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काॅलेज में दो साल पहले तैयार गर्ल्स काॅमन रूम में बिजली व पानी नहीं, लटका है ताला

जिले के लीड शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त पीजी काॅलेज में गर्ल्स काॅमन रुम व कैंटीन में ताला लटका हुआ है। यहां आसपास...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 12, 2018, 02:05 AM IST

काॅलेज में दो साल पहले तैयार गर्ल्स काॅमन रूम में बिजली व पानी नहीं, लटका है ताला
जिले के लीड शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त पीजी काॅलेज में गर्ल्स काॅमन रुम व कैंटीन में ताला लटका हुआ है। यहां आसपास खरपतवार उग आए है। प्रवेश प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब ज्यादा स्टूडेंट यहां पढ़ाई करने के लिए पहुंचेंगे। लेकिन सुविधाओं के लिए मोहताज होना पड़ेगा। कारण यह है कि गर्ल्स कामन रूम दो साल पहले तैयार तो हो गया। लेकिन यहां सुविधाएं नहीं है। इसका उपयोग छात्राएं नहीं कर पा रहे हैं, यहां पानी, बिजली की व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है।

इसकी जानकारी जिम्मेदारों को मालूम है लेकिन वे कुछ करने के बजाए आश्वासन दे रहे है कि अभी तो नहीं बाद में गर्ल्स कामन रूम को उपयोगी बनाएंगे। बहरहाल रूम में ताला लगा हुआ है, लिहाजा इसका उपयोग नहीं हो रहा है। प्रबंधन तर्क दे रहा है कि फंड की कमी के चलते यहां अब तक पेयजल व बिजली की व्यवस्था नहीं हो पाई है। स्थिति ऐसी है कि पढ़ने वाली छात्राओं को ही यह मालूम नहीं है कि हमारे कॉलेज में गर्ल्स काॅमन रूम भी बना है। गर्ल्स काॅमन रूम में बोर्ड भी नहीं लगा है।

बालोद. गर्ल्स काॅमन रूम में लटका है ताला, छात्राआें को नहीं मिल रही सुविधा।

नाश्ता करने स्टूडेंट्स को बाहर जाना पड़ रहा

दो साल पहले तैयार भवन में कैंटीन एक साल भी चल नहीं पाया। मार्च से अब तक बंद है। जारी टेंडर में एक साल के लिए एग्रीमेंट होने का दावा कर प्रबंधन व जनभागीदारी समिति ने कहा था कि सालभर तक कैंटीन की सुविधा काॅलेज में मिलेगी। जिसमें एजेंसी को तीन माह किराए नहीं देना होगा। बावजूद कैंटीन मार्च में ही बंद हो गया। जिम्मेदार इसका कारण एजेंसी को बता रही है। जबकि फिर से शुरू कराने कोई पहल करना नहीं चाह रहे है कि आखिर क्यों एजेंसी को कैंटीन बंद करने की नौबत आ गई। बस इतना बता रहे है कि हो सकता है कैंटीन चलाने में घाटे हुआ हो, आमदनी के अनुरुप आय नहीं मिला हो। इसलिए बंद कर दिया गया। लेकिन नए सिरे से चालू करने के लिए सिर्फ आश्वासन दे रहे है। जब कैंटीन शुरू हुई, तब वाहवाही बटोरेने के लिए जिम्मेदारों ने कहा था कि कैंटीन चलाने एक साल के लिए एग्रीमेंट रहेगा। 9 माह का किराया देना होगा, क्योंकि तीन माह गर्मी छुट्टी रहेगी। लिहाजा तीन माह का किराया नहीं लिया जाएगा। बहरहाल यहां आने वाले स्टूडेंट समोसा, डोसा, इडली, पोहा, चाय के लिए काॅलेज से बाहर जा रहे हैं। यह सुविधा काॅलेज में ही मिल जाती।

विधायक हस्तक्षेप करें तो काम होगा पूरा

प्राचार्य डाॅ. आरके मिश्रा ने बताया कि गर्ल्स काॅमन रुम विधायक निधि से तैयार है। उन्हीं के हस्तक्षेप के बाद बचा काम पूरा हो पाएगा फिर बच्चों को ये सारी सुविधाएं मिलने लगेगी। कैंटीन में अभी ताला लगा हुआ है। इसे चालू करने जल्द ही कुछ करते है। अभी मुझे ज्वाइनिंग लिए ज्यादा दिन नहीं हुए है।

एक लाख और खर्च

गर्ल्स काॅमन रूम को उपयोगी बनाने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने एक लाख रुपए की जरूरत होने की बात काॅलेज प्रबंधन व जनभागीदारी समिति कर रहा है। फंड मिलने के बाद सुविधाएं उपलब्ध कराकर स्टूडेंट के लिए दरवाजे खोल दिए जाएंगे।

सिर्फ आश्वासन मिला

जब भवन तैयार हुआ था तब जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा कर उपयोग में लाने का दावा प्रबंधन ने किया था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। गर्ल्स कामन रूम नहीं होने से स्टूडेंट को कई परेशानी हो रही है, वे कुछ कहना नहीं चाह रहे हैं।

बीए की 1865 में से 1805 सीटें भरी, बीकाॅम की 400 सीट रिक्त

यूनिवर्सिटी को जानकारी देने रिपोर्ट बनाई गई

भास्कर न्यूज | बालोद

प्रवेश प्रक्रिया समाप्त होने के बाद शनिवार को जिले के सभी काॅलेजों में प्रवेश कमेटी रिपोर्ट बनाने में जुट गई है। रिपोर्ट यह कि किस संकाय में कितने स्टूडेंट ने प्रवेश लिया और कितनी सीट रिक्त रह गई, ताकि जानकारी यूनिवर्सिटी को भेजा जा सके।

शुक्रवार शाम तक पहुंचने वाले स्टूडेंट को प्रवेश देने की बातें कह कर प्रबंधन ने शनिवार को रिपोर्ट बनाने की बातें कहीं थी। काॅलेजों में फर्स्ट ईयर में निर्धारित सीट में प्रवेश लेने के लिए स्टूडेंट से आवेदन लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बार बीए में ज्यादा स्टूडेंट का रुझान रहा। जिले के 12 शासकीय काॅलेजों में बीए फर्स्ट ईयर के कुल 1865 सीट निर्धारित है। जिसमें 1800 सीट में प्रवेश हुआ। बीकाॅम के 1055 सीट के मुकाबले 600 सीट भर पाई है।

इन काॅलेजों में बीकाॅम की सीट रिक्त रह गई

1. बेलौदी के शासकीय काॅलेज में बीए में 90 सीट, बीएससी में 80 और बीकाॅम में 31 सीट पर स्टूडेंड ने प्रवेश लिए। यहां बीकाॅम की ही 29 सीट रिक्त रह गई।

2. अरमरीकला के शासकीय काॅलेज में बीए में 106 सीट, बीकाॅम 52, बीएससी बायो 90,गणित में 21 सीट पर स्टूडेंट ने प्रवेश लिए। यहां बीकाॅम के 8, गणित की 39 सीट रिक्त रह गई।

3. पैरी के प्राइवेट काॅलेज में बीए में 40 सीट, बीकाॅम की 45 सीट में स्टूडेंट ने प्रवेश लिया।

4. डौंडीलोहारा के शासकीय काॅलेज में बीए के 200 सीट, बीएससी बायो, माइक्रो, गणित में 149, बीकाॅम के 47 सीट में स्टूडेंट ने प्रवेश लिया। बीकाॅम के 13 व गणित की 6 सीट रिक्त रह गई।

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