दो पॉजिटिव केस आने के बाद स्वाइन फ्लू को लेकर फिर जारी किया अलर्ट

Balod News - भास्कर न्यूज | बालोद/दल्लीराजहरा चिखलाकसा की एक महिला की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद मंगलवार को...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 06:50 AM IST
Dallirajhara News - chhattisgarh news after two positive cases swine flu released again
भास्कर न्यूज | बालोद/दल्लीराजहरा

चिखलाकसा की एक महिला की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के महामारी नियंत्रण टीम ने लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। जिले में इस साल दो पॉजिटिव केस आ चुके हैं। अफसरों ने शादी सीजन में खान पान व स्वच्छता में ध्यान देने कहा है। संदिग्ध इलाके में शादियों में जाने से बचने कहा गया है। अगर जा रहे हैं तो खुद को सुरक्षित रखने का उपाय करके जाए।

सीएमएचओ अरुण कुमार रात्रे ने कहा स्वाइन फ्लू एक विषाणु जनित रोग है। जो संक्रमित व्यक्ति से संपर्क में आने पर स्वस्थ व्यक्ति को हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या क्लोज संपर्क में आने से फैल सकता है। मरीज के संपर्क में आने के बाद दो से चार दिन के भीतर यदि तेज बुखार, श्वसन तंत्र में संक्रमण, खांसी, नाक बहना, गले में खराश, सिर दर्द, बदन दर्द, थकावट या उल्टी-दस्त जैसे लक्षण दिखना स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षण हैं।

उपाय बताए: घबराया स्वास्थ्य महकमा

किसी तरह की दिक्कत है तो डाॅक्टरों से न छिपाएं

सीएमएचओ रात्रे ने लोगों से अपील की है कि आपको किसी भी तरह की दिक्क्त है तो डॉक्टरों से कुछ भी न छिपाएं तभी वे सही इलाज कर पाएंगे। सामान्यतः मरीजों द्वारा जानकारी की कमी होने के कारण डॉक्टर तक पहुंचने में देर हो जाती है। जिससे मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। कभी-कभी लोग खुद से दवाई खा लेते हैं, लेकिन डाॅक्टर के पास जाने पर उसकी जानकारी नहीं देते। इसलिए जब भी डॉक्टर से मिले पूर्व में ली गई सभी दवाइयों पूरी जानकारी उन्हें दें।

जिला अस्पताल में बना है संभावित मरीजों का वार्ड

सीएमएचओ ने कहा कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के जांच के लिए नमूना एकत्रित करने व एंटीवायरल दवाइयां पर्याप्त मात्रा में नि:शुल्क उपलब्ध है। जिला अस्पताल में संभावित मरीजों के लिए विशेष वार्ड भी बनाया गया है। बदलते मौसम में संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए लोगों को चाहिए कि भीड़-भाड़ वाली इलाकों से बचें। मुंह ढककर खांसे व छींके और बार-बार हाथ धोएं।

सेक्टर 9 से आई रिपोर्ट: स्वाइन फ्लू एच 1 की वजह से हुई मौत

सेक्टर 9 से आई रिपोर्ट: स्वाइन फ्लू एच 1 की वजह से हुई मौत

भास्कर न्यूज | बालोद

सेक्टर 9 भिलाई अस्पताल में चिखलाकसा की सुतापा बनर्जी की मौत के मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट मिल चुकी है। सेक्टर 9 अस्पताल प्रंबंधन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में मौत के कारण में एच 1 वायरस की पुष्टि तो हुई है लेकिन एन 1 वायरस का उल्लेख नहीं है। सीएमएचओ डाॅ. एकेएस रात्रे का कहना है कि महिला की मौत स्वाइन फ्लू से नहीं हुई थी। अगर दोनों वायरस रहता तो हम कंफर्म कहते कि मौत भी स्वाइन फ्लू से हुई है लेकिन रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं है। हालांकि इन्फ्लूएंजा का जिक्र जरूर है। लेकिन हम कह नहीं सकते कि मौत स्वाइन फ्लू से हुई है, रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख है। सुतापा की मौत 6 अप्रैल को सेक्टर 9 अस्पताल में हुई थी। तीन दिन बाद स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लेकिन मौत का स्पष्ट कारण नहीं आ पाया था।

इस श्रेणी में आने वाले रहें संभलकर: बारिश के बाद मौसम मंे उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ऐसे में संभलकर रहें। यह बीमारी उन लोगों को होती है जिनके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसलिए वायरस का संक्रमण ज्यादातर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में होने की संभावना रहती है।

तीन श्रेणी में निमोनिया भी होता ही है: इस बीमारी की तीन श्रेणी होती है। ए श्रेणी में मरीज को सामान्य बुखार जैसा होता है। इसमें बुखार आना, हल्का जुकाम, हाथ पैर में दर्द होना लक्षण होते हैं। बी श्रेणी में पीड़ित को निमोनिया डेवलप होना शुरू हो जाता है। बावजूद स्थिति गंभीर नहीं मानी जाती लेकिन यह बीमारी सीधे फेफड़ों पर वार करती है।

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सेक्टर 9 भिलाई अस्पताल में चिखलाकसा की सुतापा बनर्जी की मौत के मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट मिल चुकी है। सेक्टर 9 अस्पताल प्रंबंधन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में मौत के कारण में एच 1 वायरस की पुष्टि तो हुई है लेकिन एन 1 वायरस का उल्लेख नहीं है। सीएमएचओ डाॅ. एकेएस रात्रे का कहना है कि महिला की मौत स्वाइन फ्लू से नहीं हुई थी। अगर दोनों वायरस रहता तो हम कंफर्म कहते कि मौत भी स्वाइन फ्लू से हुई है लेकिन रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं है। हालांकि इन्फ्लूएंजा का जिक्र जरूर है। लेकिन हम कह नहीं सकते कि मौत स्वाइन फ्लू से हुई है, रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख है। सुतापा की मौत 6 अप्रैल को सेक्टर 9 अस्पताल में हुई थी। तीन दिन बाद स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लेकिन मौत का स्पष्ट कारण नहीं आ पाया था।

इस श्रेणी में आने वाले रहें संभलकर: बारिश के बाद मौसम मंे उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ऐसे में संभलकर रहें। यह बीमारी उन लोगों को होती है जिनके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसलिए वायरस का संक्रमण ज्यादातर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में होने की संभावना रहती है।

तीन श्रेणी में निमोनिया भी होता ही है: इस बीमारी की तीन श्रेणी होती है। ए श्रेणी में मरीज को सामान्य बुखार जैसा होता है। इसमें बुखार आना, हल्का जुकाम, हाथ पैर में दर्द होना लक्षण होते हैं। बी श्रेणी में पीड़ित को निमोनिया डेवलप होना शुरू हो जाता है। बावजूद स्थिति गंभीर नहीं मानी जाती लेकिन यह बीमारी सीधे फेफड़ों पर वार करती है।

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