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एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक ग्रामीणों के खातों से रुपए निकालकर फरार

भास्कर संवाददाता|बैकुण्ठपुर बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र गदबदी के...

Danik Bhaskar | May 09, 2018, 02:00 AM IST
भास्कर संवाददाता|बैकुण्ठपुर

बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र गदबदी के संचालक पर गरीब ग्रामीणों ने लाखों रुपए का गबन करने का आरोप लगाया है। ग्रामीण अपनी शिकायत को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों से मिल चुके हैं। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

इस पूरे प्रकरण के संबंध में ग्राम पंचायत गदबदी की महिला सचिव ने बताया कि एसबीआई चरचा शाखा के ग्राहक सेवा केंद्र का मनी सिंह द्वारा ग्राम सलका में संचालन किया जाता है। इस केन्द्र में ग्राम पंचायत गदबदी के अनेक किसान, मनरेगा मजदूर व प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों का भी खाता संचालित होता है।

ग्राम सलका की ही फुलमत बाई ने बताया उसके बैंक खाते में लगभग 50,764 रुपए थे। वह जब ग्राहक सेवा केंद्र पैसा निकालने गई तो पता चला कि संचालक मनी सिंह ने उसका फर्जी हस्ताक्षर कर पूरे पैसे निकाल लिए हैं। उसके खाते में मात्र 50 रुपए ही बचे हैं। इसी प्रकार ग्राम गदबदी के मनरेगा मजदूर जगमती, सुमित्रा सिंह, सुलोचना, शिवरतन, आनंद सिंह, विजय सिंह, मांगीलाल सहित अनेक ग्रामीण व प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों फूलमती, मानकुंवर, लाल सिंह, दादूराम सहित अन्य ग्रामीणों के खाते से ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक ने लगभग 6 लाख से भी ज्यादा का फर्जी हस्ताक्षर कर आहरण कर लिया है।

हेराफेरी किए हुए लगभग 2 से 3 माह हो चुके हैं पर ग्रामीणों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालत यह है, खाते में पैसा न होने से ग्रामीणों के जरूरी कामकाज तक नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों के लगातार चक्कर लगाने के बाद भी जिला प्रशासन, चरचा बैंक शाखा प्रबंधक ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है। गबन के बाद से आरोपी मनी सिंह का भी पता नहीं है, ग्राहक सेवा केंद्र भी बंद है। इस मामले में पुलिस भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। लोगों की शिकायत के बाद भी बैंक प्रबंधन की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। इससे लोगों में बैंक के प्रति नाराजगी है।

इन ग्रामीणों की मजदूरी का पैसा गया

जगमती के 17,000 रुपए, सुमित्रा बाई के 32,000, सिलोचनी के 5545 रुपए, शिवरतन के 8000, आनंद सिंह के 9000, विजय सिंह के 5000, मानकुंवर के 3200, नांहीब लाल के 2836, मोहरसाय के 9000, उषादेवी के 1000, ललिता के 1900, कांति बाई के 3500, रामचरण के 2000, पार्वती के 3000, गंगाबाई के 17,000, गुलाब सिंह के 13,000, अमरजीत के 2000, जानकी के 10,000, फूलकुंवर के 10,000, राजमन के 5000, ललिता के 10,000, दुबराज के 7500 और होलसाय के 5000 रुपए मजदूरी के जमा थे।

प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों का भी पैसा डूबा

पीएम आवास योजना के रुपए में ये फूलमती के 30000, मनकुंवर के 15,000 लाल सिंह के 37,000, लीलावती के 13,000, दादूराम के 20,000, नन्हू के 25,000, प्रेमिया के 20,000, रामसिंह के 5900 और फुलमत के 50 हजार डूबे।

ग्राहक सेवा केंद्र संचालक का नहीं चल रहा


लोगों का पैसा लेकर भागने वाले पर हो कार्रवाई