• Hindi News
  • Chhatisgarh
  • Balodabazar
  • समाज की नई पीढ़ी को शिक्षित करें उन्हें अपने अधिकार बताएं: ग्वाल
--Advertisement--

समाज की नई पीढ़ी को शिक्षित करें उन्हें अपने अधिकार बताएं: ग्वाल

Balodabazar News - भास्कर न्यूज | हिरमी/सुहेला बोईरडी परिक्षेत्र के आदिवासी गोंड़ समाज द्वारा रविवार को ग्राम हिरमी में विश्व...

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2018, 03:16 AM IST
समाज की नई पीढ़ी को शिक्षित करें उन्हें अपने अधिकार बताएं: ग्वाल
भास्कर न्यूज | हिरमी/सुहेला

बोईरडी परिक्षेत्र के आदिवासी गोंड़ समाज द्वारा रविवार को ग्राम हिरमी में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। इस आयोजन में 100 से अधिक गांवों के आदिवासी परिवार के लोगों ने उपस्थित हो कर बूढ़ा देव कि पूजा अर्चना की। वहीं जय आदिवासी, जय बूढ़ा देव जयघोष के नारों से पूरा गांव गुंजायमान रहा। इसी क्रम में समाज की महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई। स्थानीय बाजार चौक में महाअधिवेशन का आयोजन किया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व सीबीआई मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल ने कहा कि देश सहित हमारे प्रदेश में भी आदिवासियों के ऊपर हो रहे अत्याचारों में किसी प्रकार की कमी नहीं आई है। सरकारी नौकरी के किसी भी ऊंचे पद पर अभी तक किसी आदिवासी समाज के लोगों को पदस्थ नहीं किया गया है।

शिक्षा, रोजगार, आर्थिक तथा मानसिक तौर पर आदिवासियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इसका प्रमुख उदाहरण है कि वर्तमान समय में अभी तक बस्तर में आदिवासियों के ऊपर किये जा रही हिंसा है। उनके खत्म होते अनुपात, बलौदाबाजार जिले में स्थिति संयंत्रों द्वारा आदिवासियों की जमीनों को अधिग्रहण कर उन्हें अभी तक बिना मुआवजा और नौकरी दिए बगैर प्रताड़ित किया जा रहा है। अगर हम सब एक नहीं हुए तो इस बार हमें बचाने ना कोई बिरसा मुंडा आएगा ना कोई वीर नारायण सिंह आयेंगे और ना ही बाबा भीम राव अंबेडकर आएंगे। इस लिए अगर हमें हमारे समाज के पीढ़ी को विकसित करना है तो शिक्षित हो कर उन्हें अपने अधिकार जानने के लिए जागरूक करें।

हिरमी/सुहेला। बाजार चौक में बोईरडी परिक्षेत्र के आदिवासी गोंड़ समाज के महाअधिवेशन में बालिकाओं ने सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।

193 देशों में मनाते विश्व आदिवासी दिवस

इस मौके पर आदिवासी गोंड़ समाज के अन्य पदाधिकारियों ने अपने उद्बोधन में बताया कि आदिवासी का मतलब होता है आदि काल से इस धरा पर निवास करने वाले लोग और यही एक कारण है कि सन 1994 से 9 अगस्त को सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के 193 देशों में विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो की हम आदिवासियों के लिए गर्व की बात है।

सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी

इस आयोजन में समाज के प्रतिभावान छात्रों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया तथा धौराभांठा से आई बालिकाओं द्वारा सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति को सभी ने सराहा इस आयोजन में समाज के पदाधिकारी गुहा राम ध्रुव, भूपेंद्र ध्रुवंशी, रामजी ध्रुव, गैंद राम ध्रुव, मदन सिंह पोर्ते, भगवान सिंह ध्रुव, भानु ध्रुव, कमलेश ध्रुव के साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधी डॉ फारूकी, मोहन लाल वर्मा, मनसुख लाल जायसवाल, रवि अनंत, जगदीश तिवारी, सीताराम जायसवाल सहित समाज के सैकड़ों लोग और हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

X
समाज की नई पीढ़ी को शिक्षित करें उन्हें अपने अधिकार बताएं: ग्वाल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..