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नक्सलियों को पता था डायवर्सन पर धीमी होगी एमपीवी, कर दिया धमाका

नक्सलियों ने इस पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा था और उन्हें पता था कि सड़क डायवर्ट होने पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी होगी।

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2018, 05:25 AM IST
Sukma Naxalite attack investigation

जगदलपुर/सुकमा. पालोदी में नया कैंप खोलने के बाद यहां जवानों की निगरानी में किस्टाराम से पालोदी तक सड़क निर्माण करवाया जा रहा है। इस पूरी सड़क पर करीब पांच छोटे पुल-पुलिया बनने हैं। इस मार्ग पर मिट्‌टी डालकर इसे चौड़ा करने के बाद किस्टाराम कैंप से तीन किमी दूर पुलिया का निर्माण शुरू किया गया था। पुलिया के लिए सड़क को किनारे से डायवर्ट किया गया था। नक्सलियों ने इस पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा था और उन्हें पता था कि सड़क डायवर्ट होने पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी होगी। इस बात का फायदा उठाते हुए नक्सलियों ने यहां एक बड़ी बारूदी सुरंग लगा रखी थी और वे मौके की तलाश में थे।


मंगलवार को जब सुकमा के एसपी अभिषेक मीणा और सीआरपीएफ के छुट्‌टी से लौटे जवान इस सड़क से गुजरे तो नक्सलियों ने एमपीवी को उड़ा दिया। बताया जा रहा है कि एमपीवी से पहले डीआरजी की बाइक पार्टी भी इस डायवर्सन से गुजरी थी लेकिन नक्सलियों ने उन्हें कुछ नहीं किया, नक्सली पहले से ही एमपीवी को उड़ाने के लिए यहां बैठे थे।


आईजी बोले-घटना के बाद भी हौसले बुलंद साथी जवान कर रहे हैं सर्चिंग

इधर घटना के दूसरे दिन आईजी विवेकानंद सिन्हा घटनास्थल पहुंचे। यहां घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद उन्होंने बताया कि 9 जवानों की शहादत के बाद भी सीआरपीएफ का हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद ही सीआरपीएफ के जवानों ने इलाके में सर्चिंग जारी रखी और मौके से कुछ गिरफ्तारियां भी की है।
जगदलपुर. पुलिया निर्माण के चलते यहां डायवर्सन बनाया गया है।


इस बार भी अफसरों की फौज पहुंची, जानकारी ली और लौट गए


बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे हेलिकॉप्टर से आंतरिक सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार, सीआरपीएफ के डीजी राजीव राय भटनागर, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव वीवीआर सुब्रह्मण्यम एवं डीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी किस्टाराम पहुंचे। बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्हा और एसपी अभिषेक मीणा से नक्सली हमले की पूरी जानकारी ली। कैंप में तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। विजय कुमार व सीआरपीएफ डीजी ने नक्सलियों के टीसीओसी के दौरान जवानों को अलर्ट रखने और जिले में तैनात विभिन्न सुरक्षाबलों व पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बनाकर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज करने की बात कही। शाम पांच बजे सभी अफसर वापस लौट आए। इस दौरान डीआईजी पी. सुंदरराज, सीआरपीएफ डीआईजी एलांगो, एएसपी नक्सल ऑपरेशन शलभ सिन्हा समेत पुलिस और सीआरपीएफ के आला अफसर मौजूद रहे। अफसरों ने घटना स्थल का मुआयना किया या नहीं इस बात की पुष्टि देर शाम तक नहीं हो पाई थी।


चार ऑटोमेटिक वैपन मिसिंग होने की खबर


धमाके के तुरंत बाद नक्सलियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरु कर दी। जवानों ने भी नक्सली गोलीबारी का जवाब दिया। लगभग आधे घंटे चली मुठभेड़ के बाद नक्सली पीछे हट गए। धमाके की आवाज किस्टाराम व पालोदी कैंप तक सुनाई दी, जिसके बाद जवान सतर्क हो गए। रोड ओपनिंग पर निकली सीआरपीएफ जवानों की टुकड़ी तुरंत मौके पर पहुंची। कुछ ही देर बाद एसपी अभिषेक मीणा और एएसपी शलभ सिन्हा पालोदी कैंप से डीआरजी जवानों की टुकड़ी के साथ मौके पर पहुंचे। नक्सली धमाके बाद जवानों के चार ऑटोमेटिक राइफल मिसिंग है। ऐसी आशंका जाहिर की जा रही है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने जवानों के हथियार लूट लिए होंगे। हथियार लूट की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जानकारों के मुताबिक ब्लास्ट के बाद जवानों के कुछ हथियार छिटककर दूर जा गिरे होंगे या फिर एमपीवी में ही फंसे होंगे।


एसपी के साथ चल रही एसटीएफ ने बैकअप दिया, नहीं तो बड़ा नुकसान हो सकता था


एमपीवी को ब्लास्ट कर उड़ाते ही आठ जवान शहीद हो गए थे लेकिन इस गाड़ी के साथ ही एसपी अभिषेक मीणा के साथ निकली एसटीएफ के जवानों की पार्टी साथ चल रही थी। विस्फोट के तुरंत बाद ही एसटीएफ के जवानों ने नक्सलियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ के जवानों की कार्रवाई को देखते हुए नक्सलियों को पीछे हटना पड़ा। यदि एसटीएफ के जवानों ने तुरंत फायरिंग शुरू नहीं की होती तो नक्सली जवानों के हथियार व अन्य सामान भी लूट लेते।


एक कहानी ये भी..छुट्‌टी से लौटते जवानों के पास हथियार नहीं थे


इधर किस्टाराम कैंप से खबरें आ रही हैं कि एमपीवी में सवार जवानों के पास हथियार ही मौजूद नहीं थे। कुछ जवानों का कहना है कि सभी जवान होली की छुट्‌टी से लौटे थे और इनके हथियार पालोदी कैंप में जमा थे। इसके अलावा मंगलवार को किस्टाराम में बाजार भरता है। ऐसे में जवान पहले बाजार से राशन और फल आदि खरीदकर सुबह एसपी के साथ पालोदी कैंप के लिए निकले थे।

थोड़ी देर के लिए पीछे हटे थे नक्सली फिर पहुंचे और एमपीवी में लगाई आग

किस्टाराम में सीआरपीएफ जवानों से भरी एमपीवी को ब्लास्ट करने के बाद नक्सली डरे नहीं हैं। ऐसा दावा किया जा रहा है कि ब्लास्ट के कुछ देर बाद नक्सली थोड़ी देर के लिए पीछे हटे थे लेकिन उन्होंने इस पूरे इलाके को छोड़ा नहीं था। जवानों के घटनास्थल से हटते ही नक्सली दोबारा मौके पर पहुंचे और एमपीवी को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि रात में नक्सलियों ने एमपीवी के आसपास सर्चिंग भी की है। हालांकि इस मामले में फोर्स की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है। बुधवार की सुबह जब घटनास्थल पर मीडिया कर्मियों का दल पहुंचा तब तक एमपीवी में से धुंआ उठ रहा था। ऐसे में माना जा रहा है कि रात में नक्सली दोबारा यहां पहुंचे थे। यह पूरा इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता है और इनका कोर क्षेत्र है। यहां इनकी पकड़ सबसे ज्यादा मजबूत है।

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