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बरही में पानी टंकी के लिए फंड नहीं एक माह में 19 में से 10 हैंडपंप बंद

शनिवार को लोक सुराज के अंतिम दिन बालोद ब्लाक के ग्राम बरही में समाधान शिविर लगाया। जिसमें ग्रामीणों ने पानी की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:00 AM IST

बरही में पानी टंकी के लिए फंड नहीं एक माह में 19 में से 10 हैंडपंप बंद
शनिवार को लोक सुराज के अंतिम दिन बालोद ब्लाक के ग्राम बरही में समाधान शिविर लगाया। जिसमें ग्रामीणों ने पानी की समस्या को प्रमुखता से उठाया। सरपंच धनेश्वरी सिन्हा ने कहा कि पानी टंकी की मांग कई सालों से की जा रही है। लेकिन पीएचई के अधिकारी फंड नहीं होने की बात कह देते हैं। पानी की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। मार्च में गांव के 19 में से 10 हैंडपंप बंद हो चुके हैं। इससे ग्रामीण अब हम जनप्रतिनिधियों को परेशान करने लगे हैं कि समस्या का हल क्यों नहीं करते। हम पीएचई पर आश्रित है। शासन के इस विभाग से भी कोई मदद नहीं मिल पा रही।

इस लोक सुराज में भी ग्रामीणों ने पानी टंकी की मांग पूरा करने के लिए 14 आवेदन दिया था। सभी को संबंधित विभाग के अफसरों ने बजट नहीं होने का जवाब देकर पत्र भेज दिया है। ग्रामीण शत्रुघन सिन्हा, सेवकराम, रामलाल मडावी ने कहा कि समस्या हल करने के बजाय बजट नहीं होने की बात करना पीएचई विभाग की उदासीनता को बयां करती है। गांव की आबादी 18सौ से ज्यादा हो चुकी है। एक भी पानी टंकी नहीं होने से परेशानी होती है।

बालोद. ग्राम बरही में पानी के लिए ग्रामीणों को मशक्कत करनी पड़ रही है।

हैंडपंपों में लगती है 5 बजे से कतार

वाटर लेवल डाउन होने के कारण 19 में से 10 हैंडपंप तो मार्च में ही साथ छोड़ चुके हैं। 9 हैंडपंपों में पानी भरने के लिए सुबह 5 बजे से ही महिलाओं की कतार लग जाती है। उसमें भी धीरे-धीरे पानी निकलता है। पंचायत ने दो हैंडपंप से भी पानी न निकलने की स्थिति में हैंडपंप को निकालकर एक एचपी का मोटर लगवा दिया है। जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिल रही है। गौरतलब है कि अभी गर्मी बढ़ने के बाद लोगों को पानी की समस्या और गहरा सकती है। लेकिन इस ओर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।

कम आबादी की बात कर हो रही उपेक्षा

योजना में भी 80 नलों में पानी नहीं पहुंच पाता

पूर्व सरपंच नरेंद्र सिन्हा ने कहा कि लगभग 10 साल पहले स्थल जल योजना स्वीकृत हुई थी। जिसके तहत गांव में 3 बोर के जरिए घरों में लगभग 100 नल कनेक्शन देकर पानी की सप्लाई की जाती है। पर इस तेज गर्मी में भी यह योजना दम तोड़ रही है। तीन में से दो बोर का वाटर लेवल डाउन हो चुका है। जिससे 100 में से 80 घरों में पानी सप्लाई नहीं हो रही। मुश्किल से 20 घरों के नल तक ही पानी जा पा रहा है। कुछ ग्रामीण टुल्लू पंप लगा देते हैं। जो ग्रामीण नल कनेक्शन का लाभ नहीं ले पा रहे हैं वे अब जलकर भी पटाना बंद कर दिए हैं। राज्य शासन समस्या को लेकर ध्यान नहीं देगा तो गर्मी के तीन महीने ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा संकट रहेगा।

सरपंच ने कहा कि पीएचई के अधिकारी हमारे साथ कम आबादी की बात कर उपेक्षा कर रहे हैं। जबकि पास के गांव साकरा में 1250 की आबादी होने के बाद भी पानी टंकी का निर्माण हो चुका है। हमारे गांव में 18 सौ की आबादी होने के बाद भी अधिकारी नियम कायदा बताने लगे हैं। इस मुद्दे पर लोक सुराज शिविर के दौरान पीएचई के एसडीओ से भी ग्रामीणों की बहस भी हो गई। लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकला। सरपंच ने आरोप लगाया पीएचई के अधिकारी सीधे मुंह बात नहीं करते। विधायक भैयाराम सिन्हा ने भी विभाग के अफसरों को कहा कि पानी की समस्या दूर नहीं होगी तो आंदोलन करेंगे। तत्काल व्यवस्था सुधरनी चाहिए। शिविर में ग्रामीण सीधे कलेक्टर से पीएचई के अफसरों की शिकायत करने वाले थे लेकिन वे नहीं आ पाए।

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