• Hindi News
  • Chhattisgarh News
  • Balod News
  • आय से 1.38 करोड़ ज्यादा खर्च, नपा के पास विकास कार्यों के लिए फंड नहीं
--Advertisement--

आय से 1.38 करोड़ ज्यादा खर्च, नपा के पास विकास कार्यों के लिए फंड नहीं

बालोदवासियों के लिए शहर सरकार (नगर पालिका) की बजट अप्रैल के पहले पखवाड़े में पेश किया जाएगा। अफसर व जनप्रतिनिधि बजट...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:05 AM IST
आय से 1.38 करोड़ ज्यादा खर्च, नपा के पास विकास कार्यों के लिए फंड नहीं
बालोदवासियों के लिए शहर सरकार (नगर पालिका) की बजट अप्रैल के पहले पखवाड़े में पेश किया जाएगा। अफसर व जनप्रतिनिधि बजट को लेकर मंथन करने के पहले आय-व्यय के अंतर को देखकर असमंजस में है कि क्या करें? कारण यह है कि सालाना जितनी नपा को आय हो रही है, उससे 1.38 करोड़ रुपए ज्यादा खर्च हो रहा है।

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन शनिवार को नपा के अफसर व कर्मचारी आय और व्यय का हिसाब करने बैठे रहे। नपा के अनुसार आय 2.10 करोड़ ही हो पाया और खर्च 3.48 करोड़। यानि आय से ज्यादा खर्च। यह तो स्पष्ट है कि शहर सरकार अपने फंड से विकास कार्य कराने में असमर्थ है। इसलिए इस बार बजट में जिन विकास कार्यो को शामिल किया जाएगा, उनके लिए शासन पर निर्भर रहेगा। शासन अगर सहमति देगी, तब ही कार्य पूरा होंगे। नपा के भेजे विकास कार्यो के प्रस्ताव शासन स्वीकृत करेगा, वहीं होगा। बहरहाल शहर में परिस्थिति विपरीत है। पहले स्वीकृत विकास कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। नपा में आय कम और व्यय ज्यादा हो रहा है।

बालोद. घड़ी चौक का निर्माण कार्य पिछले एक माह से बंद है।

टैक्स का पैसा वेतन व बिल भुगतान में खर्च

जितना आपसे कर वसूली करती है पालिका, उसे अपने कर्मचारियों, शिक्षकों के वेतन, बिजली बिल भुगतान व पेट्रोल, डीजल में लगाती है। जितना आपसे एक साल में कई टैक्स के एवज में राशि वसूलती है, उसे पालिका बिजली बिल भुगतान, नपा के कर्मचारियों, शिक्षकों के वेतन, पेट्रोल-डीजल में लगाती है। यह खुद नपा के अफसर कह रहे है। आय से ज्यादा व्यय हो रहा है। आय का पूरा 100 फीसदी नपा के बिजली बिल भुगतान, कर्मचारियों, शिक्षकों के वेतन, भत्ते व अन्य कार्यों में खर्च हो रहा है।

ये है नपा के खर्च का आधार: महीना में 18 लाख रुपए अफसर, कर्मचारियों के वेतन, महीने में 9-10 लाख बिजली बिल, डीजल-पेट्राेल व अन्य कार्यो पर 3 लाख। बिजली बिल पटाने शासन ने 54 लाख और 51 लाख रुपए भुगतान किया।

ये हैं आय के स्रोत: सम्पतिकर 18.01 लाख, समेकित कर 14.83 लाख, जलकर 49.01 लाख, बाजार फीस 9.67 लाख, दुकान किराया 15.25 लाख, यात्रीकर 11.60 लाख, चुंगीक्षतिपूर्ति 43.44 लाख, मुद्रांक शुल्क 23.20 लाख।

ये प्रोजेक्ट अब तक अधूरे

1. गांधी भवन नवनिर्माण: जमीन विवाद के कारण काम अधूरा है। मामला कोर्ट में लंबित है।

2. घड़ी चौक निर्माण: जमीन विवाद के कारण एक महीने से काम बंद है।

3. यात्री प्रतीक्षालय: जमीन विवाद के कारण काम अधूरा है। इसलिए सुविधा में देरी हो रही है।

4. तांदुला के पास गार्डन: नपा को जमीन नहीं मिल पाइ्र है। काम शुरू नहीं हो पाया।

5. दशहरा तालाब पार गार्डन: जमीन मिल गई है लेकिन काम शुरू कराने जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है। इसलिए मामला अटका है।

6. 16 सीटर महिला सार्वजनिक प्रसाधन कक्ष: इसके लिए जमीन तय कर ली गई है लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है।

सीधी बात| रोहित साहू, सीएमओ बालोद

आमदनी कम और खर्च ज्यादा हो रहा


- बीच-बीच में शासन से विकास कार्यो के लिए राशि मिलती है उससे। निर्माण व विकासत्मक कार्यो के लिए शासन पर निर्भर रहते है, क्योंकि आय कम हो रहा और खर्च ज्यादा।


- नागरिकों के हित के लिए ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे है, जिस पर स्वीकृति भी मिलती है, तब तो सुविधा मिलती ही है न...


- अब यह क्यों बंद है इसे तो नागरिक समझ रहे है, अधिकांश कार्यों को कई विभागों ने जमीन का कारण बताकर रोक लगा दी है, इसी समस्या का निराकरण करने में लगे ही है।

जिन्हें जिम्मेदारी वे कह रहे

तहसीलदार ऋतुराज बिशेन का कहना है कि नगर पालिका की ओर से तांदुला जलाशय क्षेत्र में गार्डन बनाने के लिए जमीन की मांग की गई है या नहीं, इस संबंध में जानकारी नहीं है, क्योंकि मेरे आने के पहले किए होंगे तो देखना पड़ेगा।

X
आय से 1.38 करोड़ ज्यादा खर्च, नपा के पास विकास कार्यों के लिए फंड नहीं
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..