Hindi News »Chhatisgarh »Bacheli» मुठभेड़ के बाद साथियों को कैंप छोड़ने जा रहे थे जवान, नक्सलियों ने एंटी लैंडमाइन उड़ाया, 9 शहीद

मुठभेड़ के बाद साथियों को कैंप छोड़ने जा रहे थे जवान, नक्सलियों ने एंटी लैंडमाइन उड़ाया, 9 शहीद

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 14, 2018, 03:10 AM IST

मुठभेड़ के बाद साथियों को कैंप छोड़ने जा रहे थे जवान, नक्सलियों ने एंटी लैंडमाइन उड़ाया, 9 शहीद
सीआरपीएफ 212वीं बटालियन के 200 से ज्यादा जवान पांच टीमों में बंटकर किस्टाराम से पलौदी के लिए निकले। चार टीमों ने जंगल का रास्ता अपनाया तो एक टीम बाइक से सड़क पर चलने लगी।

जवान सुबह 7.35 बजे जब किस्टाराम कैंप से तीन किमी दूर नदी किनारे पहुंचे तो नक्सलियों ने जवानों को घेर लिया। इसके बाद नक्सलियों ने एक-एक कर तीन बड़े विस्फोट यहां किए, लेकिन जवानों ने नक्सलियों के एंबुश तोड़ दिया।

यह टीम वापस किस्टाराम कैंप लौट आई। मौके से एक संदिग्ध को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जवान दोबारा कैंप से पलौदी के लिए निकले। इस बार जवानों ने एमपीवी भी साथ ले गए। कैंप से कुछ किमी दूर करीब 12.15 बजे नक्सलियों ने एमपीवी को बलास्ट कर उड़ा दिया।

नक्सलियों ने वायरलेस पर भेजा था मैसेज-एक बड़ा नेता मारा गया: नक्सलियों ने जवानों पर सुबह 7.35 बजे ही पहला हमला कर दिया था। यहां नक्सलियों का एंबुश तोड़ने के बाद जब जवान वापस किस्टाराम कैंप पहुंचे तो नक्सलियों के चाइना मेड वायरलेस सेट को इंटरसेप्ट किया है। इसमें नक्सलियों की ओर से मैसेज चल रहा शेष|पेज 7



था कि एक बड़ा नक्सली नेता उन्होंने हमले में खो दिया है और पांच घायल हो गए हैं। इससे माना जा रहा है कि जवानों की जवाबी कार्रवाई में नक्सलियों को भी नुकसान हुआ है।

गंभीर रूप से घायल दो जवानों को रायपुर लाया गया सुबह में नदी किनारे मुठभेड़ हुई थी, फिर दोपहर 12.15 बजे हमला

किस्टाराम से पलौदी के लिए पांच टीमें निकली थीं पेट्रोलिंग पर

विस्फोट इतना जबर्दस्त था कि एंटी लैंडमाइन व्हीकल सड़क से दूर जा गिरा।

छह राज्यों के थे ये 9 शहीद

आरकेएस तोमर, मुरैना (मप्र)

जितेंद्र सिंह, भिंड (मप्र)

मनोज सिंह, बलिया (यूपी)

लक्ष्मण अलवर (राजस्थान)

अजय यादव, मुंगेर (बिहार)

धर्मेंद्र यादव, मऊ (यूपी)

मनोरंजन लंका, पुरी (ओडिशा)

शोभित शर्मा, गाजियाबाद (यूपी)

चंद्रा एचएस, हासन (कर्नाटक)

एंटी लैंडमाइन व्हीकल की क्षमता 40 किलो विस्फोटक झेलने की, नक्सली लगा रहे इससे चार गुना ज्यादा

मोहम्मद इमरान नेवी|जगदलपुर. सरकार ने फोर्स के जवानों को 2005-06 में माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल दिए थे लेकिन ये व्हीकल भी जवानों को नहीं बचा पा रहे हैं। यह पहला मौका नहीं है जब इस वाहन में सवार जवान विस्फोट के बाद शहीद हुए हैं। जवानों को सरकार ने जो माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल उपलब्ध कराया है, वह 40 से 60 किलो तक के आईईडी झेल सकता है लेकिन नक्सलियों ने इसका तोड़ दस साल पहले बस्तर में एमपीव्ही को तैनात किए जाने के सातवें दिन ही निकाल लिया था और इसे विस्फोट कर उड़ा दिया था। सुकमा जिले के किस्टाराम में एमपीव्ही का उड़ जाना पहली घटना नहीं है। इससे पहले नक्सलियों ने बीजापुर में माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल पर शेष|पेज 7



निशाना साधा था, जिसमें सात जवानों की मौत हुई थी। 2013 में बचेली के पास नक्सलियों ने निशाना बनाया था। उस समय गाड़ी में 14 जवान सवार थे। बताया जा रहा है कि उस समय 25 किलो के विस्फोटक के इस्तेमाल होने के कारण गाड़ी को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। इससे पहले वर्ष 2011 में दंतेवाड़ा के गाटम में एमपीव्ही पर नक्सली हमले में दस जवान शहीद हो गए थे, जिसमें 8 एसपीओ शामिल थे।



हर जगह तोड़ निकाल लिया नक्सलियों ने

एमपीव्ही को उड़ाने का तोड़ नक्सलियों ने बस्तर से ही ढूंढा था और फिर इसका प्रयोग करते हुए वर्ष 2012 में झारखंड के गढ़वा एमपीव्ही को उड़ाकर 13 जवानों को शहीद कर दिया था।

अभी 20 एमपीव्ही, जो हमलों को झेलने के लिए कमजोर

छत्तीसगढ़ में नक्सल आपरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो नक्सल प्रभावित जिलों में अभी 20 से ज्यादा माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह गाड़ी पिछले दस साल से नक्सल मोर्चे पर तैनात है। इनका उपयोग जवान नक्सलियों की गोली से बचने के रूप में कर रहे हैं। जवानों को भी पता है कि ज्यादा मात्रा में बारूद का उपयोग कर नक्सली इसे उड़ा सकते हैं लेकिन जवान मजबूरी में इसमें सवार हो रहे है।



क्षमता से ज्यादा विस्फोटक से नुकसान हो जाता है

एमपीव्ही जवानों के लिए कापी मददगार साबित होता है लेकिन कई बार इसकी क्षमता से ज्यादा विस्फोटक का इस्तेमाल होने से इससे नुकसान भी हो जाता है। इसे ऐसे समझें कि एक जवान ने बुलेट प्रूफ जैकेट पहनी है और 200 मीटर दूर से गोली चलेगी तो जवान घायल भी नहीं होगा लेकिन 5 मीटर की दूरी से चलने पर बड़ा बुलेट प्रूफ जैकेट में भी जवान को बड़ा नुकसान होगा।

संजय कुमार अरोरा, आईजी सीआरपीएफ

जब-जब कहा नक्सली खात्मे की ओर, तब-तब बड़े हमले

2 जनवरी 2018 : डीजीपी उपाध्याय, डीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी ने कहा कि बहुत जल्द बस्तर नक्सल मुक्त होगा।

हमला 24 जनवरी 2018 (नारायणपुर) : इरपानार में 4 जवान शहीद, 9 घायल 24 जनवरी 2018 (बीजापुर) : बासागुड़ा में आईईडी ब्लास्ट, 2 जवान घायल।

इस वर्ष बजट सत्र में गृहमंत्री पैकरा ने विधानसभा में कहा कि जल्द ही बस्तर नक्सल मुक्त होगा।

हमला 18 फरवरी 2018 :भेज्जी-चिंतागुफा में 2 जवान शहीद, 1 नक्सली ढेर, 2 ग्रामीणों की मौत 1 मार्च 2018 : उसूर व पामेड़ में 10 नक्सली ढेर, जवान शहीद 7 मार्च 2018: रावघाट मेंे 2 जवान शहीद।

11 मार्च 2018 : दंतेवाड़ा से लोक सुराज अभियान शुरू करते हुए मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि 2022 तक बस्तर को नक्सल मुक्त हो जाएगा।

हमला 13 मार्च : नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 9 जवान शहीद 11 मार्च 2017 : हमले में सीआरपीएफ के 11 जवान शहीद।

निर्णायक कार्रवाई हो न हो, बातचीत की ठोस पहल तो कर सकते हैं

नक्सली
हिंसा छत्तीसगढ़ के लिए अब आम घटनाओं जैसी हो गई है। पर इनसे होने वाले नुकसान को तो सामान्य नहीं कहा जा सकता। शहादत के आंकड़े अब भयभीत करने वाले हो गए हैं। 2005 के बाद से अब तक 1928 जवानों को हमने नक्सली हिंसा में खो दिया है। जाहिर है, सरकारें लड़ रहीं हैं। लेकिन क्या यह निर्णायक लड़ाई जैसी है? बड़ा सवाल है। रातों रात बदलाव नहीं आ सकता। सही है। रातों रात समस्या पूरी तरह खत्म भी नहीं हो जाएगी। सामाजिक, आर्थिक और कानूनी मोर्चे पर जो काम हो रहे हैं, वे होते रहेंगे। पर एक बात जो पूरी तरह खटकती है, वह है राजनीतिक पहल की। जब सारे लोगों से बातचीत की पहल हो सकती है तो नक्सलियों से क्यों नहीं? केंद्र हो या राज्य सरकार, एक बार बातचीत का रास्ता अपनाने से उम्मीद बनती है तो क्या बुरा है। इसलिए बातचीत के रास्ते को अपनाने में कोई बुराई नहीं है। वरना, शहादत की संख्या विचलित करती रहेगी।

सुकमा में नक्सली हमला दुखद है। देश बहादूर जवानों को सैल्यूट करता है। पूरा देश शहीदों के परिजनों के साथ है। -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सरकार की नीतियां त्रुटिपूर्ण है। सुकमा के नक्सली घटना दिखाती है कि देश की आंतरिक सुरक्षा की हालत बिगड़ती जा रही है।''-राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

सुकमा के विकास से नक्सली विचलित हैं। बौखलाहट में हमला कर रहे हैं।'' - डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री

ये घटना चिंताजनक है। जिन जवानों ने शहादत दी है उन्हें नमन करते हैं।'' - राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृहमंत्री

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bacheli News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: मुठभेड़ के बाद साथियों को कैंप छोड़ने जा रहे थे जवान, नक्सलियों ने एंटी लैंडमाइन उड़ाया, 9 शहीद
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Bacheli

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×