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हैकर से बचाने माइक्रो चिप लगा एटीएम कार्ड दे रहा बैंक

बैंकों की ओर से ग्राहकों को नया एटीएम कार्ड वितरित किया जा रहा है। जिसमें माइक्रो चिप लगा हुआ है। हैकर से बचाने के...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:05 AM IST
बैंकों की ओर से ग्राहकों को नया एटीएम कार्ड वितरित किया जा रहा है। जिसमें माइक्रो चिप लगा हुआ है। हैकर से बचाने के लिए ही पुराने कार्ड के बदले मुफ्त में नया दिया जा रहा है। ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी व गड़बड़ी न हो। इन दिनों एटीएम कार्ड धोखाधड़ी की शिकायतें आ रही है। कारण है ब्लैक स्ट्रिप (मैग्नेटिक पट्टी) वाले पुराने एटीएम कार्ड की क्लोनिंग आसानी से होना।

बैंकों ने भी यह मान लिया है कि सिर्फ ब्लैक स्ट्रिप वाले एटीएम कार्ड सुरक्षित नहीं है। अब चिप वाले कार्ड जारी कर रहे हैं। पुराने एटीएम कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप में खातेदार की सारी जानकारी होती है। कार्ड स्वाइप करने पर मशीन सारी जानकारी जुटा लेती है। अपराधी एटीएम और स्वाइप मशीन के आसपास अतिरिक्त डिजिटल डिवाइस लगाते हैं। जिसे फिक्स करने की जरूरत नहीं होती है। स्वाइप होने के बाद मशीन में बटन के पास माइक्रो कैमरे लगाते हैं, जिससे पिन पता चल जाता है। ट्रांजेक्शन पूरा होते ही अपराधी डिजिटल डिवाइस को कम्प्यूटर सिस्टम से जोड़ते हैं और एटीएम कार्ड का सीक्रेट नंबर हासिल कर क्लोन कार्ड पर चढ़ा देते हैं। कैमरे से पिन ले लेते हैं। बैंक प्रबंधन के अनुसार पिछले साल देशभर में 35 लाख से ज्यादा कार्ड हैक हुए थे। इसलिए अब माइक्रो चिप वाला एटीएम कार्ड दे रहे हैं।

ब्लैक स्ट्रिप वाले पुराने एटीएम कार्ड की क्लोनिंग आसानी से होने के कारण धोखाधड़ी से शिकायतें आ रही, अब पैसे सुरक्षित रहे इसलिए ये पहल

पिछले साल देशभर में 35 लाख से ज्यादा कार्ड हुए थे हैक

...इसलिए सुरक्षित हैं कार्ड

चिप वाले कार्ड पुराने कार्ड से सुरक्षित माने जाते हैं, क्योंकि जरूरी जानकारी चिप में होती है। इसे रीड करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती है, जो केवल बैंकों के पास हैं जबकि मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड के रीडर बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं।

रुपे कार्ड भी दे रहे उपभोक्ताओं को: बैंक कई तरह के एटीएम कार्ड उपभोक्ताओं को दे रहे हैं। इनमें मास्टर कार्ड व वीजा कार्ड प्रमुख है। कुछ बैंक छोटे खातेदारों को रुपे कार्ड भी जारी कर रहे हैं। इसके पीछे वजह है कि यह भारत में तैयार कार्ड है, जो मुफ्त दिया जा रहा है। ये कार्ड खासकर जन-धन योजना वालों को दिए जा रहे हैं। दूसरी तरफ निजी बैंक सिर्फ चिप वाले एटीएम जारी कर रहे हैं।

आसानी से मिलती है मशीन

क्लोन के लिए अपराधी जिन डिजिटल मशीन का इस्तेमाल करते हैं, वह आसानी से मिल जाती है। पुलिस काफी सतर्कता बरत रही है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। ग्राहक अपने कार्ड को बैंक से चिप वाले कार्ड में बदलवा सकते हैं।

आरबीआई का आदेश: आरबीआई ने 2012-13 में आदेश जारी किया था, जिसमें कहा था कि विदेश में सिर्फ चिप वाले कार्ड इस्तेमाल होंगे। सिंपल ब्लैक स्ट्रिप कार्ड वहां मान्य नहीं हैं। इसके चलते विदेश जाने वालों को नए कार्ड जारी किए गए। लीड बैंक मैनेजर एके सिंह ने बताया कि पुराने कार्ड के क्लोन की वजह से ज्यादातर बैंकों ने व्यवस्था में बदलाव कर दिया है।

आपको सुरक्षित रखेगा

चिप होने की वजह से कार्ड के डुप्‍लीकेसी की संभावना खत्म हो जाएगी। साथ ही यह दूसरे प्रकार के फ्रॉड से भी कस्‍टमर को सुरक्षित रखेगा। ये ईएमवी युक्‍त कार्ड सभी नए अकाउंट धारकों को उपलब्‍ध कराए जाएंगे।

ऐसे समझें माइक्रो चिप वाले कार्ड की विशेषता

लीड बैंक मैनेजर एके सिंह ने बताया कि बैंक प्रबंधन कार्ड बदल रहे हैं। पुराने वाले कार्ड के बदले माइक्रो चिप वाला नया कार्ड दे रहे हैं। माइक्रो चिप के कारण ज्यादा सुरक्षित है। इसकी कई विशेषताएं है। मोबाइल में जैसा चिप रहता है, उसी तरह अब एटीएम में यह लगा हुआ है। एटीएम का पिन और पासवर्ड किसी को न बताएं। किसी के साथ धोखाधड़ी न हो। पहले वाले कार्ड में सेक्युरिटी लेवल कम था, जो अब नए वाले कार्ड में बढ़ गया है। टेक्नाॅलाजी जैसे डेवलप हो रहा है, वैसा बैंक प्रबंधन भी सुविधाएं दे रहा है। पहले हैकर कार्ड को हैक कर सकता था, अब नहीं कर सकता।