बालोद

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नोडल शिक्षक नहीं पहुंचे स्कूलों की जांच करने

शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत जिले के 1227 स्कूलों में नोडल शिक्षकों को आंकलन करना है। 11 से 18 जुलाई तक चलने वाले इस...

Danik Bhaskar

Jul 14, 2018, 02:05 AM IST
शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत जिले के 1227 स्कूलों में नोडल शिक्षकों को आंकलन करना है। 11 से 18 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में अब तक जिले के सिर्फ 9 स्कूलों में जांच हो पाई है। 1218 स्कूलों में अब तक कोई जांच के लिए नहीं पहुंचे हैं। शासन ने शुक्रवार को अब तक की स्थिति को दर्शाती रिपोर्ट जारी की। जिसमें 27 जिलों में बस्तर सबसे आगे है। वहां तीन दिन में 698 स्कूलों की जांच हो चुकी है। राजीव गांधी शिक्षा मिशन के अफसरों ने इस रिपोर्ट के आधार पर सभी जिम्मेदार शिक्षकों को गंभीरता से काम करने कहा है।

ज्ञात हो कि प्राइमरी स्कूलों में मिडिल के प्रधानपाठक व मिडिल स्कूलों में हाईस्कूल के प्राचार्य या व्यख्याता को जांच में जाना है। उन्हें पिछले दिनों बैठक लेकर क्या करना है इसकी पूरी जानकारी दी जा चुकी है। इसके बाद भी तीन दिन में जिले में लक्ष्य का एक फीसदी भी पूरा नहीं हो पाया है। राज्य में कुल 44269 स्कूलों में ये जांच होनी है। जिसमें तीन दिन में 2060 स्कूल(4.65%) में ही जांच हुई। 42209 स्कूल में अब तक कोई नहीं गया। जबकि अब सिर्फ चार दिन ही बचे हैं।

यहां स्थिति ठीक

बस्तर में 698, गरियाबंद में 242, मुंगेली में 227, रायगढ़ में 271, राजनांदगांव में 238 स्कूलों में जांच हुई है। जांच के दौरान एक बच्चे से 10 सवाल पूछे जाने हैं। इस दौरान बच्चा 5 या उससे ज्यादा सवालों के सही जवाब दे पाता है तो स्थिति ठीक है।

दूसरा स्थान दिलाने के बाद यह स्थिति ठीक नहीं

तीन साल तक चले गुणवत्ता अभियान में ओवरआल राज्य में दूसरा स्थान की उपलब्धि हासिल करने वाले बालोद जिले में तीन दिन में 9 स्कूलों में जांच हुई, यह स्थिति ठीक नहीं है। इधर सर्व शिक्षा अभियान के जिला मिशन समन्यवक पीसी मर्कले ने कहा शिक्षकों के पास चार दिन बचे है। इस दौरान उन्हें हर हाल में निर्धारित स्कूलों में जाकर आंकलन करना है। अगर निर्धारित दिनों में शिक्षक अपना काम नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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