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डॉक्टरों की कमी से एक साल में 296 नवजात की हो चुकी मौत

बैकुंठपुर | प्रसव के दौरान 22 जच्चा की मौत, प्रसव के 24 घंटे के अंदर 54 नवजात की मौत और प्रसव के 4 हफ्ते के अंदर 135 बच्चों की...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 13, 2018, 02:05 AM IST

बैकुंठपुर | प्रसव के दौरान 22 जच्चा की मौत, प्रसव के 24 घंटे के अंदर 54 नवजात की मौत और प्रसव के 4 हफ्ते के अंदर 135 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस प्रकार कुल 296 बच्चों की मौत अब तक हो चुकी है।

135 की मौत प्रसव के 4 हफ्ते के अंदर हो चुकी है

मौत का कारण: ग्रामीण क्षेत्रों में डाॅक्टरों की कमी, जिले में एक भी नहीं है शिशु रोग विशेषज्ञ।

यह है सुविधाएं: जिलेभर में डिलीवरी के लिए 21 सेंटर में 3 बंद हैं । प्रसूताओं को सेंटर पहुंचाने 10 वाहन की सुविधा भी है।

11914 संस्थागत प्रसव हुए हैं जिले में हर साल

54 नवजात की मौत प्रसव के 24 घंटे के अंदर हो चुकी

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Web Title: डॉक्टरों की कमी से एक साल में 296 नवजात की हो चुकी मौत
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