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देश की तरक्की कामगारों और किसानों पर निर्भर: एक्का

Dainik Bhaskar

May 04, 2018, 05:10 AM IST

Baikunthpur News - भास्कर संवाददाता| बैकुंठपुर स्वच्छता श्रमिक हमारे स्वच्छ सैनिक हैं, हम जो भी कार्य करें पूरे मनोयोग से करें तो...

देश की तरक्की कामगारों और किसानों पर निर्भर: एक्का
भास्कर संवाददाता| बैकुंठपुर

स्वच्छता श्रमिक हमारे स्वच्छ सैनिक हैं, हम जो भी कार्य करें पूरे मनोयोग से करें तो उसमें हमे लक्ष्य की प्राप्ति होगी व जिन्दगी के प्रति हमारा नजरिया सकारात्मक बना रहेगा। कोई भी कार्य छोटा अथवा बडा नहीं होता। किसी भी देश की तरक्की उस देश के कामगारों और किसानों पर निर्भर होती है। मजदूरों और किसानों की बडी संख्या का राज प्रबंध में बड़ा योगदान है। उक्त बातें अंतराष्ट्रीय दिवस पर मानस भवन में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर के अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय एक्का ने कही। इस अवसर पर मंच पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के.के.सूर्यवंशी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भावना नायक, न्यायिक मजिस्टेªट द्वितीय श्रेणी सुरेश टोप्पो, नपाध्यक्ष अशोक जायसवाल मौजूद रहें। इस अवसर पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के.के.सूर्यवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंतर्राट्रीय मजदूर दिवस मनाने की शुरूआत 1 मई 1886 से मानी जाती है। जब अमेरिया के मजदूर यूनियनों ने काम का समय 8 घंटे से ज्यादा न रखे जाने की शुरूआत की थी और तब से भारत समेत अन्य देशों में मजदूरों के 8 घंटे से अधिक काम करने से संबंधित काम करने का कानून लागू है। इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भावना नायक ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी समाज, देश, संस्था और उद्योगों, कामगारों और मेहनतकशों की अहम भूमिका होती है। उनकी बडी संख्या इस कामयाबी के लिए पूरी जवाबदेही के साथ जुटी होती है। किसी भी उद्योग की कामयाबी के लिए मालिक, कामगार और सरकार अहम होते हैं। लेकिन कामगारों के बिना कोई भी औद्योगिक ढांचा खडा नहीं रह सकता। इस अवसर पर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी सुरेश टोप्पो ने अकहा कि भारत में मजदूर दिवस सबसे पहले चेन्नई में 1 मई 1923 को मनाना शुरू किया गया था।

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