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18 दिन किसानों के ट्रैक्टर खड़े रहे, गन्ना सूखा, उत्पादन घट गया

शकर कारखाना करकाभाट में अब तक 38 हजार 500 मीट्रिक टन गन्ना पेराई हो चुकी है। जिसमें 29 हजार 800 क्विंटल शकर उत्पादन हुआ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:00 AM IST

18 दिन किसानों के ट्रैक्टर खड़े रहे, गन्ना सूखा, उत्पादन घट गया
शकर कारखाना करकाभाट में अब तक 38 हजार 500 मीट्रिक टन गन्ना पेराई हो चुकी है। जिसमें 29 हजार 800 क्विंटल शकर उत्पादन हुआ है। रिकवरी प्रतिशत 8.03 है। जो औसत से कम है। 14 फरवरी की स्थिति में रिकवरी प्रतिशत 8.09 था। पिछले साल फरवरी के अंतिम सप्ताह में रिकवरी प्रतिशत 8.75 रहा। यानि इस सीजन में रिकवरी प्रतिशत घट गई है। इसका प्रमुख कारण बायलर व अन्य मशीनाें में खराबी, तकनीकी खामियों के चलते गन्नें की खरीदी देर से होना।

यह माना जा रहा है कि पहले से डंप किए गए गन्ने सूख चुके थे। अभी भी पहले से डंप गन्ने की पेराई हो रही है। फिर एक से तीन मार्च तक पेराई बंद हो जाएगी। क्षेत्र के किसान गन्ना कटाई करवा रहे हंै। प्रबंधन की मानें तो अभी गन्ना लगाने वाले 55 प्रतिशत किसान पहुंच पाए हैं। बाकी किसान मार्च तक गन्ना लाएंगे।

बालोद. करकाभाट शकर कारखाने में बुधवार को पेराई हुई। एक से तीन मार्च तक बंद रहेगा।

मशीन में बार-बार आ रही खराबी

मशीनों में खराबी आने के चलते जनवरी के अंतिम सप्ताह से फरवरी के दूसरे सप्ताह तक पेराई नहीं हो पाई। पिछले दो माह में 18 दिन पेराई बंद रहा। इस दौरान किसानाें के गन्ने से भरे ट्रैक्टर खड़े रहे। सिर्फ 42 दिन पेराई हुई। इस सीजन में मार्च तक गन्ने की पेराई चलने की संभावना कारखाना प्रबंधन लगा रहा है, क्योंकि गन्ने की आवक उम्मीद से ज्यादा हो रहा है। मार्च तक गन्ना लगाने का काम पूरा हो जाता है।

एक क्विंटल गन्ने की पेराई में 8.30 किलो शकर निकल रही

ओवरआल औसत एक क्विंटल गन्ना पेराई में 8 किलो 30 ग्राम शकर रिकवरी हो रहा है। जबकि पिछले वर्ष 8 किलो 75 ग्राम शकर का उत्पादन हुआ था। इस लिहाज से पिछले वर्ष से स्थिति अच्छी नहीं है। प्रबंधन के अनुसार सीजन में कितने दिन तक पेराई चलती है, यह महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि रिकवरी कितना हुआ है, यह देखा जाता है।

सीधी बात | पीतांबर ठाकुर, कारखाना महाप्रबंधक

गारंटी अवधि में वायलर पाइप खराब

रिकवरी प्रतिशत पिछले साल की अपेक्षा कम है, इसका क्या कारण है?

- बीच में मशीनों में खराबी व तकनीकी खामियां आने की वजह से पेराई प्रभावित रही। गन्ना सूखने से ऐसा हो सकता है।

मेंटेनेंस हर साल कराने के बाद भी कोई न कोई समस्या रहती है। व्यवस्था क्यों नहीं सुधारती?

- सुधारते तो हैं लेकिन इस बार गारंटी अवधि में ही बायलर पाइप में खराबी आ गई थी।

प्रबंधन के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है?

- अब स्थिति सामान्य हो गई है। साफ-सफाई के लिए तीन दिन तक पेराई बंद रहेगा। तब तक किसान गन्ना न लाएं। इसकी सूचना दे चुके हैं।

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Web Title: 18 दिन किसानों के ट्रैक्टर खड़े रहे, गन्ना सूखा, उत्पादन घट गया
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