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वेलनेस सेंटरों में 8 माह से मरम्मत, पहले जो सुविधाएं मिलती थीं वो भी बंद, सामान्य प्रसव तक नहीं हो रहे

Anchalik News - केंद्र सरकार की योजना के तहत उप स्वास्थ्य एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाने...

Bhaskar News Network

Jun 15, 2019, 06:40 AM IST
Dongridih News - chhattisgarh news repair facilities in the wellness centers for 8 months the facilities that were previously received are not closed to normal delivery
केंद्र सरकार की योजना के तहत उप स्वास्थ्य एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाने वेलनेस सेंटर के रूप में तब्दील किया जा रहा है लेकिन तब से उप स्वास्थ्य केंद्रों की मूल सुविधाएं ही ठप हो गई हैं। सभी जगह ठेकेदारों द्वारा मरम्मत कार्य धीमी गति से किया जा रहा है। कसडोल क्षेत्र के सभी 7 वेलनेस सेंटरों की मरम्मत चल रही है। मरम्मत का यह कार्य 7-8 माह से चल रहा है, इसकी कार्य अवधि कब तक है कोई नहीं जानता। ग्रामीणों ने हो रही मरममत की जांच एवं कार्य में गति लाने की मांग की है। मलदा वेलनेस सेंटर में हुए प्रसव का आंकड़ा लेने पर पता चला कि जनवरी से अब तक 6 माह में कुल 12 प्रसव ही हुए हैं। सेंटर में डिलवरी रूम कबाड़ बन चुका है। यह आंकड़ा भी गलत निकला, सही जांच करने पर पता चला कि होम डिलीवरी को संस्थागत दिखा दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2018 में जांगला बस्तर से आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर का शुभारंभ किया था। इस योजना के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी करना है और इसका नाम भी बदलकर “हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर” किया गया है। इन सेंटरों में डॉक्टर, नर्स, फॉर्मासिस्ट, लेब टेक्नीशियन, कम्युनिटी हेल्थ आफिसर तैनात रहेंगे और ग्रामीणों को अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी। इसी योजना में कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटगी व अर्जुनी को एवं 7 उप स्वास्थ्य केंद्रों‌ मलदा, नरधा, कुम्हारी, गिरौदपुरी, बया, चांदन व पुटपुरा को शामिल किया गया है। इन सभी वेलनेस सेंटरों में स्वास्थ्य सुविधा को बढ़ाते हुए यहां अब तक सभी प्रकार के खून जांच, परामर्श, योगा, टेलीमेडिसिन आदि सुविधाएं प्रारंभ हो जानी थीं लेकिन जब से यह सेंटर वेलनेस घोषित हुआ है तब से जो सुविधाएं पहले मिलती थीं, वह भी लगभग बंद हो गई हैं।

कसडोल. हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर मलदा में बिखरा कबाड़, प्रसव कक्ष भी अस्त-व्यस्त पड़ा है।

वेलनेस सेंटरों के कर्मचारी दुर्व्यवहार भी कर रहे

हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के आश्रित ग्रामों में अभी 15 मई से 15 जून तक गैर संचारी रोग (एनसीडी)कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष के ऊपर के लोगों के बीपी व शुगर की जांच करनी है। इस संबंध में मलदा के शंकरलाल वर्मा, रामप्रसाद कर्ष, गोदावरी बाई, दिलीप साहू, गंगाराम साहू, देवकी केवट आदि ने बताया कि उनसे आज तक किसी ने बीपी, शुगर के बारे में कुछ नहीं पूछा, न ही कोई जांच की गई। मलदा के आश्रित ग्राम मुड़पार के नरेंद्र कुमार डड़सेना ने भी बताया कि गुरुवार को वे अपने पिता नंदलाल डड़सेना का बीपी, शुगर चेक कराने सेंटर गए तो सेंटर में परदा डला था। आवाज देने पर कोई बाहर न आया तो परदा हटाने पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पति ने दुर्व्यवहार किया और कहा किसकी अनुमति से आए हो। वहां कोई डॉक्टर भी नहीं था।

सामान्य प्रसव भी बंद, महिला कार्यकर्ता का पति मिला

पहले उप स्वास्थ्य केंद्रों में सामान्य इलाज एवं प्रसव हो जाते थे लेकिन अब वो भी बंद हो गए। कही‌ं प्रसव होता भी है तो न के बराबर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल के अंतर्गत आने वाले हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर मलदा में पहले मिलने वाली सुविधाएं ही बंद हो गईं। जनवरी से उप स्वास्थ्य केंद्र को हेल्थ वेलनेस में बदलने मरम्मत का कार्य चल रहा है जिसके चलते अस्पताल कबाड़ बन गया है। ठेकेदार द्वारा बहुत ही धीमी गति से कार्य कर रहा है और जिस स्तर का बनना चाहिए वैसा नहीं बन रहा है। मलदा सेंटर में 12 जून न तो पुरुष कार्यकर्ता मिला न महिला कार्यकर्ता, वहां मिला तो महिला कार्यकर्ता के पति जो वहां अकेला कमरे में सोया था। उसने बताया कि उसकी प|ी माहेश्वरी साहू अभी एक माह की छुट्टी पर है और वह अभी अपने मायके टुंड्रा में है, वह (खुद) यहां अभी रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहा है। पुरुष कार्यकर्ता रंजीत चौहान आया नहीं था। वह हसुवा में रहता है। उसने सेंटर की मरम्मत के संबंध में बताया कि ठेकेदार बहुत ही धीमी गति से कार्य कर रहा है और स्तर भी ठीक नहीं है। इस कारण पूरा अस्पताल कबाड़ बन गया है, कोई काम ही नहीं हो पा रहा है। यहां डॉक्टर आ भी जाए तो उसे परछी में बैठना पड़ेगा।

हां काम प्रभावित हो रहा है : बीएमओ

इस संबंध में मलदा के बीएमओ डॉ. सीएस पैकरा ने बताया कि सेंटर में अभी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता महेश्वरी साहू एक माह की छुट्टी पर है और पुरुष कार्यकर्ता फील्ड में होगा। वेलनेस सेंटर का कार्य धीमी गति से चल रहा है इस कारण कुछ कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ठेके की कार्य अवधि वे बताने में असमर्थ रहे। उन्होंने कहा कि कोई कार्यकर्ता सेंटर में नहीं रहता या ठीक से कार्य नहीं करता तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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