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नगर पालिका की लापरवाही से कबाड़ में तब्दील हो गए 70 टैंकर

भास्कर संवाददाता|बैकुण्ठपुर शहर का फिल्टर प्लांट नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही का जीता जागता उदाहरण बना हुआ...

Danik Bhaskar | May 10, 2018, 02:00 AM IST
भास्कर संवाददाता|बैकुण्ठपुर

शहर का फिल्टर प्लांट नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही का जीता जागता उदाहरण बना हुआ है। जहां फिल्टर प्लांट पहुंचने के बाद चारों तरफ सिर्फ कबाड़ ही कबाड़ नजर आता है। जहां एक तरफ भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए स्वस्छ जल की मांग 21 वार्ड में है वहां इसकी उपलब्धता बनाए रखने के लिए अधिकांश वार्डों में पानी टैंकर ही जरिया बना हुआ है। 21 वार्ड में 8 छोटे टैंकर पुराने एवं 10 नए छोटे टेंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। क्रय किए गए 2 नग नए टैंकर क्रय करने के 3 दिन के अंदर ही खस्ता हाल हो गए जो अब वह कबाड़ की शोभा बढ़ा रहे है। जबकि कबाड़ की हालत में 4 नग बड़े टैंकर और लगभग 70 नग छोटे टैंकर कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं और 3 नग ट्रैक्टर कबाड़ हो चुके हैं। नपा के द्वारा इसकी सुधार की कोई कोशिश नहीं की जा रही है। जानकारों ने जनवरी माह में ही प्रशासन को उनकी कमज़ोरी से अवगत कराया गया था परन्तु शायद प्रशासन को नए टैंकर में लाभ ज्यादा दिखा, और किराए के उपलब्ध ट्रैक्टर में ज्यादा लाभ दिख रहा है, जबकि खुद की 3 ट्रैक्टर कबाड़ में पड़ी हुई है। वर्तमान में जिस टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है उसका भी हाल-बेहाल ही है। नपा से पानी मंगानें पर घर तक आधा टैंकर पानी ही पहुंच पाता है। उम्मीद है कि जल्दी ही कुछ नए टैंकर क्रय प्रशासन के द्वारा किया जाएगा और वर्तमान के टैंकर भी कबाड़ की शोभा बढ़ाएंगे । प्रशासन के साथ साथ जनप्रतिनिधियों का भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।

शिकायतों के बाद भी नगर पालिका प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, जनता की समस्या पर विपक्ष भी खामोश बैठा है

कबाड़ में तब्दील हो रहे नपा के टैंकर, आगे और नए टैंकर खरीदेगी नगर पालिका

खास लोगों के घरों में पहुंच रहे पानी के टैंकर

चिरमिरी| क्षेत्र में पानी टैंकरों को लेकर विवाद भी सामने आने लगे हैं। कहीं पर तो यह टैंकर काॅलोनियों के सिर्फ चुनिंदा लोगों के घरों में ही पानी सप्लाई कर रहें है। जिस कारण दूसरों को पानी नहीं मिल पा रहा है। बुधवार को पूराना गोदरीपारा में पहंुचे टैंकर भी इसी हाल में देखे गए। गोदरीपारा के गीने चुने कॉलोनियों में ही निगम के पानी की लाइन बिछ पाई हैं। अब भी ऐसे कई काॅलोनी है जहां टैंकर से, तो कहीं तुर्रा के पानी ही पेयजल के लिए सहारा है। वही गर्मी में एसईसीएल से मिलने वाला पानी भी नियमित रुप से नहीं मिल पा रहा है, जिस कारण टैंकर ही सहारा बने हुए है। ऐसे मेें पेयजल के लिए चल रहें निगम के टैंकर चुनिंदा जगहों पर और दबंगों के घरों तक ही पानी पहंुचा रहें हैं।