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45 साल पुराने सिस्टम से आधे शहर में हो रही पानी की सप्लाई

रायपुर में पीलिया के प्रकोप के मद्देनजर शहर में एक तरफ सतर्कता बरती जा रही है वहीं दूसरी ओर आधे से अधिक इलाके में अब...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:00 AM IST

45 साल पुराने सिस्टम से आधे शहर में हो रही पानी की सप्लाई
रायपुर में पीलिया के प्रकोप के मद्देनजर शहर में एक तरफ सतर्कता बरती जा रही है वहीं दूसरी ओर आधे से अधिक इलाके में अब भी 45 साल पुरानी व्यवस्था से पानी की सप्लाई हो रही है। इन क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई के लिए लगे पाइप जंग खाकर जर्जर हो गए हैं। इससे पाइप में लीकेज की समस्या खड़ी हो गई है।

ज्यादातर क्षेत्रों में पाइप नालियों के नीचे दबे हैं इसलिए बचाव के कोई उपाय भी काम नहीं आ रहे हैं। कई जगहों पर नालियों का गंदा पानी पाइप में जा रहा है जिसका लोग उपयोग कर रहे हैं। दूषित पानी सेहत के लिए खतरनाक है। पार्षदों की शिकायत पर कई वार्डोँ में लीकेज का पता लगाया जा रहा है। कर्मियों का कहना है कि कई जगह मुश्किल से लीकेज का पता चल रहा है। सड़क और नालियों के नीचे कई जगहों पर पाइप दब गए हैं। कई जगहों पर हैंडपंप नालियों के आसपास हैं जिससे पानी प्रदूषित हो रहा है।

कई हैंडपंपों के पानी में हार्डनेस की समस्या है। ज्यादातर लोगों को न तो इसकी जानकारी और न ही इससे बचाव के लिए उनके पास कोई उपाय हंै। हालांकि निगम का दावा है कि पानी सुरक्षित है। 48 वार्डों वाले नगर के 27 पुराने वार्डों में यह समस्या है। पानी सप्लाई के लिए 70 के दशक में इन क्षेत्रों में पाइप लाइन का विस्तार हुआ था। 45 किलोमीटर लंबाई में जिस दौर में पाइप लगाए गए थे तब शहर की आबादी कम थी और बसाहट भी आज जैसी नहीं थी। नगर के मायापुर, नमनाकला व जिला अस्पताल से लगे पानी टंकी से पूरे शहर को पानी मिल जाता था। आबादी के साथ बसाहट बढ़ती चली गई और विकास का स्वरूप व समस्या भी बढ़ती चली गई।

सड़कें चौंड़ी हुईं, नालियां बनी। इससे पाइप दबते चले गए। कई क्षेत्रों में हालत यह है कि पुराने पाइप को लीकेज ठीक करने के लिए लिए खोजना मुश्किल हो गया है। यह समस्या शहर की संकरी गलियों के अलावा बड़े मार्गों में भी है। शहर के मायापुर, बौरीपारा, रसूलपुर, मोमिनपुरा, सत्तीपारा,, संगम गली, जिला अस्पताल मार्ग में समस्या ज्यादा है।

पाइप लाइन में लीकेज से बीमारी का डर, कई क्षेत्रों में पाइप जर्जर, पाइप में नालियों का पानी घुस रहा, शिकायत पर की जांच पर नहीं पता चल रहा लीकेज

जंग और लीकेज से पानी की सप्लाई कम हुई

पाइप लाइन में खराबी के कारण पानी आना कम हो गया है। नगर के कई इलाकों में इस समस्या के कारण वर्षों पूर्व लगे कई सार्वजनिक नल बंद हो गए हैं। नगर थाने से लगी पानी टंकी से महज दो सौ मीटर दूर ऐसे ही नल से पानी आना बंद हो गया। लोगों का कहना है कि शिकायत पर इसकी जांच कराई गई लेकिन पाइप नहीं मिलने के कारण पानी बंद होने का कारण पता नहीं चल सका। कर्मचारियों का कहना है कि पाइप में जंग लग जाने से सप्लाई बंद हो गई है। इधर रिंग रोड प्रतापपुर चौक से लगे सार्वजनिक नल से पहले की अपेक्षा पानी कम आ रहा है।

निगम का दावा- रोज दो टाइम करा रहे पानी की जांच: नगर निगम के जल प्रदाय शाखा के अधिकारियों ने कहा शहर में पानी की रोज जांच करा रहे हंै। तकिया फिल्टर प्लांट से रॉ वाटर के अलावा फिल्टर के बाद वार्डों में पानी का सैंपल कलेक्ट कर पीएचई के लैब में जांच कराई जाती है। रोज चार से पांच जगह से सैंपल की जांच की जा रही है। घराें के अलावा सार्वजनिक नलों से पानी जांच के लिए भेजा जाता है।

दूषित पानी से पीलिया का खतरा:दूषित पानी से पीलिया का खतरा रहता है। कुछ जगहों पर लीकेज के अलावा पानी की जांच कराई जा रही है। जहां पाइप दबे हैं वहां लीकेज नहीं मिल रहा है। लोगों ने बताया नल से गंदा पानी आ रहा है। पानी का रंग मटमैला होता है। पीएचई के अधिकारियों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन में लीकेज की समस्या है उन क्षेत्रों के पानी का मेजरमेंट कराना चाहिए।

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