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रोज 20 बार गुजरती है ट्रेन, अंडरब्रिज में रिस रहा पानी, खतरा मोल लेकर करते हैं पटरी पार

बालोद-राजनांदगांव मुख्य मार्ग पर पाररास के पास रेलवे क्राॅसिंग है। जिला मुख्यालय से लगे होने के कारण यहां वाहनों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 14, 2018, 02:05 AM IST

रोज 20 बार गुजरती है ट्रेन, अंडरब्रिज में रिस रहा पानी, खतरा मोल लेकर करते हैं पटरी पार
बालोद-राजनांदगांव मुख्य मार्ग पर पाररास के पास रेलवे क्राॅसिंग है। जिला मुख्यालय से लगे होने के कारण यहां वाहनों का ज्यादा दबाव रहता है। राजनांदगांव एवं डौंडीलोहारा की ओर से आने वाले वाहन इसी रेलवे क्राॅसिंग को पार कर बालोद, दुर्ग एवं धमतरी की ओर जाते हैं। इसी प्रकार बालोद, धमतरी के वाहन राजनांदगांव की ओर जाते हैं। इस रेलवे लाइन के क्राॅसिंग से रोजाना यानि 24 घंटे में 20 बार मालगाड़ी एवं यात्री गाड़ी(मालगाड़ी 7-7 बार और यात्री गाड़ी 3-3 बार ) गुजरती है। इसके अलावा सप्ताह में तीन दिन दुर्ग तक के लिए एक अतिरिक्त ट्रेन चलती है। गाड़ी गुजरने के दौरान हर बार रेलवे क्राॅसिंग का फाटक 10 मिनट तक बंद रहता है। जिस कारण मुख्य मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग जाती है।

आपातकाल में अंडरब्रिज का लाभ नहीं मिल पा रहा, बारिश में पानी भर जाता है।

प्रधानमंत्री तक पहुंच चुकी है मांग, हुआ कुछ भी नहीं

यहां ओवरब्रिज बनाने को लेकर पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली पहुंच गई है। लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। रेलवे विभाग की निगरानी में अंडरब्रिज बना था। अब जिम्मेदार अफसर कह रहे हैं कि जब भी यहां बारिश व नाली का पानी भरेगा तो नगर पालिका अपने स्तर पर मोटर लगाकर निकालेगा, क्योंकि हमने हैंडओवर कर दिया है। वहीं नगर पालिका के अफसर कह रहे हैं कि स्थाई समाधान रेलवे विभाग को करना चाहिए। हम लोगों की मांग के आधार पर पानी निकाल सकते हैं, कब तक ऐसा करते रहेंगे।

इस तरह की हो रही परेशानी

हजारों लोग पाररास रेलवे क्राॅसिंग से होकर गुजरते हैं

पाररास, जुंगेरा, तरौद, मालीघोरी, कोहंगाटोला, मनौद, खुर्सीपार के स्टूडेंट सोमवार से शनिवार तक जिला मुख्यालय के काॅलेज, स्कूल व अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में पढ़ाई करने पहुंचते हैं। इसके अलावा हजारों लोग क्राॅसिंग से गुजरते हैं। अंडरब्रिज में पानी होने से पाररास रेलवे क्राॅसिंग के खुलने का इंतजार होता है। अब जल्दबाजी के कारण कई लोग पटरी पार करने मजबूर हो जाते हैं।

राहत देने के बजाए एक-दूसरे पर थोप रहे जिम्मेदारी

रेलवे: सेक्शन जेई एसके नेमा का कहना है कि अंडरब्रिज में बारिश व नाली का पानी भरेगा तो नगर पालिका मोटर से निकालेगा। हमने हैंडओवर कर दिया है।

किसलिए बना अंडरब्रिज क्या है वास्तविक स्थिति

24 घंटे में 20 बार यात्री व मालवाहक ट्रेन गुजरती है, इसलिए पाररास रेलवे क्राॅसिंग में यातायात के दबाव को कम करने के मंशानुरूप बुढ़ापारा में अंडरब्रिज बनाया गया लेकिन इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। बारिश के अलावा खरखरा व गोंदली केनाल का पानी रिसते हुए अंडरब्रिज में आ रहा है। अंडरब्रिज में दरारें हैं। जहां से सीपेज से आने वाला पानी निकल रहा है, जो एकत्र हो रही है।

नगर पालिका: सीएमओ रोहित साहू का कहना है कि पानी को निकालने के लिए हमें जिम्मेदारी दी गई है लेकिन स्थाई समाधान रेल विभाग को करना चाहिए। कब तक पानी निकालते रहेंगे।

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