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होली से पूर्व भद्रा की छाया, होलिका दहन के बाद खत्म होगा होलाष्टक का प्रभाव

होलिका दहन के लिए इस बार सिर्फ 1 मार्च को ही मुहूर्त है। पृथ्वी की भद्रा होने की वजह से इस बार ज्यादा मुहूर्त नहीं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:05 AM IST

होलिका दहन के लिए इस बार सिर्फ 1 मार्च को ही मुहूर्त है। पृथ्वी की भद्रा होने की वजह से इस बार ज्यादा मुहूर्त नहीं हैं। दूसरे दिन शुक्रवार को शुक्र प्रधान नक्षत्र में होली मनाई जाएगी। इसे काफी खास और शुभ माना जा रहा है। पंडित सी. शर्मा के अनुसार पृथ्वी की भद्रा और शुक्र प्रधान नक्षत्र का ऐसा संयोग 30 साल बाद बना है।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होलिका दहन किया जाता है। दूसरे दिन नए मास यानी चैत्र मास की प्रतिपदा को रंगों का पर्व होली मनाई जाती है। इसे बसंत उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। इस बार 1 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा और 2 मार्च को होली मनाई जाएगी। चूंकि 23 फरवरी से होलाष्टक शुरू हुआ था। 1 मार्च को होलाष्टक का प्रभाव खत्म हो जाएगा। यानी 2 मार्च से सारे मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।

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Web Title: होली से पूर्व भद्रा की छाया, होलिका दहन के बाद खत्म होगा होलाष्टक का प्रभाव
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