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चार साल बाद प्रदेश की मेरिट लिस्ट में जिले को स्थान, चिरमिरी की संध्या प्रदेश में सातवें नंबर पर

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बुधवार को जैसे ही एक साथ 10 वीं और 12 वीं का रिजल्ट घोषित किया तो विद्यार्थियों और...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 10, 2018, 02:00 AM IST

चार साल बाद प्रदेश की मेरिट लिस्ट में जिले को स्थान, चिरमिरी की संध्या प्रदेश में सातवें नंबर पर
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बुधवार को जैसे ही एक साथ 10 वीं और 12 वीं का रिजल्ट घोषित किया तो विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल नजर आया। रिजल्ट ओपन होते ही कोई नेट केफे पर तो कोई अपने मोबाइल पर रिजल्ट पता करने में लगा हुआ था।

पिछले सालों की तुलना में इस बार रिजल्ट बेहतर रहा। क्योंकि जिले की एक छात्रा ने प्रदेश स्तरीय मेरिट लिस्ट में शामिल होकर जिले का गौरव बढ़ाया। इस साल कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम 61 प्रतिशत रहा है। जबकि साल 2017 में 49 प्रतिशत रहा है। शिक्षा विभाग के अनुमान के अनुरूप रहा है। गौरतलब है कि इस साल लड़कों की तुलना में लड़कियों फर्स्ट डिवीजन से पास होकर लड़कों को पछाड़ दिया है। हायर सेकंडरी स्कूल के परीक्षा परिणाम पर गौर करें तो यहां भी लड़किया ने बाजी मारी हालांकि लड़कियों की तुलना में 12 वीं की परीक्षा में 380 लड़के कम बैठे थे। लेकिन 1100 लड़कियों ने फर्स्ट डिवीजन से पास होकर पूरे जिले में अपनी धाक जमाई ली है। दोनों परीक्षाओं में लड़कों के मुकाबले लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन किया।

2018 के परिणाम

9608

छात्रों ने दी परीक्षा

साल 2017 में

10वीं: 6513 विद्यार्थी शामिल हुए।

रिजल्ट: 65.73 %

12वीं: 10518 विद्यार्थी शामिल हुए।

रिजल्ट: 47.38 %

एक्सपर्ट व्यू: मेहनत का है परिणाम

लाहिड़ी स्कूल के रिटायर्ड साइंस के शिक्षक आरके शर्मा और शासकीय हायर सेकंडरी आदर्श स्कूल के प्राचार्य उमाशंकर शुक्ला के अनुसार परीक्षा की बेहतर तैयारी और शिक्षकों की मेहनत से रिजल्ट सुधरता है। यही वजह है कि इस बार परिणाम बेहतर रहा।

61%

10वीं का रिजल्ट

5857

विद्यार्थी हुए पास

6497

छात्रों ने दी परीक्षा

साल 2016 में

10वीं: 4918 विद्यार्थी शामिल हुए।

रिजल्ट: 48.30 %

12वीं: 2688 विद्यार्थी शामिल हुए।

रिजल्ट: 73.62 %

69%

12वीं का रिजल्ट

2018 के परिणाम

4516

विद्यार्थी हुए पास

साल 2015 में

10वीं: 4799 विद्यार्थी शामिल हुए।

रिजल्ट: 48.19 %

12वीं: 3333 विद्यार्थी शामिल हुए।

रिजल्ट: 62.34%

िपछले साल: निराशाजनक था परिणाम

शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पिछले सालों का परीक्षा बेहतर नहीं रहा। बीते साल 12 में महज 47 प्रतिशत विद्यार्थी ही सफल हुए थे। यही स्थिति 10 की रही। बीते साल 10 वीं का परीक्षा परिणा भी खास उल्लेखनीय नहीं रहा।

परीक्षा परिणाम सुधारने जिले में ये हुए प्रयास

परीक्षा से पहले नकल पर नकेल कसने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर ली गई थी। पूरे परीक्षा के दौरान एक नकल प्रकरण पकड़ा गया था।

परीक्षा से पहले तिमाही और छमाही परीक्षा को आयोजन किया गया। इसके लिए प्री बोर्ड एग्जाम का आयोजन भी किया गया था।

मिशन बेटर एजुकेशन की पढ़ाई के कारण भी छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए गाइड मिला। पढ़ने के तरीके में सुधार होने से भी परीक्षा परिणाम बेहतर हुआ है।

शिक्षाकर्मियों की लगातार हड़ताल और आंदोलन के कारण बोर्ड के छात्रों ने खुद से ही पढ़ाई पर ज्यादा फोकस किया। जिसके कारण परीक्षा परिणाम छात्रों के सोच के अनुरूप रहा है।

टॉपर्स ने बताए सफलता का राज

जिद जीत की: संध्या ने 12 वीं में प्रदेश की मेरिट लिस्ट में सातवां स्थान हासिल किया है। साथ ही कोरिया जिले में पहले स्थान पर है।

संध्या ही क्यों: क्योंकि संध्या ने जो लक्ष्य बना था, उसे हासिल करने के लिए जी जान एक कर दी। आिर्थक विषमताओं के बाद भी वह डटी रही।

नाेट्स बनाकर पढ़ाई की: संध्या को जो कुछ भी स्कूल में पढ़ाया जाता था, वह उसके नोट्स बनाकर रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई करती थी।

कड़ी मेहनत की: खुशी गुप्ता ने हाई स्कूल परीक्षा में 91 फीसदी अंक हासिल किए हैं। जिसके लिए वह पूरी साल पूरी साल मेहनत की।

खुशी ही क्यों: क्योंकि खुशी का मानना है कि जो भी काम करो वह सबसे अच्छा होना चाहिए। इसी सोच को लेकर उसने मेहनत की।

लिखने का रोज अभ्यास : खुशी पढ़ने के साथ ही लगातार लिखने का भी अभ्यास करती थी। इसका फायदा उसे परीक्षा में मिला।

शार्टकट से बचें: उत्कर्ष परिहार ने हाई स्कूल परीक्षा में 91 फीसदी अंक हासिल किए हैं। इसके लिए उसने कड़ी मेहनत की।

उत्कर्ष ही क्यों: क्योंकि उत्कर्ष का मानना है कि बिना मेहनत के लक्ष्य काे पाना असंभव है। इसी सोच को लेकर उसने मेहनत की।

अनसॉल्व्ड पेपर हल किए: उत्कर्ष तैयारी के दौरान पिछले वर्षाें के पेपर भी हल करता था। जिससे उसका अच्छा अभ्यास हो गया।

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