बैकुंठपुर

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स्टेडराइजेशन कमेटी के लिए पुनर्गठन से यूनियनों का विरोध

बैकुंठपुर| दसवां वेतन समझौता में लिए गए निर्णयों को अमलीजामा पहनाने स्टेंडराइजेशन कमेटी का गठन किया गया था। इसकी...

Dainik Bhaskar

May 06, 2018, 05:10 AM IST
बैकुंठपुर| दसवां वेतन समझौता में लिए गए निर्णयों को अमलीजामा पहनाने स्टेंडराइजेशन कमेटी का गठन किया गया था। इसकी पहली मीटिंग टलने के बाद प्रबंधन ने अचानक इसके लिए पुनर्गठन की सूचना जारी कर दी है। जिसको को लेकर श्रमिक संघों के विरोध के स्वर भी बुलंद होने लगे है।

जेबीबीसीआई-10 या दसवां वेतन समझौता के तहत 3 लाख से अधिक कोयला कामगारों के वेतन वृद्धि सहित अन्य सुविधाओं पर निर्णय लिया गया है। जिसे लागू करने की प्रक्रिया के तहत स्टेडराइजेशन कमेटी का गठन किया गया है। दसवां वेतन समझौता के बाद भी कोयला कर्मचारियों की कई तरह की शिकायते हंै। जिसमें लंबित वीआरएस,चिकित्सा, पेंशन सहित अन्य मुददे शामिल हंै। इन सभी मुददों पर स्टेडराइजेशन कमेटी की मीटिंग में चर्चा होनी थी। इससे पहले ही प्रबंधन ने बैठक को रदद कर दिया। पहले से तय स्टेंडराइजेशन कमेटी में एनसीएल के सीएमडी कमेटी के चेयरमैन है अन्य अधिकारियों में इसीएलके डायरेक्टर, एसईसीएल के निदेशक कार्मिक, सीसीएल से आरएस महापात्रों, डब्ल्यूसीएल से संजय कुमार, एमसीएल से एलएन मिश्रा, बीसीसीएल से आरएस महापात्रा सहित अनुशांगिक कंपनियों के अधिकारी सहित चारों यूनियन के प्रतिनिधि भी सदस्य रहेंगे। 3 मई को पुनर्गठन का पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि जिस तरह जेबीसीसीआई-10 गठित हुआ था। सदस्यता के आधार पर वैसे ही इस कमेटी में प्रतिनिधित्व होगा। इस फैसले से यूनियनों की परेशानी बढ़ गई है। वही इससे पुनर्गठन से इंटक को अलग रखा गया है। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर कार्मिकाें में आगे चलकर उनकी मांगों को पूरा होने के लिए असमंजस की स्थिति है।

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