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जेईई एडवांस में 15 हजार तक रैंक लाने पर भी छात्राओं को आईआईटी में मिलेगी असानी से सीट

जेईई एडवांस में सफल होने वाली छात्राओं के लिए इस बार ज्यादा अवसर है। वजह यह है कि टाॅप इंजीनियरिंग संस्थानों में...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 09, 2018, 02:00 AM IST

जेईई एडवांस में सफल होने वाली छात्राओं के लिए इस बार ज्यादा अवसर है। वजह यह है कि टाॅप इंजीनियरिंग संस्थानों में जेंडर गैप को घटाने के लिए एमएचआरडी के निर्देशों के अनुसार गर्ल्स रिजर्वेशन में 779 सीटस ज्यादा मिल रही है।

मिनिस्ट्री के सुझाव के अनुसार जेईई एडवांस के लिए छात्राओं की अलग मैरिट लिस्ट बनेगी। इससे यह तय हो जाएगा कि आईआईटीज में 14 प्रतिशत एडमिशन गर्ल्स को मिले। एक्सपर्ट मानते है कि अगर एडवांस के लिए गर्ल्स ज्यादा मेहनत करें तो गर्ल्स रिजर्वेशन में अच्छी परफाॅर्मर्स को मेन स्ट्रीम और एवरेज स्टूडेंटस को आॅफबीट ब्रांच आसानी से मिल जाएगी। यहां तक कि 15 हजार रैंक लाने वाली गर्ल्स को आईआईटी की सीट मिल सकेगी।

गौरतलब है कि इस बार काउसिंलिंग के 9 राउंड होंगे। काॅमन लिस्ट में सेलेक्ट होने वाली गर्ल्स को इससे ज्यादा फायदा होगा। उनके पास मेंन ब्रांच के अवसर अधिक होंगे। उदाहरण के तौर पर अगर 5 हजार रैंक वालीे कैंडीडेट गर्ल्स कैटेगरी मंे टाॅप पर आ रही है, तो उसके सामने मेन ब्रांच के आप्शन खुल जाएंगे। अग काॅमन रैंक में उसे टैक्सटाइल ब्रांच मिल रही है और गर्ल्स रिजर्वेशन में उसे मुम्बई आईआईटी मंे इलेक्ट्रीकल ब्रांच मिल रही है तो वह इलेक्ट्रीकल को ले सकेगी। आईआईटीज और एनआईटीज मंे गर्ल्स रेशियों को बढ़ाने के लिए टोटल 14 प्रतिशत सीट का रिजर्वेशन किया गया है। रिजर्वेशन के तहत आईआईटी और एनआईटीज की अर ब्रांच मंे हर कैटेगरी की 14 परसेंट सीटस गल्र्स के लिए होंगी। यानी सीएस, इलेक्ट्रिकल्स सहित अलग-अलग ब्रांचेस मंे ओबीसी, एसटी और एससी की अलग-अलग 14 परसेंट रिजर्वेशन दिया जाएगा। वर्तमान मं आईआईटी मंे छात्राएं सिर्फ 8 प्रतिशत और एनआईटीज मंे 18 प्रतिशत है।

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