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50 किलोमीटर दूर दे दिए परीक्षा सेंटर, दूरी अधिक होने से शामिल नहीं हो पाए 40 फीसदी ग्रामीण बच्चे

नवोदय में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए 80 सीटों पर चयन के लिए 6993 विद्यार्थी शामिल हुए। जबकि फार्म 11 हजार से अधिक...

Dainik Bhaskar

Apr 22, 2018, 02:00 AM IST
50 किलोमीटर दूर दे दिए परीक्षा सेंटर, दूरी अधिक होने से शामिल नहीं हो पाए 40 फीसदी ग्रामीण बच्चे
नवोदय में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए 80 सीटों पर चयन के लिए 6993 विद्यार्थी शामिल हुए। जबकि फार्म 11 हजार से अधिक विद्याथिर्यांे ने भरा था। जवाहर नवोदय स्कूल में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों से आवेदन भरवाए गए लेकिन प्रवेश परीक्षा में सेंटर तक पहुंचने में पैरेंट्स ने रुचि नहीं दिखाई। वहीं नवोदय स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इस बार नवोदय में प्रवेश के लिए ग्रामीण अंचल में पढ़ने वाले छात्रों को जागरूक कर करने मुफ्त में भी फार्म भराए गए थे। अच्छा होता फार्म भराने से पहले पैरेंट और उनके बच्चों को नवोदय में कक्षा छठवीं में प्रवेश के बाद वहां के पढ़ाई और सुविधाओं के बारे में जानकारी दे दी जाती।

नवोदय स्कूल में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए सभी सरकारी स्कूलों से फार्म भरावाया गया और जब विद्यार्थियों की उपस्थिति परीक्षा में कम हुई तो यह कहा गया कि ग्रामीण अंचल के छात्रों को परीक्षा के प्रति जागरूक करने फार्म भरवाया गया था। अनुसूचित जाति, जनजाति सहित पिछड़ा वर्ग के छात्रों को मुफ्त में फार्म भराया गया था, लेकिन प्रवेश परीक्षा में उतनी रुचि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों ने नहीं दिखाई।

11919 विद्यार्थियों ने छठी में प्रवेश के लिए फार्म भरे गए थे, इनमें से 6993 विद्यार्थी ही बैठ सके

विद्यार्थियों के फार्म तो भरवा दिए, पर परीक्षा की तैयारी नहीं कराई

जिले के नवोदय स्कूल में परीक्षा के लिए मुफ्त में फार्म भरवा दिया गया लेकिन परीक्षा से पहले उनकी तैयारी नहीं कराई गई। यही खास वजह रही है परीक्षा में 5 हजार विद्यार्थी बैठने से वंचित रह गए। इधर नवोदय स्कूल के प्राचार्य ने बताया कि फार्म कक्षा छठवीं की प्रवेश परीक्षा के लिए फार्म तो अधिक जमा कराया गया था लेकिन पैरेंटस के जागरूक नहीं होने से परीक्षा में नहीं उनके बच्चे नहीं बैठे। दूसरी ओर यह कहा गया कि आगे इसका फायदा मिलेगा।

बीपीएल, एससी-एसटी और अोबीसी के बच्चों का नहीं लगा परीक्षा शुल्क

कलेक्टर दुग्गा के निर्देश पर गरीबी रेखा श्रेणी से नीचे जीवन यापन कर रहे विद्यार्थी, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय स्कूल चयन परीक्षा 2018 में शामिल होने के लिए परीक्षा आवेदन के शुल्क से मुक्त किया गया था। जिले में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने जवाहर नवोदय स्कूल की चयन परीक्षा में शामिल हुए।

पहली बार ग्रामीण क्षेत्रों का केंद्र चिरमिरी को बनाया

चिरमिरी| जवाहर नवोदय स्कूल कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में 465 छात्र अनुपस्थित रहे। कारण है कि पहली बार परीक्षा के लिए ग्रामीण क्षेत्रों का परीक्षा केंद्र चिरमिरी को बनाया गया, जबकि चिरमिरी के छात्र परीक्षा देने ग्रामीण क्षेत्रों में पहंुचे। चिरमिरी निगम क्षेत्रांतर्गत दो केंद्रों में 1106 छात्र-छात्राओं का सेंटर निर्धारित था, लेकिन यहां 465 छात्र-छात्राएं परीक्षा देने नहीं पहंुच सकें। नवोदय प्रबंधन का कहना है कि आॅनलाईन रजिस्ट्रेशन के कारण परीक्षा केंद्र ऊपर से ही निश्चित किया जाता है, जिस कारण इस पर वह कुछ नहीं कर सकतें। गर्मी में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को उनके निवास स्थान से 40 से 50 किमी दूर परीक्षा केंद्र दिया गया, जिससे कई बच्चें परीक्षा देने से वंचित रह गए। पालकों का कहना है कि आसपास सेंटर होता तो परीक्षा देने जरूर जाते।

40 फीसदी ही विद्यार्थियों ने दी परीक्षा

11919 विद्यार्थी जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छठी में प्रवेश के लिए फार्म भरे गए थे। इनमें से 6993 विद्यार्थी ही बैठ सके। 4926 विद्यार्थी परीक्षा में नहीं बैठे सके। जिले के 21 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा का आयोजन किया गया था। खड़गवां तहसील के नवोदय स्कूल बैकुंठपुर के 5 स्कूलों खड़गवां, देवादांड, बचरापोड़ी, गोदरीपारा, डोमनहिल के विद्यालयों में सेंटर बनाएण थे। जिसमें चिरमिरी निगम क्षेत्रांतर्गत परीक्षा देने के लिए 60 प्रतिशत ही उपस्थित हुए। 40 प्रतिशत छात्र-छात्रा ज्यादा दूरी होने के कारण अनुपस्थित रहे।

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