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नेरली घाट में दुर्घटनाग्रस्त मालगाड़ी के छह डिब्बे बेकार, 19 घंटे बाद शुरु हुआ ट्रेनों का आना-जाना

बचेली व भांसी स्टेशन के बीच रविवार की शाम नेरली में नक्सलियों द्वारा पटरी उखाड़े जाने से दुर्घटनाग्रस्त हुई...

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2018, 02:00 AM IST
नेरली घाट में दुर्घटनाग्रस्त मालगाड़ी के छह डिब्बे 
 बेकार, 19 घंटे बाद शुरु हुआ ट्रेनों का आना-जाना
बचेली व भांसी स्टेशन के बीच रविवार की शाम नेरली में नक्सलियों द्वारा पटरी उखाड़े जाने से दुर्घटनाग्रस्त हुई मालगाड़ी के 6 डिब्बे पूरी तरह बेकार हो गए। रेलवे स्टाफ ने बड़ी मशक्कत के बाद सोमवार को सभी क्षतिग्रस्त वैगन को काटकर अलग किया और तीनों इंजन को पटरी पर लाया। ट्रैक की मरम्मत कर दोपहर 2 बजे लाइन क्लियर कर लिया गया। नक्सलियों ने इस जगह पर 65 मीटर ट्रैक उखाड़ फेंका था जिसके बाद यहां मालगाड़ी के 3 इंजन समेत 6 डिब्बे पटरी से उतर गए। इसके बाद रविवार की शाम 7 बजे से इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बंद थी। हादसे के बाद 19 घंटे तक रेल यातायात ठप रहने से रेलवे को करीब 2 करोड़ रुपए की चपत लगी। घटना के चलते पैसेंजर ट्रेन नहीं चली। स्पेशल ट्रेन भी जगदलपुर से ही लौट गई।

विशाखापट्टनम स्थित मुख्यालय से ऑनलाइन नजर रखे हुए थे अफसर : यह भी पहला मौका था, जब दक्षिण बस्तर में किसी रेल हादसे के बाद चल रहे आपदा प्रबंधन व मरम्मत कार्य की ऑनलाइन निगरानी विशाखापट्टनम में बैठे रेलवे अफसर कंप्यूटर स्क्रीन से कर रहे थे। इसके लिए रेल्वे के अपने रेलटेल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। घटना स्थल पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरा व लैपटॉप की मदद ली गई। रेलवे के एक अफसर के मुताबिक इससे मरम्मत कार्य में लगने वाले समय, इसमें किसी भी तरह की देरी की जिम्मेदारी भी संबंधितों पर रेल मुख्यालय में बैठे अफसर तय कर सकते हैं।

सीआरपीएफ हेडक्वार्टर से 500 मीटर दूरी पर वारदात : नेरली घाट में जिस जगह पर नक्सलियों ने रेल पटरी उखाड़कर इस वारदात को अंजाम दिया, उससे बमुश्किल 500 मीटर की दूरी पर सीआरपीएफ 230 वीं बटालियन का अस्थाई हेड क्वार्टर मेन रोड पर स्थित है। इसके बावजूद नक्सली कुल 65 मीटर लंबी रेल पटरी को बेखौफ उखाड़कर चलते बने।

दंतेवाड़ा. सुधार कार्य की निगरानी सीधे विशाखापट्टनम मुख्यालय से की जा रही थी, मौके पर ही लैपटॉप और रेलटेल नेटवर्क के सहारे कार्य की समीक्षा कर दिशा निर्देश दिए जा रहे थे।

दंतेवाड़ा. इस बार रेलवे ट्रैक की मरम्मत के दौरान स्थल पर सीसीटीवी कैमरा

पहली बार आरपीएफ के सशस्त्र जवानों ने दी सुरक्षा

दक्षिण बस्तर में पहली बार रेलवे स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स के सशस्त्र जवानों ने किसी रेल हादसे के बाद आकर सुरक्षा की कमान संभाली और मरम्मत कर रहे रेलवे स्टाफ को सुरक्षा घेरे में रखा। इसके लिए फोर्स के जगदलपुर स्थित कैंप से एक कंपनी पहुंची थी। हालांकि नेरली में घटना स्थल पर बचेली टीआई सौरभ सिंह और भांसी टीआई केके वर्मा भी फोर्स के साथ मौके का मुआयना करने पहुंचे।

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 बेकार, 19 घंटे बाद शुरु हुआ ट्रेनों का आना-जाना
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