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खदानों में काम नहीं मिलने से पलायन मशीन के बदले बेरोजगारों को दें नौकरी

माइंस में स्थानीय लोगों को काम देने की मांग को लेकर छग मुक्ति मोर्चा डौंडी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्टर...

Dainik Bhaskar

Aug 08, 2018, 02:05 AM IST
खदानों में काम नहीं मिलने से पलायन मशीन के बदले बेरोजगारों को दें नौकरी
माइंस में स्थानीय लोगों को काम देने की मांग को लेकर छग मुक्ति मोर्चा डौंडी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्टर को आवेदन सौंपकर बताया कि क्षेत्र में कई माइंस चल रहे हैं। जहां स्थानीय लोगाें को काम ना देकर बाहर के लोगों को रखा जा रहा है। वहीं कई खदानों में मशीन के माध्यम से काम कराया जा रहा है। जिससे यहां के लोगों को रोजी-रोटी की तलाश में पलायन करना पड़ता है।

छमुमो के ब्लाॅक अध्यक्ष सालिक राम सेन, बाल सिंह मंडावी ने बताया कि आदिवासी ब्लाॅक डौंडी का ज्यादातर हिस्सा वनों से घिरा है। जहां आयरन ओर का भंडार है। जिले को सबसे ज्यादा राजस्व की प्राप्ति डौंडी ब्लाॅक से होती है। महामाया, कच्चे, दुलकी, कलवर, दल्लीराजहरा माइंस में काम चल रहा है। कुछ में काम शुरू होने वाला है। लेकिन यहां के लोगों काे माइंस में काम नहीं मिल रहा है। इस कारण क्षेत्र के युवा बेराेजगार हैं। उन्हें काम की तलाश में बाहर जाना पड़ता है। जबकि माइंस में काम मिलने से उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। माधुरी बाई, राधा बाई, कचरू निषाद ने बताया कि गुदुम के आयरन ओर लोडिंग का कार्य मशीन से ना कराई जाए। मेनुअल करने से बहुत से लोगों को रोजगार मिलेगा। माइंस के छोटे-छोटे कामों में स्थानीय युुवाओं को रोजगार दिया जाना चाहिए। लेकिन ठेकेदार आउट सोर्सिंग से कार्य करा रहे हैं। युगलराम ने बताया कि कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं।

बिजली बंद होने के चलते खेतों में सिंचाई तक नहीं कर पा रहे कुआंगोंदी के किसान

बालोद. कलेक्टर को समस्या बताने के लिए जिला मुख्यालय पहुंचे डौंडी ब्लाॅक के छमुमो कार्यकर्ता।

गांवों में लो वोल्टेज की भी समस्या

सनद कुमार, सेवकराम, संतोष कुमार ने बताया कि गांव के 30 से अधिक किसानों के पास बोर है। लेकिन बिजली नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। इस समय बारिश नहीं होने व बिजली बंद होने से खेतों में पानी नहीं होने से कृषि कार्य में बाधा आ रही है। ग्राम गणेश खपरी के बली राम साहू, संपतराम साहू, संतोष कुमार साहू, विदेशी राम साहू, शास्त्रपति साहू ने बताया कि परसुली देवरी सबस्टेशन से बिजली बंद करने व लो-वोल्टेज की समस्या से फसल खराब हो रहा है। शासन द्वारा किसानों को पर्याप्त बिजली सप्लाई करने की व्यवस्था सरकार ने की है। लेकिन बिजली कंपनी के अधिकारियों की मनमनी के चलते लाभ नहीं मिल पा रहा है।

पेंशन व आवास के लिए भी दिए आवेदन: ग्राम फागुन्दाह की त्रिवेणी बाई ने वृद्धापेंशन,ग्राम खुर्षीपार की अहिल्या बाई ने विधवा पेंशन, ग्राम मुंदेरा की भूखीन बाई ने निराश्रित पेंशन, ग्राम परसुली की ईष्वरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, ग्राम भेजाजंगली के ग्रामीणों ने शिक्षक की व्यवस्था करने, ग्राम अमोरा की ललिता बाई ने नवीन राशन कार्ड बनाने, ग्राम नेवारीकला की सुरूज बाई ने घरेलु विद्युत कनेक्शन दिलाने, ग्राम हीरापुर के भीखम राम ने फौती उठाने, ग्राम रजोली की इंदुबाई ने स्मार्ट कार्ड बनाने, ग्राम धनेली के रामसिंह ने दिव्यांग पेंशन, ग्राम दुपचेरा के गुरूचरण ने वृद्धा पेंशन दिलानेकी मांग की।

ट्रांसफार्मर खराब हाेने से नहीं मिल रहा सिंचाई सुविधा का लाभ

डौंडी ब्लाॅक के ग्राम सुवरबोड़ का ट्रांसफार्मर खराब हो चुका है। जिसके कारण किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। राेमनदास, गैंदलाल, डोमन सिंह, जोहन राम, कंगलुराम, विजय कुमार, त्रिभुवन, नम्मुराम, कार्तिकराम, शिव प्रसाद ने बताया कि यहां 63 केवी का ट्रांसफार्मर है। जिसमें 21 नलकूप का कनेक्शन लगा है। जबकि ट्रांसफार्मर की क्षमता कम है। इस कारण सहीं रूप से बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही है। कम क्षमता के ट्रांसफार्मर से होने वाले परेशानी के संबंध में बिजली कंपनी दल्लीराजहरा को आवेदन दे चुके है। लेकिन अभी तक कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

डौंडीलोहारा ब्लाॅक के कुआंगोंदी के किसानों ने बिजली कंपनी की शिकायत करते हुए बताया कि अटल ज्योति योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। कभी भी बिजली बंद कर दी जाती है। जिससे सिंचाई नहीं कर पा रहे है। मेघनाथ ठाकुर, गोवर्धन, आशाराम, बिरजू, खोरबाहरा, धनेश, संतोष, विरेंद्र कुमार ने बताया कि शासन की योजना के तहत असिंचित क्षेत्र होेने के कारण खेतों में सिंचाई के लिए बोर कराए है। लेकिन लगातार बिजली आपूर्ति नहीं होने से सिंचाई के लिए उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। बिजली बंद होने से खेत सूख गया है। लो-वोल्टेज के कारण परेशानी हो रही है। मोटर सहीं ढंग से नहीं चल पाता।

कुआं निर्माण की बचत राशि अब तक नहीं मिली

गुरुर ब्लाॅक के ग्राम धोबनपुरी के द्रोणाचार्य ने बताया कि कुआं निर्माण के बाद भी पैसा नहीं मिला है। उन्होंने शिकायत में बताया कि हितग्राही मूलक कार्य के तहत राेजगार गारंटी से कुआं निर्माण कराया है। इसके लिए 2.87 लाख रुपए स्वीकृत हुआ था। लेकिन अभी तक 1.32 लाख का भुगतान नहीं किया गया है। ग्राम नलकसा के बिसाहुराम साहू ने स्कूल के बाउंड्रीवाल के लिए निजी जमीन लेने के बदले शासकीय जमीन नहीं देने की शिकायत की।

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