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मौसी के घर जाएंगे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भगवान की घर वापसी के लिए निकालेंगे बाहुड़ा यात्रा

भास्कर संवाददाता| अंबिकापुर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शनिवार को निकलेगी। जगन्नाथ मंदिर में रथ को...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 02:00 AM IST
भास्कर संवाददाता| अंबिकापुर

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शनिवार को निकलेगी। जगन्नाथ मंदिर में रथ को सजाने-संवारने का काम देर शाम पूरा कर लिया गया। शनिवार को पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ पर रखकर गाजे-बाजे के साथ यात्रा निकाली जाएगी। मौसी के घर यानी दुर्गाबाड़ी में नौ दिनों के तक रहने के बाद इनकी घर वापसी होगी।

केदारपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा से पहले गुरुवार को विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई। मंदिर के पुजारी बैकुंठनाथ पंडा ने बताया कि शनिवार को सुबह श्रृंगार के बाद गौरी गणेश और नवग्रह उपासना होगी। इसके बाद उत्कल समाज के लोग विशेष पूजा में शामिल होंगे। मंदिर से गाजे-बाजे के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं रथ में रखकर यात्रा शुरू होगी। यह यात्रा जोड़ापीपल, आकाशवाणी चौक, गांधी चौक के बाद देवीगंज रोड स्थित दुर्गाबाड़ी पहुंचेगी, जहां पूजा-अर्चना कर प्रतिमाओं काे स्थापित किया जाएगा। नौ दिनों तक मौसी के घर रहने के बाद भगवान की घर वापसी के लिए बाहुड़ा यात्रा निकाली जाएगी।

उत्कल समाज तैयारियों में जुटा, दोपहर में जगन्नाथ मंदिर से निकलेगी रथयात्रा

दोपहर 1 बजे से शुरू होगी रथयात्रा: बिश्रामपुर| उत्कल समाज द्वारा कोयलांचल में रथयात्रा का आयोजन इस साल भी किया जा रहा है। इसकी सभी तैयारी भी लगभग पूरी कर ली गई हैं। आयोजन समिति ने बताया कि शनिवार को प्रभु श्री जगन्नाथ की रथयात्रा दोपहर 1 बजे से उत्कल भवन से बस स्टैंड होते हुए नगर भ्रमण करेगी। अंबेडकर चौक से वापस बस स्टैंड से भटगांव मार्ग में सरस्वती मंदिर मौसी बाड़ी पहुंचेगी। यहां प्रभु जगन्नाथ बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र नौ दिनों तक बिश्राम के बाद 22 जुलाई रविवार को बहुड़ा यात्रा के दौरान उसी मार्ग से लौटेंगे। आयोजन समिति ने अधिक संख्या में श्रद्धालुअों से रथयात्रा में शामिल होने कहा है।

कलाकारों ने खूबसूरत बनाया मंदिर का द्वार

उत्कल समाज ने जगन्नाथ मंदिर के प्रवेश द्वार को खूबसूरत आकार दिया है। इसका निर्माण ओड़िशा से आए कलाकारों ने किया है। इसमें ओड़िशा की संस्कृति और कला की छाप नजर आती है।