रसेला ओडीएफ पर यहां भी शौचालय बने स्टोर रूम, ठेकेदार सरपंच पति ने अधूरे बनाए

Anchalik News - भास्कर न्यूज | छुरा/छुरा ग्रामीण स्वच्छता के लिए चलाया गया अभियान अंचल में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। इसका...

Bhaskar News Network

Jan 14, 2019, 02:22 AM IST
Chhura News - chhattisgarh news even toilet made store room here on the rasela odf contractor sarpanch husband made incomplete
भास्कर न्यूज | छुरा/छुरा ग्रामीण

स्वच्छता के लिए चलाया गया अभियान अंचल में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि स्वच्छता के लिए स्वीकृत की गई राशि भ्रष्ट कर्मचारियों, सरपंच, सचिव हजम कर रहे हैं। निर्मल भारत अभियान से लेकर स्वच्छता अभियान तक के नाम पर बड़ी रकम केंद्र और राज्य शासन की ओर से स्वीकृत की गई थी। जिले की जनपद पंचायत छुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत रसेला में मनरेगा के तहत 225 एवं एसबीएम योजना में 223 शौचालय हितग्राहियों के लिए स्वीकृत हुए थे। प्रोत्साहन राशि 12-12 हजार की लागत से इनका निर्माण कराना था। सरपंच पति विगेन्द्र ठाकुर जो कि मटेरियल सप्लायर के साथ ठेकेदारी भी करते हैं, ने नियमों के खिलाफ जाकर शौचालय निर्माण करवाया और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।

कई घरों के शौचालय इतने घटिया बनाए गए हैं कि उनकी नींव ही धंस रही है। वहीं सैप्टिक टैंक स्तरहीन हैं। शौचालयों के दरवाजे टूट चुके हैं इससे लोग शौचालयों का उपयोग छेना, लकड़ी, भूसा रखने में कर रहे हैं। रसेला में बने शौचालयों के निर्माण के दौरान मानक को ताक पर रखा गया। नींव सहित सोख्ता की निर्धारित साइज में भी गड़बड़ी की गई है। सोख्ता में छड़ का उपयोग नहीं किया गया जिससे कई जगह के सोखता क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही सैप्टिक टैंक का लेंटर भी बिना छड़ के ढलाई किए जाने से क्षतिग्रस्त होने लगा है। इसकी वजह से कई शौचालय अभी से ही धंसने लगे हैं। विकासखंड के हर ग्राम को खुले में शौच से मुक्त करने की योजना को ग्राम रसेला के सरपंच सचिव द्वारा मजाक बना दिया गया है।

हितग्राहियों के आरोप- सिर्फ 4 हजार रुपए ही मिले

ग्रामीणों धनीराम/विश्वनाथ निषाद ने बताया कि उन्होंने स्वयं के खर्च से शौचालय का निर्माण कराया लेकिन मनरेगा के खाते के माध्यम से मात्र 4 हजार रुपये ही प्राप्त हुये हैं। कई ग्रामीणों का कहना है कि हम खुद शौचालय निर्माण करवाना चाहते थे लेकिन निर्माण कराने से हमें रोक दिया गया। सरपंच पति खुद ही ठेकेदारी करते हैं और इसीलिए हमें नहीं बनाने दिया। हमारे घरों में शौचालय अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं, जिसके चलते आज भी हमें शौच करने बाहर ही जाना पड़ता है।

सचिव बोला-सरपंच पति से भी लेते हैं सामग्री

इस संबंध में रसेला पंचायत के सचिव भुनेश का कहना है कि हमारी पंचायत ओडीएफ हो चुकी है। जो शौचालय अधूरे हैं उनका कार्य पूर्ण करवाएंगे। सरपंच पति का टेडर्स है, हम सामग्री उनसे भी लेते है और बाहर से भी लेते है।

इस संबंध में सैय्यद इनायत अली वार्ड 03 पंच पंचायत रसेला ने बताया कि शौचालय निर्माण में जमकर मनमानी की गई है और सरपंच पति शुरू में पंचायत के कार्यों में भी हस्तक्षेप करते थे, लेकिन हम पंचों ने उन्हें महत्व नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत के शौचालय निर्माण की गुणवत्ता के संबंध में हमने सचिव और सरपंच को कई बार कहा लेकिन कमीशनखोरी के फेर में उन्होंने ही शौचालय बनाए। जिन लोगों ने अपने शौचालय खुद बनाए हैं उन्हें सामग्री के नाम पर किसी को चार बोरी सीमेंट तो किसी को सिर्फ टॉयलेट शीट ही दी गई। उन हितग्राहियों के 4 हजार तो किसी को 6 हजार रुपया काटकर भुगतान किया गया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायत अधिकारियों से भी की गई है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

पंच का आरोप-पंचायत काम में भी सरपंच पति का हस्तक्षेप

X
Chhura News - chhattisgarh news even toilet made store room here on the rasela odf contractor sarpanch husband made incomplete
COMMENT