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नक्सली होने के शक में 11 साल के बालक को मारी गोली, कांवड़ में लादकर पहुंचे अस्पताल

दंतेवाड़ा | सुरक्षा बलों के जवानों को देखकर जंगलों में भाग रहे एक बालक को जवानों ने गाेली मार दी। बालक को गोली कूल्हे...

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 02:10 AM IST
दंतेवाड़ा | सुरक्षा बलों के जवानों को देखकर जंगलों में भाग रहे एक बालक को जवानों ने गाेली मार दी। बालक को गोली कूल्हे में लगी हैं। इस मामले में खास बात यह भी है कि बच्चे को इलाज के लिए हास्पिटल पहुंचाने के लिए परिजनों ने करीब तीस किमी का सफर उसे कांवड़ में लादकर किया। घटना शनिवार देर शाम की बताई गई है। करका निवासी 11 वर्षीय बोटीराम मरकाम शनिवार की शाम घर की मवेशी को ढूंढने के लिए निकला था। इसी दौरान अचानक फोर्स के जवान उसे दिखे। जवानों को देखने के बाद वह भागने लगा तो जवानों ने उसे गोली मार दी। गोली लगने के बाद भी बालक जवानों के हाथ नहीं लगा और घायल हालत में वह अपने घर पहुंचा। उसकी हालत देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए और उसे तुरंत हास्पिटल ले जाने की व्यवस्था करने लगे। चूंकि करका से हास्पिटल तक पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं था ऐसे में परिवार के सदस्यों ने उसे कांवड़ में लादकर तीस किमी दूर आकाश नगर पहुंचाया। यहां से उसे बस के जरिए अपोलो हास्पिटल बचेली पहुंचाया गया जहां उसका इलाज जारी है।

दूसरा बालक लापता

बोटीराम के साथ उसका साथी सोमारू भी गाय को ढूंढने निकला था लेकिन घटना के बाद से सोमारू लापता है। परिजनों का कहना था कि बच्चे हथियारबंद जवानों को देखकर घबरा गए थे और डर कर भागने लगे थे। बोटीराम तो घायल अवस्था में घर पहुंच गया लेकिन सोमारू का अब भी कुछ पता नहीं चल पाया।

जवान गोली नहीं चला सकते

डीआईजी सुंदरराज पी का कहना था कि किसी भी निर्दोष पर जवान गोली नहीं चला सकते। शनिवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी जिसमें बच्चा फंस गया होगा या फिर नक्सलियों ने उसे गोली मारी होगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल के जवानों की ओर से गोली लगी होगी तो साक्ष्य उपलब्ध होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल में भर्ती बोटीराम।