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नियमों में उलझी नर्सिंग स्टाफ की भर्ती अब आवेदनों की दोबारा हो रही स्क्रूटनी

मेडिकल कॉलेज में होने वाली नर्सिंग स्टाफ की भर्ती नियमों में उलझकर लेटलतीफी का शिकार हो गई है। भर्ती के विज्ञापन...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:10 AM IST
नियमों में उलझी नर्सिंग स्टाफ की भर्ती अब आवेदनों की दोबारा हो रही स्क्रूटनी
मेडिकल कॉलेज में होने वाली नर्सिंग स्टाफ की भर्ती नियमों में उलझकर लेटलतीफी का शिकार हो गई है। भर्ती के विज्ञापन में कई नियमों का उल्लेख नहीं होने का मामला अब भारी पड़ने लगा है। इसके चक्कर में प्रबंधन द्वारा उम्मीदवारों के आवेदनों की दोबारा स्क्रूटनी की जा रही है। इससे भर्ती पूरी होने अभी और देर है।

अब अधिकारी भी इसको लेकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में 166 पदों पर नर्सिंग स्टाफ की भर्ती के लिए प्रबंधन ने पिछले साल विज्ञापन निकाला था। दिसंबर तक भर्ती पूरी कर लेनी थी। इसके लिए उम्मीदवारों के आवेदन का एक बार स्क्रूटनी भी पूरी कर ली गई पर विज्ञापन में कई बातों का उल्लेख नहीं होने से पूरी प्रक्रिया उलझ गई। विज्ञापन में भर्ती में मेरिट के निर्धारण सहित अन्य अन्य कई बातों का उल्लेख नहीं था। इसे लेकर स्क्रूटनी समिति के सुझाव पर कॉलेज प्रबंधन द्वारा मार्गदर्शन के लिए डीएमई कार्यालय को पत्र लिखा पर वहां से भी स्पष्ट सुझाव न देकर नियमों के तहत भर्ती करने निर्देशित किया। स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं मिलने से अब प्रबंधन फिर आवेदनों की स्क्रूटनी कर रहा है ताकि अंतिम सूची जारी होने के बाद विवाद की स्थिति न बने।

1600 सौ उम्मीदवारों ने किया है आवेदन, दिसंबर में ही पूरी होनी थी भर्ती

भर्ती का आधार क्या होगा यह स्पष्ट नहीं: अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी या फिर आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद सीधे मेरिट के आधार पर अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। इसका खामियाजा कॉलेज के अस्पताल के कामकाज पर पड़ रहा है।

देरी के कारण अस्पताल के काम पर प्रभाव

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के अस्पताल की क्षमता 350 बेड की है। एमसीआई के नार्म्स के अनुसार अस्पताल में 166 नर्सिंग स्टाफ होने चाहिए। इसी के अनुसार प्रबंधन द्वारा भविष्य को देखते हुए भर्ती की जा रही है। अभी कॉलेज के अस्पताल के लिए जिला अस्पताल काे अधिग्रहित किया है। यहां 56 नर्सों के भरोसे काम चल रहा है। इससे नर्सों पर वर्कलोड ज्यादा रहता है।

नर्सिंग की छात्राओं से वार्ड में ली जाती है मदद

स्टाफ की कमी को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन द्वारा शहर में संचालित सरकारी व प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज से प्रशिक्षण के लिए आने वाली नर्सिंक की छात्राओं की मदद ली जाती है। इनकी ड्यूटी विभिन्न वार्डों में लगाई जाती है। नर्सों के मार्गदर्शन में ये काम करती है। फिर यहां के नर्सिंग स्टाफ पर काम का लोड काफी ज्यादा रहता है।

क्या कहते हैं अधिकारी

इसके संबंध में डीन ही ज्यादा अच्छा बता पाएंगे


कुछ नहीं बता सकता, अभी भर्ती की प्रक्रिया चल रही है


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