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सहा. ब्रांच मैनेजर को डेंगू, 15 दिन में दो रोगी, अब टेमीफोस्प छिड़केंगे

बालोद शहर के खरखरा केनाल के पास रहने वाले देना बैंक के सहायक ब्रांच मैनेजर 32 वर्षीय जितेन्द्र देशमुख को डेंगू की...

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2018, 03:15 AM IST
सहा. ब्रांच मैनेजर को डेंगू, 15 दिन में दो रोगी, अब टेमीफोस्प छिड़केंगे
बालोद शहर के खरखरा केनाल के पास रहने वाले देना बैंक के सहायक ब्रांच मैनेजर 32 वर्षीय जितेन्द्र देशमुख को डेंगू की पुष्टि रायपुर के एक निजी अस्पताल प्रबंधन ने कर दी है। अभी वह 9 अगस्त से अब तक रामकृष्ण हाॅस्पिटल में भर्ती है। इस तरह अब 15 दिन के अंदर डेंगू के दो मरीज मिल चुके हैं। इसके पहले दल्लीराजहरा के एक युवक को भिलाई के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालांकि इसकी पुष्टि बालोद जिला स्वास्थ्य विभाग नहीं कर रहा है, कारण रिपोर्ट नहीं आई है। जिम्मेदार रिपोर्ट आने के बाद ही कंफर्म कहने की बातें कह रहे हैं। बहरहाल जिले में भी डेंगू के मरीज मिलने की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। अफसर कह रहे हैं कि तीन दिन के अंदर टेमीफोस्प दवाई का छिड़काव किया जाएगा, इससे डेंगू के मच्छर नहीं पनप पाएंगे। हालांकि यह दावा है। यहां डेंगू की जांच की सुविधा नहीं है। सोशल मीडिया में डेंगू को लेकर सावधानी की सलाह दी जा रही है।

जितेन्द्र देशमुख

पिता बोले- रायपुर ले जाकर भर्ती कराया

पीड़ित के पिता पीएल देशमुख ने बताया कि 2 अगस्त को जितेन्द्र की तबियत खराब हुई, वह बैंक से काम के बाद घर आया तो बुखार आने की बात कहीं फिर सो गया। पास के एक निजी डाॅक्टर के क्लीनिक में ले गए। वहां मलेरिया, टाॅयफाइड की जांच कराई। इसमें रिपोर्ट निगेटिव आई। स्थानीय दुकानों से दवाइयों से तबियत ठीक नहीं हुई तो रायपुर भिजवाया, जहां प्लेट्लेट्स 27 हजार निकले। इसके बाद वहां भर्ती करा दिया।

सेक्टर 9 हाॅस्पिटल में पाॅजिटिव मरीज मिला था

दल्लीराजहरा के एक युवक जुलाई में काम की तलाश में पावर हाउस गया था। कुछ ही दिन के बाद स्मृति नगर के मॉल में काम भी मिल गया, लेकिन दो दिन पहले तेज बुखार हुआ तो सेक्टर-9 भिलाई में भर्ती कराया गया। जांच में एनएस 1 पाॅजिटिव मिला। डेंगू की पुष्टि हुई।

कैसे लड़ेंगे डेंगू के खिलाफ लड़ाई

अफसर दे रहे सिर्फ आश्वासन: मच्छरों को दूर भगाने के लिए पहली बार डीडीटी के अलावा टेमीफोस्प दवाई छिड़कने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन अब तक इसकी शुरुआत नहीं हुई है। अभी बालोद शहर में सर्वे चल रहा है कि किस जगह में दवाई का छिड़काव करेंगे यानि अब तक चिन्हांकित जगहों का चयन नहीं हो पाया है।

राहत देने के बजाए ये कह रहे जिम्मेदार

जिला मलेरिया अधिकारी केके सिंघा का कहना है कि बुखार, उल्टी, पेट में दर्द होने को डेंगू मानकर लोग डरे नहीं। जल्द ही जिलेभर में डीडीटी के अलावा एक दवाई का छिड़काव करेंगे। वैसे अभी भी लगातार कीटनाशक का छिड़काव करने के साथ ही दवाइयां बंटवा रहे हैं।

डेंगू पर जिले सहित प्रदेशभर में अलर्ट: दुर्ग-भिलाई में डेंगू से लगातार हो रही मौत व जिले में डेंगू के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग की ओर से डेंगू पीड़ितों से इलाज के लिए झोलाछाप डॉक्टरों से दूर रहने अपील की गई है।

एक भी मशीन नहीं प्लेटलेट की: अत्याधुनिक एफेरेसिस मशीन की कमी महसूस होने लगी है। मात्र एक व्यक्ति से एक से डेढ़ घंटे के भीतर 60 हजार तक प्लेटलेट निकालने वाली यह मशीन अगर होती तो डेंगू मरीजों के घटती प्लेटलेट को बढ़ाने में काफी मदद मिलती।

डेंगू की होती हैं तीन स्टेज




जानिए क्या है प्लेट्लेट्स

यह खून का तत्व है जो खून का थक्का जमाने का काम करता है। इसकी संख्या सामान्य तौर पर डेढ़ लाख से चार लाख तक होती है। 10 हजार से कम या 10 लाख से ज्यादा प्लेटलेट्स होने पर नाक, छोटी और बड़ी आंत और त्वचा से ब्लीडिंग होने लगती है, जिससे मरीज की मौत भी हो सकती है।

प्लेटलेट्स 20 हजार से कम मतलब खतरा

नेशनल वेक्टर बॉर्न डिसीज कंट्रोल प्रोग्राम के मप्र के नोडल आॅफिसर डॉ. शेर सिंह के अनुसार कई ऐसे केस में वायरल बुखार ये प्लेटलेट्स कम हुए हैं। वायरल के कई मामलों में तो प्लेटलेट्स 25 हजार तक देखे गए हैं, जबकि इनकी संख्या 1 लाख 20 हजार से ज्यादा होनी चाहिए।

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