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आंध्र: गोदावरी नदी में डूबने से चार लोगों की मौत, छुट्टियां मनाने गए थे पोलावरम

शिवांगी को बचाने अनिकेत प्रयास करने लगा जब अनिकेत भी डूबने लगा तो जगदीश और मोहन राठी भी इन्हें बचाने में लग गए।

Bhaskar News | Last Modified - Apr 01, 2018, 06:49 AM IST

  • आंध्र: गोदावरी नदी में डूबने से चार लोगों की मौत, छुट्टियां मनाने गए थे पोलावरम

    जगदलपुर/कोटा/दोरनापाल.शहर के प्रतापगंजपारा में रहने वाले राठी परिवार के चार सदस्यों की मौत आंध्रप्रदेश के शिवगिरी के पास स्थित गोदावरी नदी में तेज बहाव में बहकर मौत हो गई है। पोलावरम पुलिस के अनुसार परिवार के सदस्यों में से किसी को तैरना नहीं आता था। ऐसे में परिवार के सदस्य नदी के किनारे ही नहा रहे थे। इसी बीच 25 वर्षीय शिवांगी का पैर फिसला और वह पानी में बहने लगी । इसके बाद शिवांगी को बचाने अनिकेत प्रयास करने लगा जब अनिकेत भी डूबने लगा तो जगदीश और मोहन राठी भी इन्हें बचाने में लग गए। इस दौरान चारों की डूबने से मौत हो गई।


    एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के बाद पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की जानकारी जगदलपुर में दोपहर दो बजे के करीब पहुंची इसके बाद लोगों का तांता प्रतापगंजपारा स्थिति राठी परिवार के मकान पर लग गया।


    शिवगिरी पानी के रास्ते बोट के जरिए पहुंचे रात में सुबह हो गया हादसा : राठी परिवार का दस सदस्य शुक्रवार की रात में ही शिवगिरी पहुंच गए थे। यहां पहुंचने के लिए परिवार ने राजमेंद्री से बोट का सहारा लिया था। पानी के रास्ते परिवार के सदस्य यहां पहुंचे थे। पोलावरम थाने के एएसआई श्रीहरि ने बताया कि रात कॉटेज में गुजारने के बाद सुबह-सुबह परिवार के सदस्यों ने नाश्ता भी यहीं किया था। इसके बाद सभी जलाशय की तरफ गए।


    पहले 6 सदस्य फिर चार और उतरे और हो गया हादसा : पोलावरम पुलिस के अनुसार सुबह नाश्ते के बाद परिवार के छह सदस्य नदी में नहा रहे थे और करीब चार सदस्य तैरना नहीं आने के चलते नदी के किनारे कम गहराई वाले स्थान पर ही नहा रहे थे। इसी बीच बाकी सदस्यों ने उनसे नदी में थोड़ी और गहराई में आने का आग्रह किया बार-बार किए गए आग्रह के बाद किनारे नहाने वाले सदस्य गहराई की तरफ बढ़े और फिर तेज बहाव में बह गए।


    परिवार के साथ हो रहे लगातार हादसे
    राठी परिवार के साथ पिछले एक दशक से लगातार हादसे हो रहे हैं। इस एक दशक में शनिवार को हुआ हादसा सबसे बड़ा था। इससे पहले वर्ष 2008 में राठी परिवार के चार सदस्य रायपुर से लौटने के दौरान सड़क हादसे में खत्म हो गए थे। इस हादसे में परिवार का सबसे बड़ा पुत्र चंद्रेश राठी मौत की आगोश में समा गया। इसके बाद वर्ष 2010 में परिवार संस्थान राठी एंड कंपनी में आग लग गई इस आगजनी में परिवार को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। यह आग बस्तर की सबसे बड़ी आग थी।


    एक घंटे की मशक्कत के बाद निकले शव
    राठी परिवार के चार सदस्यों के नदी में डूबने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और मछुवारे भी इन्हें बचाने नदी में कूदे लेकिन जब तक डूबे हुए लोगों की तलाश हो पाती तब तक काफी देर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि एक घंटे के बाद चारों के शव बरामद किए गए हैं।


    शिवांगी ने इंजीनियरिंग की है चाचा के साथ गई थी
    जलाशय में डूबने वाली शिवांगी राठी ने भिलाई के रूंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई की है। शिवांगी चाचा जगदीश राठी और मोहन राठी के साथ जलाशय घूमने गई थी। शिवानी के पिता मनोज राठी भाइयों में बड़े हैं।
    पिता-पुत्र दोनों डूब गए :जलाशय में जो चार लोग डूबे हैं उनमें से पिता-पुत्र भी शामिल हैं। मोहन राठी अनिकेत राठी के पिता थे। अब परिवार में सिर्फ अनिकेत की माता और एक बहन बची है।

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