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आचार्यश्री का जीवन अज्ञान के अंधकार में भटकने वालोंे के लिए प्रकाश की तरह

भगवान महावीर पाट परंपरा के 82वें आचार्य श्रीमद् जैनाचार्य 1008 श्रीरामलालजी मसा. का 66वां जन्मोत्सव कार्यक्रम रविवार...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:05 AM IST
भगवान महावीर पाट परंपरा के 82वें आचार्य श्रीमद् जैनाचार्य 1008 श्रीरामलालजी मसा. का 66वां जन्मोत्सव कार्यक्रम रविवार को त्याग, तप, धर्म आराधना के साथ मनाया गया।

आज का दिन संवर दिवस के रूप में मनाते हुए भाई बहनों ने संवर तप किया। साधुमार्गी जैनसंघ, समता युवा संघ, समता महिला मंडल व बालिका मंडल ने स्थानीय जिला अस्पताल एवं वृद्धाश्रम जाकर दूध, बिस्किट फल, वितरण किया। साथ ही महिला मंडल के सदस्यों ने धमतरी स्थित आश्रम में जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया। युवा संघ के प्रदीप चोपड़ा ने बताया कि आचार्य रामेश का जन्म चैत्र सुदी 14 विक्रम संवत 2009 को राजस्थान की स्वर्ण धुलि देशनोर में हुआ। उनकी गरिमा महिमा का वर्णन लेखनी या बोलने द्वारा नही किया जा सकता। आचार्य रामेश ने अब तक लगभग 425 आत्माओं को दीक्षित किया। इस वर्ष का वर्षावास चातुर्मास रतलाम मध्यप्रदेश में होना है। आचार्य श्री का जीवन एक एक क्षण अज्ञान अंधकार में भटकने वाले मानव समाज के लिए प्रकाश स्तंभ की तरह है। ऐसे महानतम आचार्य पाकर पूरा संघ आनंदित है। , मेघा पारख, अन्जु बाफना, ममता चोपड़ा, पूजा नाहटा, पूजा राखेचा, यशस्वी ढेलड़िया लता देवी श्रीश्रीमाल आदि का सहयोग रहा।

बच्चों ने आचार्य के जीवन पर प्रस्तुत किया नाटक

समता भवन बालोद में रामेश चालीसा गुणानुवाद के साथ ही बालिका मंडल, संस्कार पाठशाला के बच्चों ने आचार्य के जीवन नाटक प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन हितांशी ढेलड़िया, प्रियल बाफना व धार्मिक प्रश्नोत्तरी अनिता ढेलड़िया व मीनू बाफना ने किया। संजय ढेलड़िया ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में दीपचंद सांखला, खेतमल श्रीश्रीमाल, सुनील नाहर, सोहन नाहटा, प्रमोद नाहटा, महेन्द्र नाहर, राजेश बाफना, अमित चोपड़ा, राजेश चोपड़ा, सत्यम टाटिया, सुनील ललवानी, देवीचंद गोलछा, ममता बाफना मौजूद रहे।