बालोद

--Advertisement--

शहर में टेलीस्कोप से चंद्र ग्रहण देखने पहुंचे बच्चे

बुधवार को चंद्रग्रहण के नजारे को देखने शासकीय आदर्श कन्या हाईस्कूल बालोद में 230 स्कूली बच्चें, पालक व आम लोग...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:00 AM IST
बुधवार को चंद्रग्रहण के नजारे को देखने शासकीय आदर्श कन्या हाईस्कूल बालोद में 230 स्कूली बच्चें, पालक व आम लोग पहुंचे। चंद्रग्रहण के नजारे को देखने दुर्ग और झलमला से दो टेलीस्कोप की व्यवस्था की गई थी।

खगोल विशेषज्ञ बीएन योगी ने बताया कि 152 साल बाद 31 जनवरी को तीन परिस्थिति बनी है। जिसमें ब्लूमून, सुपरमून, ब्लडमून शामिल है। साथ ही एक माह में दो पूर्णिमा पड़ा है। ऐसी परिस्थिति 2028 में भी आएगी। शाम को 6 बजकर 22 मिनट में चंद्रमा (चांद) पानी रंग का हो गया। पृथ्वी की छाया में ढंक चुका है।

सुबह 8.18 से बंद जिलेभर में मंदिरों के पट कल सुबह खुलेंगे, 152 साल बाद बनी स्थिति, ब्लूमून, सुपरमून, ब्लडमून

बालोद. आदर्श कन्या हाईस्कूल में खगोलीय घटना को टेलीस्कोप से देखते बच्चे।

प्रोजेक्टर में तारामंडल का प्रदर्शन

कन्या शाला में बालोद, बघमरा, लाटाबोड़, डौंडी सहित अन्य स्कूलों से बच्चें पहुंचे थे। जिन्हें शिक्षकों ने खगोलीय घटनाओं को लेकर प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी दी। तारामंडल का प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रुप में डाॅ. प्रदीप जैन व स्कूल से पहुंचे

क्या होता है ब्लड मून (चंद ग्रहण), जानिए

जब सूर्य, पृथ्वी एवं चंद्रमा ऐसी स्थिति में होते हैं कि कुछ समय के लिए पूरा चांद धरती की छाया से गुजरता है। लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते वक्त सूर्य की लालिमा वायुमंडल में बिखर जाती है और चंद्रमा की सतह पर पड़ती है। इसे ब्लड मून भी कहा जाता है।

क्या होता है सुपरमून: चांद और धरती के बीच की दूरी सबसे कम हो जाती है और चंद्रमा अपने पूरे शबाब पर चमकता दिखाई देता है। पहले की तुलना में 14 फीसदी ज्यादा बड़ा और 30 फीसदी तक ज्यादा चमकीला दिखता है।

क्या होता है ब्लू मून: ब्लूमून हर ढाई साल में एक बार नजर आता है। चंद्रमा का नीचे का हिस्सा ऊपरी हिस्से की तुलना में ज्यादा चमकीला दिखाई देता है। नीली रोशनी फेंकता है। अब ये 2028 और 2037 में देखने को मिलेगा।

मंदिरों के द्वार रहे बंद: चंद्रग्रहण के चलते सुबह 8.18 को शहर सहित जिलेभर के मंदिरों के पट बंद रहें। गुरुवार सुबह खुलेंगे। शहर के शीतला माता, नए बस स्टैंड स्थित शिव मंदिर, चंडी मंदिर, साई मंदिर सहित अन्य मंदिर बंद रहे।

अंधविश्वास को दूर करो: चंद्रग्रहण को लेकर सोशल मीडिया में कई तरीके के संदेश वायरल हो रहे है। उपस्थित स्कूली बच्चों को शिक्षकों ने जानकारी दी कि गर्भवती माताओं को बाहर नहीं निकालना चाहिए और अन्य कई बातें, अंधविश्वास है।

X
Click to listen..