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चलती वैगन से कोयला चोरी, कार्रवाई नहीं

जिले में रेल परिवहन के माध्यम से भेजे जाने वाले कोयले की चोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। आज भी ऐसे कई क्षेत्र हैं...

Dainik Bhaskar

May 06, 2018, 05:10 AM IST
जिले में रेल परिवहन के माध्यम से भेजे जाने वाले कोयले की चोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। आज भी ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां चलती मालगाड़ी में सवार होकर इस धंधे में लगे लोग कोयला चोरी करते साफ देखे जा सकते हैं। यदाकदा शिकायत पर आरपीएफ के जवान कार्रवाई करते हैं लेकिन वह चोरी रोकने में नाकाफी साबित होती है। यही वजह है कि कोयले से भरी बैगनों में कोयला चोरी की घटना थमने का नाम नहीं ले रही।

कोरिया जिला एवं इससे लगे अनूपपुर जिले में कोयले की दर्जनों खदानें हैं। इन खदानों से निकलने वाले कोयले को सड़क व रेल माध्यम से भेजा जाता है। सड़क माध्यम में भेजा जाने वाला कोयला तिरपाल से ढका होता है तथा उसमें चोरी की कोई गुंजाइश नहीं रही। जबकि रेलवे के माध्यम से भेजे जाने वाले कोयले से भरी बैगन अपने उपभोक्ता तक पहुंचन के पहले ही काफी खाली हो चुकी रहती है। ऐसे में जहां उपभोक्ता को भी काफी नुकसान होता है वहीं संबंधित विभाग को भी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने कोई ठोस पहल क्यों नहीं की जा रही। जिले के पटना, चिरमिरी, बैकुंठपुर, झिलमिली आदि क्षेत्रों से रोजाना कई रैक कोयला रवाना होता है। इन कोयले से भरी बैगनों के आने जाने का समय उन लोगों को पता होता है जो चलती मालगाड़ी में चढ़कर बैगन के ऊपर पहुंच जाते हैं और फिर वहां कोयले के बड़े बड़े टुकड़े छांटकर उन्हें रेलवे पाथ के किनारे गिराते चले आते हैं। इन कोयले के टुकड़ों को उन्हीं समूहों के लोग इकट्ठा कर फिर उसे बाजार में खपाते हैं। कोयले के अवैध चोरी के चक्कर में कई लोग बैगन में चढ़ते उतरते समय गंभीर रूप से दुर्घटनाओं का शिकार भी हो चुके हैं।

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