हो रहे हैं। सभापति शफी अहमद बुधवार को नगरीय निकायों की बैठक में इन कामों की सूची लेकर रायपुर जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार आमने-सामने सीधी बात करेंगे। सभापति ने कहा कि शासन के आश्वासन से फंड की उम्मीद में कई सालों से इस तरह के सौ करोड़ के अधिक का बजट फेल हो रहा है। हमारी एक ही मांग है कि शासन अगर योजनाएं चला रही है तो फंड दे नहीं तो ऐसी योजनाएं बंद कर दे ताकि लोगों से झूठा वादा न किया जाए।

मंत्री से सभापति आज शहर के इन कामों के लिए करेंगे दो टूक बात, एक अरब के ऐसे कई बड़े काम भी हैं अटके

रायपुर में नगरीय निकायों की बैठक में शहर के कामकाज की होगी समीक्षा

सड़कों पर एलईडी लाइट बंद कराने की करंेगे मांग

शहर में रोड लाइट की नई योजना के तहत पुराने लाइट बदलकर एलईडी के वल्ब लगाए जा रहे हैं। करीब दस करोड़ इस योजना पर खर्च हो रहे हैं। 11 हजार में से करीब दस हजार खंभों में लाइट लगा दी गई लेकिन कहीं वोल्टेज कम है तो कहीं लाइट नहीं जल रही है। छह सौ से अधिक खंभों में इस तरह से लाइट खराब है। शिकायत के बाद भी कंपनी लाइट नहीं ठीक करा रही है। मेयर अजय तिर्की ने कहा कि रोड लाइट चौपट हो गई है। इससे अच्छी पुरानी व्यवस्था थी। हमारी मांग है कि लाइट ठीक कराई जाए तो फिर एलईडी लाइट सड़क पर प्रतिबंधित किया जाए।

तालाबों का सौंदर्यीकरण के लिए 5 करोड़ का प्रस्ताव लेकिन एक के लिए मंजूरी नहीं

शहर में खराब हो रहे तालाबों के सौँदर्यीकरण के लिए दो साल पहले 5 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया लेकिन एक भी तालाब के लिए मंजूरी नहीं मिली। सरोवर धरोहर योजना के तहत तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाना था। पांच करोड़ रूपए इस पर खर्च होने थे लेकिन इस योजना के तहत एक भी तालाब में काम नहीं हुआ। चार सालों से स्वीकृत करसू तालाब का सौंदर्यीकरण अभी भी अधूरा है। 39 लाख रूपए इस तालाब के लिए स्वीकृत हुए थे और आधे अधूरे काम कर छोड़ दिया गया।

स्वावलंबन योजना में दस सालों में एक भी दुकान नहीं बनी

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में पिछले दस सालों में शहर में एक भी दुकान तैयार नहीं हुई। इसके लिए भी फंड नहीं मिल रहा है। निगम द्वारा एक हजार दुकानें जबकि पांच सौ गुमटियों के लिए प्रस्ताव भेजा गया लेकिन फंड नहीं मिला। इधर पुराना बस स्टैंड, प्रतीक्षा बस स्टैंड, राजमोहनी भवन के पीछे और व पुराने मंगल भवन के पास व्यावसायिक कांप्लेक्स बनने थे। 25 करोड़ रूपए इसके लिए फंड का प्रावधान किया गया था लेकिन एक भी जगह काम नहीं हुआ। इधर पुराने बस स्टेंड में सरकार से कर्ज लेकर व्यावसायिक कांप्लेक्स की तैयारी चल रही है लेकिन इसका प्लान ही फाइनल नहीं हुआ है।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..