• Hindi News
  • Chhatisgarh
  • Bacheli
  • पिछले साल मरीजों को 1500 यूनिट खून चढ़ा 1200 यूनिट लोगों ने अस्पताल जाकर दान किया
--Advertisement--

पिछले साल मरीजों को 1500 यूनिट खून चढ़ा 1200 यूनिट लोगों ने अस्पताल जाकर दान किया

Bacheli News - जिले में अब रक्तदान को लेकर युवाओं में जागरूकता बढ़ने लगी है। जिला हाॅस्पिटल में किसी अनजाने मरीज को भी रक्तदान की...

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2018, 03:10 AM IST
पिछले साल मरीजों को 1500 यूनिट खून चढ़ा 
 1200 यूनिट लोगों ने अस्पताल जाकर दान किया
जिले में अब रक्तदान को लेकर युवाओं में जागरूकता बढ़ने लगी है। जिला हाॅस्पिटल में किसी अनजाने मरीज को भी रक्तदान की जरूरत पड़ती है, इसका संदेश मिलते ही युवा पहुंचकर रक्तदान करते हैं। मरीज को पता भी नहीं चलता कि किस अनजाने व्यक्ति ने उन्हें नया जीवन देने में मदद की है।

रक्तदान को लेकर उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2017 में हाॅस्पिटल में 1500 यूनिट रक्त मरीजों में चढ़ाया गया था, जिसमें से करीब 300 यूनिट रक्तदान शिविरों के जरिए जुटाए गए थे। बाकी यूनिट लोगों ने स्वयं हास्पिटल में आकर दान किया था। हाॅस्पिटल में ब्लड बैंक के नोडल अधिकारी डॉ. देश दीपक के मुताबिक पहले रक्तदान के लिए डोनर ढूंढने में काफी मुश्किल होती थी, लेकिन अब युवा वर्ग के सामने आने से इसमें सहूलियत हो रही है। उम्रदराज लोग भी जान बचाने का पुण्य कार्य करने के लिए आ रहे हैं। बीच-बीच में रक्तदान कैंप भी लगाए जाते हैं।

रक्तदान समूह के नाम से बनाया वाट्सएप ग्रुप : रक्तदान करने युवाओं ने सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। दो साल पहले हाॅस्पिटल के कुछ उत्साही स्टाफ ने रक्तदान समूह के नाम से वाट्सएप ग्रुप बनाया था। अब अन्य युवाओं ने भी ऐसे ही ग्रुप बनाया है, जो किसी भी व्यक्ति को खून की जरूरत पड़ने पर चाहे गए ग्रुप वालों की पहचान करने में जुट जाते हैं। इनमें गीदम से लेकर दंतेवाड़ा के नकुलनार, बचेली, किरंदुल इलाके तक के लोग शामिल हैं। हाॅस्पिटल में सबसे ज्यादा दिक्कत उन गरीब मरीजों को होती है, जो ग्रामीण इलाके से आते हैं और स्थानीय जान-पहचान नहीं होने से ब्लड का इंतजाम नहीं कर पाते हैं। कुछ सामाजिक संगठन भी ऐसे जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आने लगे हैं।

हाॅस्पिटल का स्टाफ भी सहयोग कर रहा

जिला हाॅस्पिटल में पदस्थ युवा स्टाफ भी इस पुण्य कार्य में सहयोग करने में पीछे नहीं रहता। स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए नियुक्त दीपक ठाकुर व उनके 10 अन्य साथी भी मरीजों को रक्तदान करने में मदद करते हैं।

X
पिछले साल मरीजों को 1500 यूनिट खून चढ़ा 
 1200 यूनिट लोगों ने अस्पताल जाकर दान किया
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..