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जाओ कानून पढ़कर आओ, आदिवासी जमीन नहीं देगा

3 वर्ष पहले
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एनएमडीसी की स्लरी पाइप लाइन बिछाने की योजना का काम शुरू होने से पहले ही इसका विरोध हो गया है। मंगलवार को स्लरी पाइप लाइन के लिए सर्वे करने पहुंचे अफसरों को आदिवासियों का विरोध झेलना पड़ा। आदिवासी इस बात से नाराज है कि कुछ लोग मिलकर संविधान का मजाक बना रहा है और संविधान का पालन नहीं कर रहे हैं।

बस्तर में पेसा कानून लागू हैं और यहां पांचवीं अनुसूची क्षेत्र भी है। भारत के संविधान ने ऐसी व्यवस्था की है कि पेशा कानून, पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में प्रवेश से पहले या जाने से पहले पारंपरिक ग्राम सभा की अनुमति लेना अनिवार्य होता है लेकिन स्लरी पाइप लाइन के लिए भारतीय संविधान का पालन ही नहीं किया गया है और बिना अनुमति के ही सर्वे के लिए अफसर यहां आ गए हैं। ऐसे में पारंपरिक हथियारों के साथ सड़क पर उतर आए।

पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में प्रवेश से पहले या जाने से पहले पारंपरिक ग्रामसभा की अनुमति लेना अनिवार्य
भारतीय संविधान की रक्षा करने बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं भी पारंपरिक हथियारों के साथ सड़क पर उतरीं।

मंगलवार को मावलीभाटा (चीतापुर) में स्लरी पाइप लाइन के लिए सीमांकन शुरू कर दिया गया। ग्राम सभा के सदस्य एवं गणमान्य नागरिकों के द्वारा विधि के विरुद्ध सीमांकन करने आए अधिकारियों को वापस लौटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामसभा एवं क्षेत्र के लोग जमीन नहीं देना चाहते हैं तो हम उनके पक्ष में खड़े रहेंगे। विरोध को देखते हुए पुलिस भी पहुंची थी।

मावलीभाटा में मौके पर पहुंची पुलिस व स्थानीय अफसरों ने संभाला मोर्चा
जगदलपुर. स्लरी पाइप लाइन के विरोध में अफसरों से सवाल करते जनप्रतिनिधि व ग्रामीण।

अफसरों से आदिवासियों ने यह सवाल पूछे
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आपका शुभ नाम बताइए?

आप कौन से विभाग से हैं, आपके पद का नाम बताइए?

आप गांव में किससे पूछकर आए हो, यदि अनुमति ली है तो लिखित दस्तावेज दिखाइए?

क्या आपके द्वारा ग्रामसभा से अनुमति ली गई है यदि नहीं ली गई है तो लिखित दस्तावेज दिखाइए?

क्या आप भारतीय संविधान को मानते हो?

भारतीय संविधान को मानते हो तो संविधान के विपरीत क्यों काम कर रहे हो?

पेसा कानून, पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में प्रवेश से पहले या जाने से पहले पारंपरिक ग्रामसभा की अनुमति लेना अनिवार्य होता है। क्या आपके द्वारा अनुमति लिया गया है?

पूर्व में पारंपरिक ग्रामसभा के संकल्प प्रस्ताव के द्वारा स्लरी पाइप लाइन को जमीन नहीं देने प्रस्ताव पारित किया गया था, क्या आप ग्रामसभा को मानते हो या नहीं?

यदि आप लोग संविधान नहीं पढ़कर आए हैं तो भारतीय संविधान की धारा 244(1), 19(5),19(6),13(3) क को पढ़कर आइए। हम जमीन नहीं देंगे।

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