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आरोप- 1350 में धान खरीदी, देर से भुगतान समस्या- एमएसपी पर रबी धान नहीं खरीदा

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:16 AM IST

Anchalik News - नगर के कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को 8 हजार बोरा धान बिकने पहुंचा। आज भी व्यापारियों ने धान में नमी बताकर प्रति...

Nayapara Rajim News - chhattisgarh news allegations paddy procurement in late 1350 late payment problem did not buy rabi paddy on msp
नगर के कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को 8 हजार बोरा धान बिकने पहुंचा। आज भी व्यापारियों ने धान में नमी बताकर प्रति क्विंटल 13 सौ से 1430 रुपए तक खरीदा। कम कीमत को लेकर किसानों में नाराजगी की खबर भास्कर में शुक्रवार को को प्रकाशित होने के बाद महासमुंद सांसद चंदूलाल साहू ने सुबह 11 बजे मंडी पहुंचकर किसानों, व्यापारियों और मंडी प्रशासन से अलग-अलग बातचीत की।

इस दौरान किसानों ने बताया कि 1350 रुपए क्विंटल में व्यापारियों द्वारा धान खरीदी से लागत नहीं निकल रही है। भुगतान महीनेभर बाद अौर कटती काटने से शोषण हो रहा है। वहीं व्यापारियों का कहना है कि रबी धान को सरकार एमएसपी पर नहीं खरीदती है। इसके कारण वाजिब रेट नहीं मिलता है।

सुबह मंडी में धान बेचने आए महेंद्र साहू, सुशील कुमार, यशवंत सोनकर अौर गिरधर पटेल आदि किसानों ने सांसद को बताया कि राइस मिलर व्यापारी धान को कम दर पर खरीद रहे हैं। इन लोगों ने बताया कि ज्यादातर किसानों का धान प्रति क्विंटल 1350 रुपए में खरीदी कर रहे हैं। जबकि उत्पादन का लागत मूल्य नहीं निकल रहा है। भुगतान भी एक महीने में मिलता है। वहीं व्यापारी वर्ग किसानों का और ज्यादा शोषण करते हुए कटती प्रथा चला रहे हैं।

दूसरी तरफ सांसद ने राइस मिलर के प्रतिनिधियों से भी भेंट की। व्यापारी प्रतिनिधि किशन सांखला ने व्यापारियों की समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि सरकार रबी फसल के धान को समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदती और न ही चावल को खरीदती है। ओपन मार्केट में हम लोग धान की मिलिंग कर चावल बेचते हैं। इसका वाजिब भाव नहीं मिल पाता है। रबी फसल के धान में 17 से 20% तक नमी रहती है। 14% की नमी चल जाती है। नमी धान को मिलिंग करने से चावल नहीं बन पाता है।

 

मंडी सचिव बोले- मंडी अधिनियम का पालन करने में कोताही बरत रहे व्यापारी

कृषि मंडी में धान का बंपर आवक के कारण रखने की जगह नहीं है।

किसान बोले- समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन

विधायक अमितेश शुक्ल ने किसानों की समस्याओं की सुध अब तक नहीं ली है। पीड़ित अंचल के किसानों ने पुनः चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जनप्रतिनिधि हमारी समस्याओं पर ध्यान नहीं देते हैं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

सांसद चंदूलाल ने कृषि उपज मंडी प्रभारी सचिव दीनदयाल सर्पा को निर्देशित करते हुए कहा कि किसान इन दिनों बेहद पीड़ित और शोषित हैं। उन्हें धान का वाजिब भाव नहीं मिल रहा है, वाजिब भाव दिलाएं और किसानों को सलाह दी कि अपनी उपज को धूप में सुखाकर बेचें। मंडी अधिनियम के तहत व्यापारियों से कहा कि धान बिक्री पश्चात किसानों को समय पर भुगतान करें। मंडी सचिव ने कहा कि सभी व्यापारियों को मंडी अधिनियम की कॉपी दे दी गई है, जिसका पालन करने उनसे कहा जाता है पर लेकिन वे मानते नहीं हैं। पहले से ही यहां की व्यवस्था बिगड़ी हुई है।

सही दाम मंडी सचिव को दिलाने के निर्देश

निरीक्षण के बाद सांसद चंदूलाल साहू ने कहा कि मंडी में राइस मिल व्यापारी द्वारा बहुत कम दामों पर किसानों के धान को खरीदा जा रहा है। मंडी में किसानों का खूब शोषण किया जा रहा है। जबकि हमारी भाजपा सरकार थी, तब 15 सौ रुपए क्विंटल की दर से यहीं व्यापारी रबी फसल धान को खरीदते थे। आज जब कांग्रेस की सरकार आ गई तो यही व्यापारी 13 सौ में खरीद रहे हैं और यहां के विधायक अमितेष शुक्ल खामोश हैं। सांसद ने मांग करते हुए कहा कि रबी फसल धान को भी सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदे। चूंकि खरीफ फसल में 25 सौ प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया था। यदि समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं करते हैं तो कम से कम ₹2000 प्रति क्विंटल की दर से व्यापारी को खरीदी करनी चाहिए। व्यापारियों ने रेट बढ़ाने पर अपनी विवशता बताई है। व्यापारियों के चावल को सरकार खरीदती है तो स्वयं किसानों के धान का रेट बढ़ाकर व्यापारी खरीदी करेंगे।

₹2000 क्विंटल की दर से व्यापारी खरीदे

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