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आदिवासी छात्रा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन- नर्सिंग हाेम संचालक पर मनमानी का आरोप

मनेन्द्रगढ़ में संचालित निजी नर्सिंग कॉलेज के संचालक के दो वर्षों से छात्रा के मूल दस्तावेज न लौटाने के कारण एक...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 12, 2018, 02:15 AM IST

आदिवासी छात्रा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन- नर्सिंग हाेम संचालक पर मनमानी का आरोप
मनेन्द्रगढ़ में संचालित निजी नर्सिंग कॉलेज के संचालक के दो वर्षों से छात्रा के मूल दस्तावेज न लौटाने के कारण एक आदिवासी छात्रा का भविष्य चौपट हो गया। पीडि़ता ने इस मामले को लेकर थाना मनेन्द्रगढ़ समेत कलेक्टर कोरिया व एसडीएम को पत्र प्रेषित कर न्याय की गुहार लगाई है। छात्रा का कहना है कि उसे मानसिक तौर पर नर्सिंग कॉलेज के संचालक ने प्रताडि़त किया, जिससे वह सदमे में है।

ज्ञापन में छात्रा ने बताया है कि उसने 2013 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। उसके बाद कम्प्यूटर कोर्स किया। अपने पैरों में खड़ा होकर स्वावलंबी बनने के लिए उसने प्रोफेशनल कोर्स करने की सोची। वह बीएससी नर्सिंग करना चाहती थी। तब उसने मनेन्द्रगढ़ स्थित नर्सिंग कॉलेज में जाकर बीएससी नर्सिंग कोर्स करने के बारे में जानकारी ली तो वहां की टीचिंग स्टॉफ शिक्षिका ने कहा कि आपका हम दाखिला ले लेंगे। शिक्षिका ने तीन रुपए लेकर मेनुअल फार्म भरवाकर रख लिया। शिक्षका ने अगस्त 2016 में बताया दाखिला हो गया है, अपने मूल दस्तावेज जमा करा देंं। वह शिक्षिका की बातों में कक्षा 10वीं और 12वीं की अंकसूची, जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, माईग्रेसन सर्टिफिकेट की मूल प्रति जमा दी शिक्षिका ने जमा की पावती भी नहीं दी। जिसे बाद में लेने का कहा था।

आवेदिका अपने मूल दस्तावेज जमा करने के बाद दूसरे दिन फोन आया कि आप अब तीस हजार एडमिशन फीस 67 हजार रुपए कॉलेज फीस समेत एक वर्ष का 97 हजार जमा करो । इस पर उसने फीस बहुत ज्यादा होने की बात कहते हुए, इसको जमा कर पाने में असमर्थता जताई। कहा वह गरीब इतनी फीस देने में सक्षम नहीं है, जिसके बाद शिक्षिका रोज फीस जमा करने के लिए फोन आने लगा व फीस जमा करने का दबाव बनाने लगी। उससे बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए कोई भी कप्टीशन एग्जाम भी नहीं लिया गया था। छात्रा ने बताया कि मूल दस्तावेज को जबरन जमा कर न लौटाए जाने के कारण वह आगे की पढ़ाई नहीं कर सकी, जिससे उसका कॅरियर खराब हो गया है। छात्रा के मुताबिक अगर उसकी पढ़ाई निरंतर जारी रहती तो उसे शासकीय नौकरी भी मिल सकती थी और वह अपने परिवार का सहारा बन सकती थी। छात्रा ने मामले की पड़ताल कर उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।

पीड़ित छात्रा।

फीस जमा हाेने पर ही लौटाएंगे कागजात

छात्रा का कहना है कि वह बेहद गरीब परिवार से है एवं फीस जमा करने में असमर्थ है। इस कारण उसने शिक्षिका को अपनी सारी स्थिति से अवगत करा दिया। छात्रा ने कहा कि वह फीस जमा नहीं कर पाएगी मेरे स्थान पर किसी अन्य को भर्ती कर लीजिए और मेरे मूल दस्तावेज वापस कर दीजिए। किन्तु शिक्षिका ने बार-बार दबाव डाला कि तुम फीस जमा करो। इस तरह से एक साल व्यतीत हो गया। जिसके बाद कई बार एके नर्सिंग कॉलेज मनेन्द्रगढ़ में अपने मूल दस्तावेज लेने के लिये कई बार गई परंतु शिक्षिका ने कहा कि तुम एडमिशन ले लो तुहारा दस्तावेज नहीं लौटाया जाएगा। जब तुम 97 हजार रुपए फीस जमा कर दोगी तभी तुहारे दस्तावेज लौटाएंगे। अब शिक्षिका की तरफ से कहा कहा जा रहा है कि उसके मूल दस्तावेज नहीं लौटाएंगे।

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