Hindi News »Chhatisgarh »Baikunthpur» सड़कों पर दौड़ाई जा रहीं बगैर परमिट व अनफिट बसें,बन रहीं हादसे का कारण

सड़कों पर दौड़ाई जा रहीं बगैर परमिट व अनफिट बसें,बन रहीं हादसे का कारण

जिले में यातायात नियमों को ताक पर रखकर बगैर परमिट व अनफिट बसें सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं। इससे आए दिन हादसे हो रहे...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 06, 2018, 05:10 AM IST

सड़कों पर दौड़ाई जा रहीं बगैर परमिट व अनफिट बसें,बन रहीं हादसे का कारण
जिले में यातायात नियमों को ताक पर रखकर बगैर परमिट व अनफिट बसें सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। जिनमें लोगों को जानमाल का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इसके बाद भी विभागीय अफसर इन बसों का संचालन बंद कराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे इन बसों में सफर के दौरान यात्रियों को हादसे की आशंका बनी रहती है।

बता दें कि जिला मुख्यालय से मनेन्द्रगढ़, जनकपुर, अंबिकापुर, चिरमिरी समेत अन्य प्रदेशों के लिए करीब आधा सैकड़ा यात्री बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश यात्री बसों की हालत काफी जर्जर है। कई बसें तो इस हालत में नहीं है कि उन्हें लंबी दूरी का परमिट जारी किया गया हो, लेकिन उसके बावजूद बसों के फिटनेस के लिए तय मानक और यातायात नियमों को ताक पर रखकर इन बसों को सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। इन बसों में ना तो फास्ट एड बाक्स होता है, आग लगने की स्थिति में काबू पाने के लिए ना ही आक्सीजन सिलेंडर हैं। खास बात यह है कि इन बसों में िनर्धारित सीटों से दो गुना यात्रियों को भी बिठाया जाता है। अन्य साधन नहीं होने के कारण यात्री भी जान जोखिम में डाल कर यात्रा करने को मजबूर हैं।

अफसर मौन,जर्जर बसों पर जान जोखिम डालकर में यात्रा करने को मजबूर हैं यात्री

स्टैंड पर अलग-अलग राज्यों व जिलों के लिए यात्रियों को ले जाने के लिए खड़ी बसें।

जिले के सभी थाना क्षेत्रों में दौड़ाई जा रही हैं बसें, पर कार्रवाई नहीं

जिले के कई थाना क्षेत्रों के सामने से ये बसें निकल रही हैं, लेकिन छोटे-छोटे मामलों में बड़ी-बड़ी कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों को शायद यह दिखाई नहीं पड़ता कि उनके थाने के सामने से होकर गुजरने वाली बसों के संचालकों के पास न तो वैध परमिट है और न उनका फिटनेस है। इसके बावजूद भी ये बसें आखिर किस प्रकार संचालित की जा रही हैं। इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना होता है कि यह सब देखने का जिम्मा परिवहन विभाग का है, वहीं परिवहन विभाग भी इस मामले में स्टॉफ की कम संख्या होना बड़ी वजह बताता है। इसी के चलते आए दिन हादसे होते हैं।

कार्रवाई ना होने से चालक परिचालक करते हैं अभद्रता

इन यात्री बसों में किराये को लेकर भी कई बार कंडक्टर और यात्रियों में विवाद होते देखा जा सकता है। वहीं जिस प्रकार कई यात्रियों से ये परिचालक अभद्र व्यवहार करते हैं वह भी कभी बड़ी घटना का सबब बन सकता है। लेकिन कार्रवाई ना होने का भय बस संचालकों, परिचालकों और चालकों का मनोबल बढ़ाए हुए है। ऐसे में आम यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर है। जनापेक्षा है कि जिले के आलाधिकारी आमजनता से जुड़े इस महत्वपूर्ण मसले पर ध्यान देंगे जिससे आमजन सुविधापूर्ण एवं बिना किसी भय के आवागमन कर सके और हादसों पर रोक लगे।

जिस प्रकार से जिले में मनमाने तरीके से बसों का संचालन किया जा रहा है। उससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा कभी यह भी देखने का प्रयास नहीं किया जाता कि इन बसों को चलाने वाले चालक परिचालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस है अथवा नहीं, क्योंकि कई बार बस दुर्घटना के बाद इन बसों के चालक ऐसे फरार होने में सफल हो जाते हैं, क्योंकि बस मालिकों के पास तक उनके वैध लाइसेंस नहीं होते। ऐसे में पुलिस सिवाय हवा में हाथ पैर मारने के कुछ नहीं कर पाती। इसके चलते अक्सर लापरवाही से बस चलाते हुए हादसा करने वाला चालक भाग निकलता है और कार्रवाई से भी बच जाता है। इसके बाद भी विभागीय अफसर मौन रहते हैं।

लाइसेंस ना होने के बाद भी बच जाते हैं कार्रवाई से

एमडी ठाकुर, आरटीओ कोरिया ने बताया कि विभाग की तरफ से सभी अनफिट बसों की सूची बनाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिन बस संचालकों ने टैक्स जमा नहीं किया है या फिर फिटनेस नहीं लिया है। सभी वाहनों की धरपकड़ निरंतर जारी है।

अनफिट वाहनों के खिलाफ हो रही कार्रवाई

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Baikunthpur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×