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सर्वआदिवासी समाज ने टाटा से जमीन वापसी का किया समर्थन , कहा-जल, जंगल और जमीन पर हमारा हक

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2018, 02:00 AM IST

Bacheli News - टाटा द्वारा ली गई जमीन वापस करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों का समर्थन करने सोमवार को सर्वआदिवासी समाज...

सर्वआदिवासी समाज ने टाटा से जमीन वापसी का किया समर्थन , कहा-जल, जंगल और जमीन पर हमारा हक
टाटा द्वारा ली गई जमीन वापस करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों का समर्थन करने सोमवार को सर्वआदिवासी समाज के प्रांताध्यक्ष राजाराम तोड़ेम और बस्तर जिले के प्रभारी कौशल नागवंशी धरना स्थल हाता ग्राउंड पहुंचे। दोनों पदाधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग को पूरा कराने में योगदान देने की बात कही।

तोड़ेम ने कहा कि टाटा कंपनी को लोहांडीगुड़ा के लोगों ने यहां से भगा दिया है, लेकिन उनकी जमीन राज्य सरकार ने उद्योग विभाग के पास गिरवी रख दी है। सालों से यहां के जल, जंगल अौर जमीन पर आदिवासियों का हक रहा है। इसे पिछले कुछ सालों से सरकार छीनने का प्रयास कर रही है और इसमें सफल भी रही है। इसका खामियाजा किसानाें को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा सरकार को ग्रामीणों की जमीन वापस दे देना चाहिए, लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है। इसके चलते ग्रामीणों को अब यह डर सता रहा है कि कहीं उनकी जमीन सरकार न हड़प ले। सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष कौशल नागवंशी ने कहा कि सर्व आदिवासी समाज सालों से यहां के ग्रामीणों की हक की लड़ाई लड़ता आ रहा है।

टाटा प्रभावित किसानों की मांग को पूरा कराने के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी। रायपुर में 19 फरवरी को समाज का महासम्मेलन होने वाला है। इसमें राज्य सरकार से ग्रामीणाें की मांग को जल्द पूरा करने की बात कही जाएगी। सर्व आदिवासी समाज के वरिष्ठ सदस्य अंतूराम कश्यप ने भी ग्रामीणों की मांगों को जायज बताया।

2005 में टाटा और राज्य सरकार का अनुबंध हुआ था : टाटा ने लोहांडीगुड़ा में उद्योग लगाने राज्य सरकार से 2005 में अनुबंध किया था। इसके बाद लोहांडीगुड़ा और इसके आसपास के 10 गांव की 5 हजार एकड़ जमीन चिन्हित की गई थी। इसमें 1707 किसानों के प्रभावित होने की बात कही गई थी। जबकि शासन 1163 किसानों की जमीन नहीं ले पाई थी। लगातार हो रही देरी और विवादों के चलते कंपनी ने यहां उद्योग नहीं लगाई। इसके बाद बस्तर में उद्योगों के नहीं लगने की बात सामने आई थी। धरने पर बैठे ग्रामीणाें ने कहा कि टाटा द्वारा लोहांडीगुड़ा में उद्योग नहीं लगाने का कोई असर क्षेत्र के ग्रामीणों पर नहीं पड़ा है।

जमीन वापसी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं टाटा प्रभावित ग्रामीण

जमीन वापसी की मांग को लेकर धरने पर बैठे लोहांडीगुड़ा ब्लाक के ग्रामीण किसान।

मांग पूरी होने तक प्रदर्शन करेंगे

धरने में शामिल आदिवासी महासभा के सचिव मंगल कश्यप ने कहा कि किसानों की मांग को पूरी कराने के लिए अादिवासी महासभा और भाकपा लगातार कोशिशें कर रही है। मांग पूरी होने तक प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस समय यह धरना शुरू किया गया, उसी समय ग्रामीणाें को इससे पीछे नहीं हटने की समझाइश दी गई थी। इसका असर यह हुआ कि हर दिन हर गांव से 15-20 ग्रामीण इस धरने में शामिल हो रहे हैं। मंगलवार को किरंदुल, बचेली और दंतेवाड़ा से मजदूर संगठन के पदाधिकारी और सदस्य पहुंचेंगे।

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