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50 गांव को सहारा देगा कमांडो सोप

अब जिले में महिला कमांडो कपड़ा धोने का साबुन बनाएगी। जो उनके आय का जरिया बनेगा। इसकी शुरुआत 150 गांव से हो रही है। 2...

Danik Bhaskar | Aug 13, 2018, 03:15 AM IST
अब जिले में महिला कमांडो कपड़ा धोने का साबुन बनाएगी। जो उनके आय का जरिया बनेगा। इसकी शुरुआत 150 गांव से हो रही है। 2 दिन पहले गुंडरदेही में उन महिलाओं की लीडरशिप ट्रेनिंग भी आयोजित की गई। जहां 50 -50 गांव की कमांडो को तीन अलग-अलग कार्यों को शुरू करने का जिम्मा सौंपा गया है। पद्मश्री शमशाद बेगम ने बताया कि साबुन का नाम ही कमांडो सोप रहेगा। उनका अलग से पैकेजिंग होगा। बैंकों से लोन लेकर साबुन बनाने की मशीन खरीदी जाएगी। 22 से 25 रुपए किलो की दर पर यह साबुन बेचा जाएगा। यानी एक साबुन लोगों को 4 से 5 रुपए पड़ेगा। इस व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले गांव में महिला कमांडो स्वयंसहायता समूह का गठन किया जा रहा है। जिसमें 15 से 20 सदस्य होंगे। चयनित गांव की कमांडो को कहा गया है कि 1 हफ्ते के भीतर वे समूह बनाकर अध्यक्ष सचिव और कोषाध्यक्ष का चुनाव कर लें।

साड़ी बनाना सीखेंगी : विभिन्न गांव की 40 कमांडो इस काम के लिए राजी हो गए हैं। दल 1 सितं को चंद्रपुर में ट्रेनिंग लेने के लिए जाएगा। हथौद (करहीभदर), मोहन्दी पाट, चेंदरीबन नवागांव, बोरी, तितुर गहन, सांगली, पड़कीभाट( डौंडी लोहारा), रंघई , गब्दि, हसदा, जामगांव, देवारभाट, झलमला, रेहची, पांगरी की कमांडो कोसा की साड़ी का काम करेंगे।

स्वावलंबन

ट्रेनिंग लेने के लिए 1 सितंबर को चंद्रपुर जाएंगी जिले की 40 महिला कमांडो

बालोद.गुंडरदेही में 150 गांव की कमांडो को लीडरशिप ट्रेनिंग दी गई।

एसपी ने दिया आइडिया कहा-आय की भी जरूरत

सहयोगी जन कल्याण समिति सचिव रफीक खान ने बताया कि 2 महीने पहले एसपी आईके एलिसेला ने ही हमें यह सुझाव दिया कि कब तक महिला कमांडो निस्वार्थ भाव से सेवा करती रहेंगी, उनका भी घर परिवार है ,उनकी भी कई जरूरतें होती हैं। इसलिए एसपी ने ही इसकी प्लानिंग की। नाबार्ड और ग्रामीण बैंकों के अफसरों से चर्चा कर शुरुआत तीन प्रोजेक्ट से किया जा रहा है । जिसमें साड़ी, साबुन और पापड़ का कारोबार शामिल है।