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आरटीई के तहत एडमिशन में सिर्फ चार दिन शेष, विभाग का पोर्टल ही चालू नहीं

26 दिन से आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश दिलाने अभिभावक परेशान हो रहे हैं। लेकिन पोर्टल आज तक नहीं खुला। नया शिक्षा...

Dainik Bhaskar

Apr 27, 2018, 03:10 AM IST
आरटीई के तहत एडमिशन में सिर्फ चार दिन शेष, विभाग का पोर्टल ही चालू नहीं
26 दिन से आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश दिलाने अभिभावक परेशान हो रहे हैं। लेकिन पोर्टल आज तक नहीं खुला। नया शिक्षा सत्र भी अब खत्म होने वाला है। अब शिक्षा विभाग से जानकारी मिली है कि जिले के 187 स्कूलों ने आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया है। जल्द ही आरटीई के तहत बच्चों के एडमिषन के लिए पोर्टल ओपन हो जाएगा।

आरटीई के तहत लगातार बच्चों के एडमिशन के लिए डेट बढ़ाई जा रही है। लेकिन नए शिक्षा सत्र को खत्म होने पर अब सिर्फ चार दिन शेष रह गए हैं। लेकिन इधर बच्चों का एडमिश न कराने अभिभावक परेशान रहे हैं। आॅनलाइन की इस व्यवस्था से अभिभावकों में खासी नाराजगी है। पहले पोर्टल नहीं खुलने का कारण बताया था कि कुछ तकनिकी खराब होने से पोर्टल नहीं खुल रहा है। बाद में कहा गया कि सभी निजी स्कूलों के आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन होने बाद पोर्टल ओपन होगा और आॅनलाइन एडमिशन शुरू हो जाएगा लेकिन 26 अप्रैल से दो दिन पहले 216 में से 187 स्कूलों का आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी पोर्टल ओपन नहीं हो रहा है। इस कारण अिभभावक शिक्षा विभाग और आॅनलाइन सर्विस देने वाली दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं।

जिले के निजी स्कूलों में आरटीई से 1146 बच्चों का होना है एडमिशन

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए कंप्यूटर सेंटरों पर पहुंच रहे अिभभावक, लेकिन पोर्टल ही नहीं खुल रहा।

आरटीई में एडमिशन के लिए जिले में 47 नोडल अधिकारी नियुक्त, पोर्टल कब चालू होगा, इसका भी जवाब नहीं

नए शिक्षण सत्र में करीब 1148 बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाना है। इसके लिए 47 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हंै। इनका भी आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन कर दिया गया है। वर्तमान में जिले के 187 आॅनलाइन रजिस्टर्ड निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1148 बच्चों को प्रवेश देना है लेकिन पोर्टल नहीं खुलने के कारण प्रवेश प्रक्रिया 26 अप्रैल को भी शुरू नहीं हो सकी। अब एडमिशन के लिए चार दिन ही शेष रह गए हैं। इन चारों दिनों के भीतर ही एडमिशन दिया जाएगा। पोर्टल कब तक शुरू होगा, इसका जवाब शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है। पहले विभागीय अफसरों का कहना था कि अभी तक स्कूलों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जिसके कारण पोर्टल नहीं खुल रहा है। अब वे बता रहे हैं कि स्कूलों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है तो हो चुका है, तकनीकि कारणों से पोर्टल नहीं खुल रहा।

अभिभावकों की बढ़ी िचंता विभाग के लगा रहे चक्कर

जिले के निजी स्कूलों का रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी आरटीई के तहत एडमिशन फार्म जब 26 अप्रैल को भी पोर्टल नहीं खुला तो अभिभावकों की बेचेनी और बढ़ गई है। क्योंकि अब लास्ट डेट में चार दिन ही रह गए है। एेसे में कई बार नेटवर्क की दिक्कत के कारण भी पोर्टल ओपन नहीं हो पाता है। अिभभावक भी शिक्षा विभाग के दफ्तर के चक्कर लगा लगाकर परेशान हो गए हैं।



आॅनलाइन एडमिशन के बाद आटीसी ओके करने बाद इसकी तीन काॅपी निकालनी होगा। इसमें से एक नोडल अधिकारी, दूसरी डीईओ कार्यालय और तीसरी काॅपी स्कूल के पास रहेगी। इससे एडमिशन के संबंध में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होगी। डीईओ राकेश पांडेय ने बताया कि जिले के 187 निजी स्कूलों को आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन का काम पूरा करने के साथ सभी नोडल अधिकारियों का भी आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन कर लिया गया है। अब जल्द ही आरटीई के तहत बच्चों के एडमिशन के लिए पोर्टल ओपन होगा।

डीईओ बोले- जल्दी शुरू होगा ऑनलाइन पोर्टल

आरटीई के तहत बीपीएल परिवार के बच्चों को साल 2017-18 में 1148 बच्चों को प्रवेश दिया गया था। इस साल याी 2018-19 में भी अब तक इतने ही बच्चों को प्रवेश देने की जानकारी शिक्षा विभाग से मिली है। सूत्रों की माने तो प्रति बच्चें पर अधिकतम 11500 रुपए शासन खर्च करती है। बीपीएल परिवार के बच्चे भी निजी स्कूलों मंे पढ़ सके। इसलिए शासन के द्वारा इस तरह की व्यवस्था लागे की गई हैं।

एक बच्चे पर सरकार करती है साढ़े 11 हजार खर्च

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