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16 से पुरुषोत्तम मास, एक महीने तक शुभ कार्यों पर रोक

मंगलवार से शुरू हुआ हिन्दू पंचांग का ज्येष्ठ महीना इस साल दो बार पड़ रहा है। हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार जब किसी...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 06, 2018, 05:10 AM IST

मंगलवार से शुरू हुआ हिन्दू पंचांग का ज्येष्ठ महीना इस साल दो बार पड़ रहा है। हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार जब किसी वर्ष कोई महीना दो बार पड़ता है तो बीच के दिनों को पवित्र पुरुषोत्तम मास होता है। पुरुषोत्तम मास में भगवान की कथा सुनने, दान पुण्य करने और तीर्थ क्षेत्रों की यात्रा करने को विशेष महत्व दिया गया है। पर इस माह में मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई है।

ज्येष्ठ महीना एक मई से शुरू होकर 28 जून तक रहेगा। ज्येष्ठ महीना शुरू होने के 15 दिनों बाद 16 मई से लेकर 13 जून तक की अवधि को पुरुषोत्तम मास (मल मास) के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा, विष्णु सहस्त्रनाम, श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना, दान-पुण्य करना, ब्रज क्षेत्र की तीर्थ यात्रा करना अति पुण्यदायी माना गया है। पुरुषोत्तम माह शुरू होने के 15 दिन पहले और पुरुषोत्तम माह खत्म होने के बाद के 15 दिनों को साधारण ज्येष्ठ के रूप में मनाया जाएगा। इस तरह देखा जाए तो एक मई से 15 मई तक और फिर इसके बाद 14 जून से 28 जून तक की अवधि को साधारण ज्येष्ठ महीना के रूप में मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार जब तिथियों में घट-बढ़ होती है तब कोई महीना 30 का और कोई 28 या 29 दिन का होता है। इस तरह तीन साल में लगभग 30 दिनों की बढ़ोतरी होती है। इस वजह से तीन साल में एक बार अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) मनाया जाता है। यह विशेष फलदायी होगा। पुरुषोत्तम मास, विवाह, मुंडन, जनेऊ संस्कार नहीं होंगे।

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