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लेटलतीफी जहां पानी जमा होता है, वहां टेमीफोस्प दवाई डालेंगे

पड़ोसी जिले दुर्ग के भिलाई में इन दिनों डेंगू का कहर जारी है। एक अगस्त से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इसी को...

Dainik Bhaskar

Aug 09, 2018, 02:06 AM IST
लेटलतीफी 
 जहां पानी जमा होता है, वहां टेमीफोस्प दवाई डालेंगे
पड़ोसी जिले दुर्ग के भिलाई में इन दिनों डेंगू का कहर जारी है। एक अगस्त से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इसी को ध्यान में रखकर अब बालोद जिला स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। जबकि यह पहले हो जाना चाहिए था। यहां अलर्ट डेंगू, मलेरिया को लेकर है। अफसर कह रहे है कि जल्द ही निकाय के अफसरों के साथ बैठक लेंगे और रणनीति बनाएंगे कि कहां-जहां पानी का भराव होता है। फिर दवाई डाली जाएगी। हालांकि यह काम पहले हो जाना था लेकिन लेटलतीफी जारी है। एक माह में ही 121 मलेरिया के मरीज बढ़ गए हैं।

अगस्त के आठ दिन में भी यह हाल

जून तक मलेरिया मरीजों की संख्या 95 थी, जो अब 216हो गई है। यह भी 31 जुलाई तक की स्थिति में है। इसकी जानकारी ब्लाॅक के अफसरों ने जिला स्तरीय बैठक में 4 अगस्त को दी है। अगस्त के 8 दिन में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है लेकिन कितना यह सितंबर में मालूम होने की बातें कहीं जा रही है।

भिलाई में डेंगू से 5 की मौत, अब बालोद में अलर्ट... 1 माह में मलेरिया रोगी 95 से 216 हुए, सबसे ज्यादा डौंडी में 89 मरीज, अब दवाई डालने पर विचार

आंकड़े ही बता रही वास्तविकता

ब्लाॅक मरीज फेल्सिफेरम पीवी

बालोद 16 10 6

डौंडी 89 62 27

डौंडीलोहारा 65 32 33

गुंडरदेही 12 4 8

गुरुर 34 19 15

योग 216 127 89

बालोद. अफसर गांवों का दौरा कर लोगें से कह रहे सफाई पर ध्यान दो, विभाग गंभीर नहीं

टेमीफोस्प दवाई का छिड़काव करेंगे

स्वास्थ्य विभाग अनुसार नगरीय निकाय क्षेत्र के अफसरों के साथ कब बैठक होगी,यह जल्द तय किया जाएगा। बैठक में सर्वेक्षण करने वालों की टीम भी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जल्द ही इस संबंध में आदेश निकलेगा। शहरी क्षेत्र में टेमीफोस्प दवाई का छिड़काव किया जाएगा। यह दवाई सभी ब्लाॅक मुख्यालयों में पहुंच चुका है।

ढाई एमएल दवाई घोलेंगे: जहां-जहां गड्‌ढा है यानि पानी जाम होता है। वहां छिड़काव करवाएंगे। टेमीफोस्प दवाई एक डिब्बा में एक लीटर रहता है। 10 लीटर पानी में ढाई एमएल दवाई घोलकर छिड़काव किया जाएगा।

मलेरिया से बचने के लिए आप बरतें ये सावधानियां

1. पानी भरे गड्‌ढों में दवाई का छिड़काव करें। दवाई का छिड़काव नहीं करने की स्थिति में मच्छर पनपते लगते हैं और यही मलेरिया फैलाते हैं।

2. सूखे स्थान में गंदगी न रखे, गंदगी होने पर साफ-सफाई पर ध्यान दें।

3. किसी प्रकार का बुखार आने की स्थिति में मितानिन व डाॅक्टर से संपर्क कर खून की जांच करवाएं।

4. सुविधानुसार मलेरिया से से बचने मच्छरदानी अवश्य लगाए, बिजली बंद होने की स्थिति में रात में मच्छरों का प्रकोप ज्यादा रहता है।

सीधी बात| केके सिंघा, जिला मलेरिया अधिकारी

डौंडी विकासखंड ज्यादा संवेदनशील, वहां कर रहे फोकस


- दो स्तर पर डीडीटी का छिड़काव कर रहे हैं, पहला स्तर समाप्त हो चुका है,


- डौंडी विकासखंड में ज्यादा फोकस कर रहे हैं। यहां के अधिकांश गांव में डीडीटी का छिड़काव के अलावा मच्छरादानी बांटे गए हैं।


- दल्लीराजहरा क्षेत्र के शहीद अस्पताल, पुष्पा अस्पताल सहित अन्य जगहों से रिपोर्ट आती है, इसके हिसाब से मरीजों की संख्या निकालते है, कई मलेरिया मरीज दूसरे जिले के रहते है। इसलिए लगता है कि डौंडी में ज्यादा मरीज है


- पहले से ही यहां मच्छरों का प्रकोप न हो, इसके लिए जरूरी कार्रवाई कर रहे हैं, मैं खुद कई गांव का दौरा किया हूं, लोगों में जागरूकता भी जरूरी है, वे सफाई पर ध्यान दें, मच्छरदानी के लिए जागरूकता नहीं है।

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