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जमीन विवाद के चलते 80 लाख रुपए के 3 काम 6 माह बाद शुरू

दो साल पहले स्वीकृत और जमीन विवाद के चलते पिछले छह माह से रुके तीन काम दोबारा शुरू हो चुके हैं। जिला प्रशासन की ओर...

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2018, 03:15 AM IST
जमीन विवाद के चलते 80 लाख रुपए के 3 काम 6 माह बाद शुरू
दो साल पहले स्वीकृत और जमीन विवाद के चलते पिछले छह माह से रुके तीन काम दोबारा शुरू हो चुके हैं। जिला प्रशासन की ओर से काम शुरू कराने आदेश मिलने के बाद एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है।

नगर पालिका के अफसर अब तक विविधित पत्र नहीं मिलने की बातें कह रहे हैं। काम पूरा होने के बाद शहरवासियों को सुविधाएं मिलेगी। तीन प्राेजेक्ट में गांधी भवन और दशहरा तालाब पार में गार्डन के लिए चार साल पहले ही राशि स्वीकृत हो गई थी। वहीं बस स्टाॅपेज के लिए दो साल पहले। अब तक जमीन विवाद के कारण सभी काम पूरा नहीं हो पाया है। छह महीने से काम बंद था। इसके बाद अब दोबारा काम शुरू हो गया है। काम पूरा होने के बाद लोगों को सुविधा मिलेगी। सभी तीन काम शहर की जनता से जुड़े हुए हैं। जिम्मेदारों ने अब इसकी सुध ले ली है।

जानिए, वे तीन काम, जो लोगों के लिए किस तरह फायदेमंद साबित होगा

बुधवारी बाजार के पास गांधी भवन नवनिर्माण दोबारा शुरू।

बस स्टाॅपेज (स्थानक)

स्वीकृति: 2016

लागत राशि: 10 लाख

पहली बार काम शुरू हुआ: जनवरी 2018

काम बंद: फरवरी

क्यों बंद हुआ: अस्पताल प्रबंधन ने निर्माण कार्य पर आपत्ति कर दी।

आपत्ति का कारण: जिस जगह पर निर्माण कार्य हो रहा है,वह सिविल सर्जन के नाम पर है।

असर: काम अधूरा होने से लोगों को बस स्टाॅपेज की सुविधा नहीं मिल पाई। यहां से गुजरने वाली बस रूक नहीं रही है।

आगे क्या: जिला प्रशासन से मौखिक सहमति के बाद नगर पालिका ने 8 दिन पहले दोबारा काम शुरू करवाया। अब काम अंतिम चरण में है।

काम पूरा होने से फायदे: बस स्टाॅपेज के पास में ही बस रूकने से अस्पताल पहुंचने वाले लोगों व काॅलेज आने वाले स्टूडेंट को सुविधा होगी।

दशहरा तालाब पार में गार्डन

स्वीकृति: 2016

लागत: 23 लाख

पहली बार काम शुरू: फरवरी 2017 में

काम बंद: मार्च 2017

किसलिए: जिस जगह पर गार्डन बनाना प्रस्तावित है, वह नजूल भूमि है।

असर: टेंडर जारी कर जिला प्रशासन की सहमति के बाद जून के अंतिम सप्ताह में काम शुरू कराया गया।

फायदे: वार्ड के लोगों को सुविधाएं मिलेगी। वर्तमान में बाउंड्रीवाॅल बनाया जा रहा है। इसके बाद बच्चों के मनोरंजन के लिए फिसलपट्टी, झूले, बैठने के लिए कुर्सी की व्यवस्था की जाएगी।

गांधी भवन नवनिर्माण

स्वीकृति: मई 2012

लागत राशि: 59 लाख

पहली बार काम शुरू हुआ: जुलाई 2017

काम बंद: अगस्त2017

क्यों: राजस्व विभाग ने तर्क दिया जिस जगह पर काम चल रहा है, वह नजूल भूमि है।

कारण: नजूल भूमि व टेंडर हिसाब से काम होने के कारण निर्माण बंद था।

असर: पांडेपारा के नागरिकों को सामाजिक, धार्मिक, पारवारिक कार्यक्रम कराने में परेशानी हो रही है।

आगे क्या: एजेंसी ने एक सप्ताह पहले काम शुरू करवाया। अपर कलेक्टर के कोर्ट में अगले सप्ताह सुनवाई होगी।

फायदे: आयोजन कराने में किराए के भवन पर आश्रित नहीं होना पड़ेगा। व्यापारियों को भी व्यापार करने में सहूलियत होगी।

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