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गर्मी में 4 गुना बढ़कर हुई मरीजांे की संख्या जन औषधि केंद्र में 64 में सिर्फ 30 दवाएं

जिले का तापमान 43 के पार पहंुच रहा है। गर्मी की चपेट में आकर बीमार होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल की...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 13, 2018, 02:00 AM IST

गर्मी में 4 गुना बढ़कर हुई मरीजांे की संख्या जन औषधि केंद्र में 64 में सिर्फ 30 दवाएं
जिले का तापमान 43 के पार पहंुच रहा है। गर्मी की चपेट में आकर बीमार होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल की ओपीडी 100 से बढ़कर 400 पहुंच गई है। वहीं जन औषधि केंद्र में दवाएं नहीं मिल रही हंै। इसके चलते मरीजों परिजनों को निजी मेडिकल स्टोर पर जेब से रुपए खर्च कर दवाएं लेनी पड़ रही हैं।

गर्मी के कारण मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं। 100 बेड के अस्पताल में इन दिनों 150 के लगभग मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। वार्डों में सभी बेड़ फुल हैं। इसके चलते बिस्तर गैलरी और खाली जगह पर लगाए गए है। वहीं वार्ड ब्वाय की लापरवाही से कई कूलर के पम्प खराब पड़े हैं। इससे मरीजों को गर्मी से परेशान होना पड़ रहा है। इन दिनों गर्मी और खानपान में असावधानी के चलते उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज अधिक संख्या में पहुच रहे हैं। गंभीर अवस्था में पहुचने वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। वहीं अस्पताल में दवाओ की कमी के कारण भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएस डॉ. अशोक गुप्ता ने बताया खान-पान में विषेश सावधानी बरतने की जरूरत है।

वार्ड बॉय की लापरवाही अस्पताल के कई वार्डों के कूलर के पम्प खराब

जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज, मौजूद परिजन।

पंप खराब होने से कूलर बंद, मिल रही गर्म हवा

वार्ड का तापमान सामान्य रखने के लिए कूलर लगे हैं, लेकिन वार्ड ब्वाय की लापरवाही के कारण कई वार्ड के कूलर के पम्प खराब हो गया। बताया कि बिना पानी के ही कूलर कई घंटे तक चला, इसलिए पम्प खराब हुआ। दूसरी ओर सप्ताह भर से मरीजों को अब गर्म हवा ही मिल रही है। इस बात की जानकारी सीएस को मिलने पर तत्काल पम्प बदलने के निर्देश दिए हैं। कूलर चालू होने से राहत मिलेगी।

जन औषधि केंद्र में जरूरी दवाएं नहीं मिलती

जन औषधि भंडार में सीजीएमएससी से दवाएं सप्लाई की जाती हैं, लेकिन इन दिनों नाम का ही जन औषधि भंडार रह गया है। यहां 64 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होने का दावा किया गया लेकिन 30 प्रकार ही दवाएं ही हंै। दिन भर 40 से 50 मरीज दवाएं लेने आते हैं। जबकि ओपीडी में मरीजों की संख्या 400 के ऊपर हो रही है। यहां एेसी दवाएं हैं, जिनकी आवश्यकता मरीजों को कम पड़ती है।

दवा भंडारण केंद्र में एंटीबायोटिक तक नहीं

लू की चपेट में आए मरीजाेें का बेहतर तरीके से इलाज को लेकर जिम्मेदारों का दावा है कि अस्पताल में दवाअों का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध है। जानकारी के अनुसार हकीकत यह है कि पैरासिटामाॅल, ओआरएस और ग्लूकोज ड्रीप हैं लेकिन एंटीबायोटिक की सप्लाई राज्य स्तर से ही प्रभावित है। लिवर टाॅनिक और लीवर टेबलेट अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं हैं। ऐसे में उनके दावों की पाेल खुल रही है।

आइसोलेशन वार्ड नहीं है

स्वास्थ्य विभाग ने लू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है, लेकिन जिले के स्वास्थ्य विभाग का सिस्टम एेसा है कि अब तक अस्पताल सहित किसी भी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आइसोलेशन वार्ड नहीं बनाया गया है। जबकि पहले ही छग स्वास्थ्य विभाग ने लू का अलर्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही लू की पर्याप्त दवाएं 24 घंटे डाक्टर सहित पैरामेडिकल स्टाफ को रहने के निर्देश दिए गए हैं।

लू के मरीज नहीं आ रहे

सीएस डाॅ. एसके गुप्ता ने कहा कि अभी तक लू के मरीज अस्पताल में नहीं पहंुचे हंै। सामान्य उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज ही आ रहे हंै। लू के मरीज आने पर उन्हें सामान्य वार्ड में भर्ती किया जाएगा और इलाज होगा।

दवाओं का आर्डर दिया है

जन औषधि भंडर प्रभारी अंकित ताम्रकार ने बताया कि अभी दवाएं खत्म हो गई हैं, इसलिए थोड़ा शॉर्टेज है। लेकिन और दवाओं का आर्डर दिया गया है। वर्तमान में 70 से 75 किस्म की दवाएं उपलब्ध हैं। जल्द ही आर्डर की गई दवाइयां भी उपलब्ध होंगी, जो कि मरीजों काे दी जाएंगी।

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