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कई पेंच में उलझे 20 से ज्यादा जगह टाॅवर के काम

संचार क्रांति योजना (स्काई) के तहत गांव- गांव में माइक्रोमैक्स का मोबाइल और जियो सिम बांट कर सरकार सरकारी योजनाओं...

Dainik Bhaskar

Aug 08, 2018, 02:05 AM IST
कई पेंच में उलझे 20 से ज्यादा जगह टाॅवर के काम
संचार क्रांति योजना (स्काई) के तहत गांव- गांव में माइक्रोमैक्स का मोबाइल और जियो सिम बांट कर सरकार सरकारी योजनाओं का नेटवर्क फैलाना चाहती है। पर यहां लोगों को मोबाइल पर बात करने के लिए जियो का नेटवर्क नहीं है। डौंडी, डौंडीलोहारा और गुरुर ब्लॉक के 100 से ज्यादा गांव ऐसे हैं, जहां किसी कंपनी का नेटवर्क नहीं रहता न टॉवर लगे हैं। बीएसएनएल की व्यवस्था तो भगवान भरोसे है। ऐसे गांव में जियो की नेटवर्किंग जोड़ने भी शासन-प्रशासन ध्यान नहीं दे रही है। 2 माह पहले से सर्वे कर गांव में जगह चिन्हांकित की गई है। लेकिन टॉवर लगने से पहले आ रहे आपत्तियों को अधिकारी नहीं सुलझा पा रहे हैं। यही वजह है कि नए स्वीकृत 20 से ज्यादा टॉवर लगाने का मामला 2 माह से अटका हुआ है। इस दिशा में न तो जियो कंपनी के अफसर ध्यान दे रहे हैं और न ही चिप्स के। 17 अगस्त से ग्रामीण क्षेत्रों में भी मोबाइल बांटा जाएगा। पर बात करने के लिए जियो का नेटवर्क नहीं मिल पाएगा।

पहले 185 टॉवर प्रस्तावित थे, अब बदल गई प्लानिंग: शुरुआत में अप्रैल में स्काई योजना के तहत 185 गांव में टावर लगाने सर्वे हुआ था लेकिन जब योजना में टॉवर लगाने का टेंडर जियो को मिला तो कंपनी ने पहले से लगे 30 से ज्यादा टॉवरों के कारण 185 के टारगेट को कम कर दिया। अब वह अपने हिसाब से एरिया देखकर टॉवर लगा रही है। पर जमीन के विवादों को न सुलझा पाने के कारण काम अटका हुआ है। गांव वालों को मोबाइल मिलने की देर नहीं पर टावर लगाने में देरी हो रही है।

स्काई की सच्चाई

कहीं जमीन का मसला तो कहीं स्कूल रुकावट, कहीं गुजरे हैं बिजली तार, अफसर नहीं सुलझा पा रहे मामले

बालोद. बालोदगहन में नेटवर्क कम होने से ऊंचाई में बात करनी पड़ती है

जानिए कहां किस वजह से लटका है मामला

नहीं टूटा स्कूल भवन: बिटाल में अफसरों ने सर्वे करके प्राथमिक शाला के पुराना भवन के पास जगह चयनित की थी पर अब तक भवन को तोड़कर जगह खाली नहीं किया गया है। बीएसएनएल का नेटवर्क भी ठीक से नहीं मिलता।

आपत्तियों के कारण रुके हैं कुछ जगह काम

लोक सेवा केंद्र ईडीएम इंद्रजीत सेन का कहना है कि जहां भी टॉवर लगाने का काम अटका है, इसकी जानकारी जियो कंपनी और रायपुर के उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। उन्हें मौके का जायजा लेने के लिए भी बुलाया गया है। लेकिन अभी नहीं आए हैं। हमारी भी कोशिश है कि जल्द से जल्द टॉवर लगाने का काम पूरा हो। ताकि जब मोबाइल हाथ में आए तो लोगों को नेटवर्क की सुविधा मिले।

अब नई जगह की तलाश: दल्ली में दो जगह रेलवे और बीएसपी रेस्ट हाउस की जमीन पर टाॅवर लगना था। 2 माह से सर्वे हो चुका है। अब बात आ रही है कि बीएसपी की जगह छोटी है। अब अफसर टॉवर लगाने नई जगह तलाश रहे हैं।

ग्रामीण विरोध में: गुरुर के बोहारडीह में जहां टॉवर लगना है, वहीं से 11 केवी का बिजली तार गुजरा है। इसलिए गांव वाले विरोध कर रहे हैं। इसी तरह जिले में 10 से ज्यादा गांव में जमीन का सही चिन्हांकन न होने से काम रुका पड़ा है।

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