Hindi News »Chhatisgarh »Balod» अंधड़ व बारिश ने रोक दी कारखाने में गन्ने की पेराई, आवक भी हो गई कम

अंधड़ व बारिश ने रोक दी कारखाने में गन्ने की पेराई, आवक भी हो गई कम

रविवार रात चली आंधी बारिश ने जिले के शकर कारखाना करकाभाट में पेराई रोक दी। प्रबंधन आखिरी चरण में आए हुए गन्ने को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:15 AM IST

अंधड़ व बारिश ने रोक दी कारखाने में गन्ने की पेराई, आवक भी हो गई कम
रविवार रात चली आंधी बारिश ने जिले के शकर कारखाना करकाभाट में पेराई रोक दी। प्रबंधन आखिरी चरण में आए हुए गन्ने को रात तक पेराई कर सत्र समाप्त करने की तैयारी में था। लेकिन आंधी बारिश से बॉयलर को गर्म करने के लिए चलाया जाने वाला बगाज गीला हो गया। जिससे थ्रेसर लो होते ही टरबाइन बंद हो गया। जिसके बाद रात 10 बजे से कारखाने में गन्ने की पेराई बंद हो गई। अभी परिसर में करीब 150 टन गन्ना रखा हुआ है।

प्रबंधन ने खराब मौसम और कम आवक को देखते हुए अब पेराई सत्र की आखिरी तारीख 20 अप्रैल तक के लिए टाल दी है। अब बचे हुए 4 दिन में छुटपुट किसान जो गन्ना नहीं ला पाए हैं, उनका इंतजार किया जाएगा। फिर डंप किए गन्ने की एक साथ 20 अप्रैल को पेराई कर दी जाएगी। गौरतलब है कि 15 अप्रैल को 116 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हुई थी। दिसंबर से लेकर अब तक 1200 किसानों ने गन्ना बेच दिया है।

फैक्ट फाइल

7,88,152

मीट्रिक टन इस सत्र हुई गन्ना पेराई

14.88

करोड़ किसानों को भुगतान किए गए हैं

19.92

करोड़ का गन्ना खरीदा गया है

5.5

करोड़ अभी भुगतान के लिए शेष है

किसानों के इंतजार में तीन बार टल गई तारीख

जो किसान बच गए हैं उनके इंतजार में प्रबंधन लगातार पेराई सत्र समाप्ति की तारीख टाल रहा है। पहले 7 अप्रैल, फिर 15 अप्रैल और अब 20 अप्रैल को पेराई बंद करने का निर्णय लिया गया है। मौसम की खराबी से भी प्रबंधन चिंतित है। अनुमान है कि अभी भी 50 से ज्यादा किसान गन्ना नहीं बेच पाए हैं।

आंंधी बारिश से पेराई बंद, कारखाने में डंप किया गन्ना।

बाॅयलर की खराबी से बंद रही पेराई

8 सालों में सबसे ज्यादा कारखाना में तकनीकी खराबी इसी साल आई है। 22 दिसंबर से पेराई शुरू हुई थी। इस बीच 4 महीनों में 10 से 12 बार बायलर और पाइप में खराबी आई। इससे 30 से ज्यादा दिन काम बंद रहा।

मनरेगा के चलते नहीं मिल रहे मजदूर

ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों शादी सीजन शुरू हो चुका है। वहीं रोजगार गारंटी योजना के तहत राहत काम भी चल रहे हैं। जिससे किसानों को गन्ना कटवाने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे। इस वजह से छिटपुट किसान अभी तक गन्ना नहीं बेच पाए हैं। उन्हीं का इंतजार हो रहा है। जिससे यह पेराई सत्र अब तक बंद नहीं हो पाया है।

किसानों को पैसा देने में होगी दिक्कत, गन्ना कटाई में देरी

प्रबंधन वैसे ही तकनीकी खराबी से जूझ रहा है। उस पर इस बार शकर का रेट भी गिर गया है। पिछले साल 3600 रुपए प्रति क्विंटल पर नीलामी हुई थी। इस बार 2815 रुपए प्रति क्विंटल पर शकर बिका। जबकि दोबारा टेंडर हुआ था। 26 मार्च को जारी किए टेंडर में 2971 के अंतिम रेट था। लेकिन कुछ कारणों से यह टेंडर निरस्त हो गया। दुबारा टेंडर में 156 रुपए कम रेट मिला। पिछले साल की तुलना में भी इस साल 800 रुपए का घाटा ही हुआ है। इससे प्रबंधन को किसानों का भुगतान करने में दिक्कत होगा। किसानों का भी भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Balod

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×